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'अनुष्का यादव के घर में जबरन घुसे तेज प्रताप..' भाई को हत्या की धमकी, कोर्ट के आदेश पर FIR

तेज प्रताप यादव पर अनुष्का यादव के घर में जबरन घुसने और परिवार को जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा है.

FIR Against Tej Pratap Yadav
तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : June 19, 2026 at 10:57 AM IST

7 Min Read
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पटना: बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव पर हत्या की धमकी देने का आरोप लगा है. कोर्ट के आदेश पर इसको लेकर तेज प्रताप और इनके सहयोगी मोतीलाल यादव के खिलाफ पटना के पाटलिपुत्र थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. इसके बाद पुलिस मामले की छानबीन में जुट गयी है.

पुलिस ने की पुष्टि: इसकी पुष्टि विधि-व्यवस्था एएसपी दिव्यांजली जायसवाल ने की है. पुलिस के मुताबिक छात्र राजद के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष आकाश यादव ने यह केस दर्ज कराया है. आकाश यादव तेज प्रताप की कथित गर्लफ्रेंड अनुष्का यादव के भाई हैं. पुलिस ने कहा कि आकाश यादव ने आरोपों के समर्थन में फोन कॉल की रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध कराई है, जिसमें उन्हें एक USA नंबर से हत्या की धमकी दी गयी है.

"आकाश यादव के आवेदन के आलोक में पाटलिपुत्र थाना में तेज प्रताप यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है. पुलिस मामले के हर पहलू की गहन जांच कर रही है और सत्यापन के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी." -दिव्यांजली जायसवाल, एएसपी, विधि-व्यवस्था

क्या है मामला?: दर्ज प्राथमिकी में आकाश यादव के अनुसार यह घटना 6 जून की है. आरोप है कि तेज प्रताप यादव अपने सहयोगी मोतीलाल यादव के साथ उनके पाटलिपुत्र स्थित आवास पर पहुंचे थे. उस समय आकाश यादव खुद खाटूश्याम यात्रा पर गए हुए थे. आरोप है कि इन दोनों लोगों ने जबरन उनके घर में घुसने का प्रयास किया और वहां मौजूद परिवार के सदस्यों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी.

FIR Against Tej Pratap Yadav
अनुष्का यादव के भाई आकाश यादव (Akash Yadav Social Media)

उज्जैनी के अपहरण की धमकी: आकाश यादव के द्वारा आरोप लगाया गया है कि तेज प्रताप यादव न ही सिर्फ जबरन घर में घुसे बल्कि धमकी भी दी. कहा कि अगर उनकी पत्नी अनुष्का यादव से नहीं मिलने दिया जाएगा तो अनुष्का की बेटी उज्जैनी का अपहरण करा लिया जाएगा. साथ ही गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी.

कुख्यात गैंग से दिलाई धमकी: आकाश यादव ने आरोप लगाया है कि इस घटना के बाद मोबाइल पर मोतीलाल यादव का फोन आया, जिसमें उन्हें धमकी दी गयी. इसके कुछ ही देर बाद एक अज्ञात नंबर से भी कॉल आया. फोन करने वाले ने अपना नाम मोहित बताया और खुद को एक कुख्यात गैंग का सदस्य होने का दावा किया. आकाश यादव के अनुसार कॉल करने वाले व्यक्ति ने चेतावनी दी कि पूर्व मंत्री के खिलाफ कुछ भी बोलना भारी पड़ेगा. कॉल के लिए USA नंबर का इस्तेमाल किया गया था.

तेज प्रताप यादव का पलटवार: मामले पर पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने आरोपों को पूरी तरह से बेबुनियाद, भ्रामक और तथ्यहीन बताते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से प्रेरित कदम करार दिया है. तेज प्रताप ने स्पष्ट किया है कि उनके खिलाफ दर्ज कराया गया मामला पूरी तरह मनगढ़ंत है और यह उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा तथा वर्षों से अर्जित जनविश्वास को ठेस पहुंचाने की साजिश है.

बदला लेने के लिए रची गई कहानी: तेज प्रताप यादव ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस व्यक्ति को उसके अभद्र, अपमानजनक और असामाजिक व्यवहार के संबंध में पहले ही विधिवत कानूनी नोटिस भेजा गया था, उसने अपनी गलती मानने या खेद व्यक्त करने के बजाय एफआईआर का रास्ता चुना. आरोप है कि पीड़ित ने प्रतिशोध की भावना से प्रेरित होकर यह झूठी प्राथमिकी दर्ज कराने का प्रयास किया है.

