किसानों का दिल्ली कूच: छावनी में तब्दील खनौरी बॉर्डर, पुलिस ने कंक्रीट के बैरिकेड्स लगाए, वाटर कैनन तैनात
51 किसानों के जत्थे के साथ आज करीब 200 किसान पैदल मार्च करेंगे. जींद के खनौरी-दाता सिंहवाला बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी.

Published : August 16, 2026 at 1:04 PM IST
जींद: आज 51 किसानों के जत्थे के साथ करीब 200 किसान पैदल मार्च करेंगे. 29 अगस्त तक किसानों का जंतर-मंतर तक पहुंचने का कार्यक्रम है. किसानों के मार्च की कॉल के बाद खनौरी-दाता सिंहवाला बॉर्डर पर जींद जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. किसान संगठनों के दिल्ली कूच को देखते हुए नरवाना नहर पुल से लेकर बॉर्डर क्षेत्र तक पुलिस की भारी तैनाती की गई है.
किसानों का पैदल मार्च: प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग करने के साथ सुरक्षा के अन्य इंतजाम भी किए गए हैं. गैर-एसकेएम किसान संगठनों की ओर से निकाले जा रहे इस पैदल मार्च का नेतृत्व किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल कर रहे हैं. किसान संगठनों के अनुसार, मार्च में 51 मुख्य किसान शामिल होंगे, जबकि उनके साथ करीब 200 अन्य किसान भी पैदल दिल्ली की ओर कूच करेंगे. किसानों का 29 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचने का कार्यक्रम प्रस्तावित है. यात्रा को लेकर प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी शुरू कर दी है.
नरवाना नहर पुल पर कड़ी निगरानी, भारी पुलिस बल तैनात: किसानों के पैदल मार्च को देखते हुए नरवाना नहर पुल के पास भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. कंक्रीट के मजबूत बैरिकेड्स लगाए गए हैं. इसके अलावा वाटर कैनन और वज्र वाहन भी तैनात किए गए हैं. पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा ना हो. प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सभी जरूरी तैयारियां पूरी की जा रही हैं. बॉर्डर क्षेत्र और आसपास के रास्तों पर भी निगरानी बढ़ाई गई है. पुलिस अधिकारियों द्वारा तैनात कर्मचारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं.
शुभकरण की स्मृति में मार्च, कई मुद्दे उठाने की तैयारी: किसान नेताओं के अनुसार, ये पैदल यात्रा आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसान शुभकरण की स्मृति में निकाली जा रही है. मार्च के दौरान किसानों की लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाया जाएगा. इसके अलावा भारत-अमेरिका ट्रेड डील को रद्द करने समेत अन्य मुद्दों को लेकर भी किसान अपनी आवाज बुलंद करेंगे. किसान संगठनों की ओर से दिल्ली तक पैदल मार्च की तैयारी के बीच प्रशासन और पुलिस के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती है. यही वजह है कि नरवाना नहर पुल और खनौरी बॉर्डर क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं.
किसानों और प्रशासन में बातचीत : जींद में दाता सिंह बॉर्डर पर किसानों और प्रशासन के बीच बातचीत हुई है. प्रशासन द्वारा बनाए गए तंबू में ये बातचीत हुई है. काका सिंह कोटड़ा राज्य सचिव बीकेयू एकता सिदुपुर की अध्यक्षता में 6 किसान नेताओं की जीन्द प्रशासन से बातचीत हुई है.

