बिहार में जहरीली शराब से पिता की मौत, बेटे की आंखों की रोशनी गई
साल 2026 का यह पहला मामला है, जब बिहार में जहरीली शराब से एक परिवार तबाह हो गया है. पढ़ें

Published : January 8, 2026 at 12:03 PM IST
समस्तीपुर: बिहार के समस्तीपुर जिले में नए साल की शुरुआत के साथ ही जहरीली शराब ने एक परिवार को तबाह कर दिया है. मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के बखरी बुजुर्ग गांव में बालेश्वर साह (60 वर्ष) व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि उसके बेटे की दोनों आंखों की रौशनी चली गई.
बिहार में जहरीली शराब से मौत: मृतक के बेटे बबलू कुमार साह (30 वर्ष) ने बताया कि, एक जनवरी को गांव में ही शराब मिल रहा था, धंधेबाज बगल में बेच रहा था. मैंने सोचा पड़ोस का है तो अच्छा ही शराब मिलेगा. तीन बोतल खरीदी थी. एक बोतल पिताजी को दिया, पीने के बाद पिताजी की तबीयत बिगड़ने लगी.

''मैंने भी पिया था. बगल में झोलाछाप वाले डॉक्टर से उनको दिखाया था. सुधार नहीं हुआ तो समस्तीपुर में एक अस्पताल में भर्ती किया.रात में मैं घर लौट आया. सुबह मेरी भी तबीयत बिगड़ गई. डॉक्टर को दिखाया, उसने दवा दिया. लेकिन तबीयत ज्यादा खराब हुई तो अस्पताल में भर्ती हो गया.'' - बबलू कुमार साह, मृतक का बेटा
'मेरे दोनों आंखों की रोशनी चली गई' : बबलू कुमार साह ने आगे बताया कि, मेरे दोनों आंखों से दिखाई देना बंद हो गया था. इस बीच मेरे पिताजी की मौत हो गई. मैं उनकी लाश को कंधा भी नहीं दे सका. मेरी तबीयत फिर बिगड़ गई. मुझे घरवाले पटना ले गए. वहां डॉक्टरों ने कहा कि मेरी दोनों आंखों की रोशनी चली गई.
'धंधेबाज अरविंद कुमार ने दी थी शराब': बबलू कुमार साह की पत्नी ने कहा कि, ''मेरे पति दुकान ने छुप कर दुकान में शराब पी थी. मुझे पता होता तो मैं इन्हें शराब नहीं पीने देता. शराब धंधेबाज अरविंद कुमार खुलेआम शराब बेचता है. जो शराब इन्होंने (पति) पी थी, वो 6 महीने पहले ही एक्सपायर हो चुकी थी. यहां तो हर जगह शराब मिलता है. कोई रोकने टोकने वाला नहीं है.''

पीड़ित परिवार ने दर्ज काराई शिकायत: एक मौत के बाद पीड़ित परिवार ने मुसरीघरारी पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई है. परिजनों ने आरोप लगाया कि अवैध शराब की सप्लाई से यह हादसा हुआ और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
घटनास्थल पर पहुंचे एसडीपीओ: सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ संजय कुमार पांडे और सदर एसडीओ दिलीप कुमार मौके पर पहुंचे. उन्होंने परिवार से मुलाकात की और स्थिति का आकलन किया. उन्होंने कहा कि शव का पोस्टमार्टम करवाया गया और विसरा को फॉरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रखा है. सूचना मिलने पर कार्रवाई की जा रही है.

''मामले की गहन जांच की जा रही है. फॉरेंसिक टीम से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं. जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी." - संजय कुमार पांडे, सदर एसडीपीओ
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच: अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट होंगे. फॉरेंसिक टीम को घटनास्थल पर बुलाया गया है, जहां साक्ष्यों का वैज्ञानिक तरीके से संकलन किया जा रहा है. पुलिस ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है.
शराब धंधेबाज की तलाश में जुटी पुलिस: समस्तीपुर एसपी ने बताया कि ''पीड़ित परिवार के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है. धंधेबाज की तलाश में छापेमारी की जा रही है. वहीं मामले की जांच के लिए एशएसएल टीम गठित कर दी गई है. रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.''

जागरूकता अभियान की घोषणा: प्रशासन ने स्थानीय स्तर पर जहरीली शराब के खतरे के प्रति लोगों को जागरूक करने का अभियान शुरू करने की योजना बनाई है. अंचलाधिकारी और अन्य अधिकारी ग्रामीणों को अवैध शराब के दुष्परिणामों से अवगत कराएंगे.
मुसरीघरारी थाना क्षेत्र अंतर्गत हुई घटित घटना में पुलिस अधीक्षक महोदय, समस्तीपुर एवं अपर पुलिस अधीक्षक-सह-अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर एवं अन्य पुलिस / प्रशासनिक पदाधिकारी द्वारा किया गया निरीक्षण...@bihar_police@ANI#samastipurpolice #samastipur #Bihar pic.twitter.com/Gb28FVRlAD
— Samastipur Police (@Samastipur_Pol) January 7, 2026
2016 से बिहार में शराबबंदी लागू: यह घटना ने बिहार की शराबबंदी व्यवस्था पर फिर से बहस छेड़ दी है. सरकार के दावों के बावजूद जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े हो गए हैं. नीतीश कुमार ने अप्रैल 2016 में ही शराबबंदी लाई थी, जिसके बाद से राज्य में शराब के निर्माण और व्यापार पर पूरी तर रोक लग गया था. हालांकि इसके बावजूद बिहार में जहरीली शराब से मौतें और शराब तस्करी जारी है.
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