न्यायपालिका पर पूरा भरोसा: तेज प्रताप यादव ने साफ तौर पर कहा कि उन्हें देश की न्यायपालिका, कानून और संवैधानिक संस्थाओं पर पूरा विश्वास है. सही तथ्य और पुख्ता सबूत समय के साथ खुद सामने आ जाएंगे और इस पूरे मामले में बुने गए हर एक झूठ का पर्दाफाश होकर रहेगा. सत्य को किसी भी बाहरी प्रमाण की आवश्यकता नहीं होती, जबकि झूठ को टिकने के लिए बार-बार सहारे ढूंढने पड़ते हैं. वह अपनी छवि बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ अदालत के माध्यम से कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे.

किसी दबाव में नहीं आएंगे तेज प्रताप: अपने बयान के अंत में पूर्व मंत्री ने स्पष्ट किया है कि कानून का दुरुपयोग कर झूठी कहानियां गढ़ना न केवल न्याय व्यवस्था का अपमान है, बल्कि सत्य और नैतिकता पर भी सीधा प्रहार है. वह न तो किसी भी प्रकार के दबाव में आने वाले हैं, और न ही ऐसे झूठे आरोपों और दुष्प्रचार से विचलित होंगे. उनकी राजनीतिक और सामाजिक प्रतिबद्धता हमेशा सत्य, न्याय और जनता के विश्वास के प्रति रही है, जिसकी रक्षा के लिए वह हर संभव वैधानिक कदम उठाने के लिए तैयार हैं.

तेज प्रताप ने भेजा था नोटिस: तेज प्रताप यादव ने बताया कि बीते दिनों आकाश यादव ने शराब के नशे में तेज प्रताप यादव के साथ गाली-गलौज की थी. इसको लेकर तेज प्रताप ने आकाश यादव को कानूनी नोटिस भी भेजा था, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि आकाश ने शराब के नशे में बार-बार फोन कर बेहद अभद्र, अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया था. जान से मारने की धमकी भी दी. मेरे नोटिस का बदला लेने के लिए यह साजिश रची गयी है.

क्या है अनुष्का प्रकरण?: बता दें कि पिछले साल तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाला था, जिसमें वे अनुष्का शर्मा के साथ दिख रहे हैं. उन्होंने लिखा था कि वे 12 साल से एक-दूसरे के साथ रिलेशन में हैं. जबकि तेज प्रताप की शादी पूर्व मंत्री चंद्रिका यादव की बेटी ऐश्वर्या राय से 12 मई 2018 में हुई थी. तेज प्रताप यादव के इस पोस्ट को लेकर खूब बवाल मचा.

FIR Against Tej Pratap Yadav
तेज प्रताप यादव का पुराना पोस्ट (ETV Bharat File)

अनुष्का विवाद के बाद परिवार से निष्कासित: हालांकि पोस्ट सामने आने के बाद तेज प्रताप ने उसे डिलीट कर दिया था और सफाई दी थी कि उनका सोशल मीडिया अकाउंट हैक कर लिया गया था. तेज प्रताप यादव को लेकर खूब राजनीति हुई और सत्ता पक्ष के नेताओं ने लालू के संस्कारों पर सवाल उठाया था. इसके बाद लालू यादव ने तेज प्रताप यादव को पार्टी और परिवार दोनों से निष्कासित कर दिया था. इसके बाद तेज प्रताप यादव अलग रहने लगे और अलग पार्टी बनायी.

अनुष्का ने बेटी को दिया जन्म: इसके बाद अनुष्का यादव प्रेग्नेंट हुई थीं. फरवरी 2026 में उन्होंने एक बेटी उज्जैनी को जन्म दिया. हालांकि इस मामले में तेज प्रताप यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि अनुष्का यादव की बेटी से उनका कोई निजी संबंध नहीं है. हालांकि बच्ची के जन्म से पहले जून 2025 में तेज प्रताप अनुष्का यादव से मिलने के लिए उनके घर गए थे और मीडिया से कहा था कि उनका पारिवारिक रिश्ता रहा है.

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