पश्चिम बंगाल में SIR शेड्यूल में बदलाव, 28 फरवरी को पब्लिश होगी फाइनल वोटर लिस्ट
एसआईआर प्रक्रिया पर अपडेट देते हुए पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि करीब 1.39 करोड़ मामलों में सुनवाई पूरी हो चुकी है.

Published : February 10, 2026 at 6:02 PM IST
|Updated : February 10, 2026 at 10:52 PM IST
नई दिल्ली/ कोलकाता: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के लिए शेड्यूल में बदलाव किया है. आयोग ने कहा कि उसने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार शेड्यूल बदला है.
आयोग के सचिव पवन दीवान ने इस संबंध में पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) को एक पत्र लिखा है. जिसमें सुप्रीम कोर्ट के 9 फरवरी 2026 के आदेश और पश्चिम बंगाल के लिए जुड़े मामलों को सख्ती से पालन करने का जिक्र है. पत्र में लिखा है, "सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक, आयोग ने पश्चिम बंगाल में चल रहे SIR के प्रोग्राम को बदलने का फैसला किया है."
चुनाव आयोग के बदले हुए शेड्यूल के मुताबिक, नोटिस की सुनवाई 14 फरवरी तक होगी, जबकि दस्तावेजों की जांच और उनका निपटारा 21 फरवरी तक होगा. चुनाव आयोग के मुताबिक, पोलिंग स्टेशनों को 25 फरवरी तक ठीक किया जाना चाहिए. मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 28 फरवरी को होगा.
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान प्रभावित लोगों द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों की जांच की डेडलाइन 14 फरवरी से एक हफ्ते आगे बढ़ा दी थी, क्योंकि इस प्रक्रिया में कुछ समय लग सकता है. यह प्रक्रिया मतदाता पंजीकरण अधिकारियों (EROs) को सही फैसले लेने में मदद करने के लिए है.
इससे पहले, पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि फाइनल वोटर लिस्ट इस महीने के आखिर तक जारी करने की कोशिश की जा रही है. अग्रवाल ने बताया, "फाइनल वोटर लिस्ट 21 फरवरी से पहले प्रकाशित नहीं होगी. हम इसे 28 फरवरी तक प्रकाशित करने की कोशिश करेंगे."
एसआईआर प्रक्रिया पर अपडेट देते हुए उन्होंने कहा कि करीब 1.39 करोड़ मामलों में सुनवाई पूरी हो चुकी है, जबकि करीब 1.06 करोड़ मामलों में दस्तावेज अपलोड कर दिए गए हैं. अग्रवाल ने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने चुनाव से जुड़े कामों के लिए 8,505 ग्रुप-बी अधिकारियों के नाम दिए हैं.
उन्होंने सोमवार को कहा, "वे कल (मंगलवार) से अपने कार्य में लगेंगे. दो दिन की ट्रेनिंग के बाद, नए माइक्रो-ऑब्जर्वर को पांच से सात दिन में उनके लॉग-इन क्रेडेंशियल (आईडी और पासवर्ड) मिल जाएंगे."
शिकायत के निपटारे पर CEO ने कहा, "फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश होने के बाद, अगर किसी वोटर का नाम नहीं आता है, तो वे पांच दिनों के अंदर जिला चुनाव अधिकारी (DEO) के पास आवेदन कर सकते हैं. अगर DEO आवेदन का निपटारा नहीं करते हैं, तो वोटर अगले पांच दिनों के अंदर राज्य CEO ( मुख्य निर्वाचन अधिकारी) से संपर्क कर सकते हैं."
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