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उत्तराखंड में किसानों ने सड़क पर लगाया लंगर, चार सूत्रीय मांगों को लेकर हल्ला बोल

रुद्रपुर में किसान अपनी मांगों को लेकर बैरिकेडिंग तोड़कर कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े. इसके बाद वे धरने पर बैठ गये हैं.

FARMER PROTEST IN RUDRAPUR
रुद्रपुर में किसानों का प्रदर्शन (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : August 21, 2026 at 3:25 PM IST

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रुद्रपुर: उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर में भारतीय किसान यूनियन के सैकड़ों पदाधिकारी और किसानों ने अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर जोरदार धरना शुरू कर दिया है. किसानों ने पहले बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया. जिसके बाद पुलिस-प्रशासन ने दूसरी बैरिकेडिंग पर भारी पुलिस बल तैनात कर उसे और मजबूत कर दिया. किसान वहीं सड़क पर दरी बिछाकर बैठ गए. जहां किसानों ने लंगर लगाकर सामूहिक रूप से खाना खाया. किसानों का कहना है कि 21, 22 और 23 अगस्त तक तीन दिवसीय धरना जारी रहेगा.

भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों और सैकड़ों किसानों ने अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पर मोर्चा खोल दिया है. शुक्रवार को बड़ी संख्या में किसान कलेक्ट्रेट परिसर के गेट की ओर पहुंचे. किसानों ने पहली बैरिकेडिंग को तोड़ते हुए आगे बढ़कर दूसरी बैरिकेडिंग तक पहुंच बनाई. स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की टीम ने तत्काल दूसरी बैरिकेडिंग पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया. सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया.

दूसरी बैरिकेडिंग के पास पहुंचने के बाद किसानों ने वहीं धरना शुरू कर दिया. किसानों ने सड़क पर दरी बिछाई और सैकड़ों की संख्या में एक साथ बैठकर प्रदर्शन किया. धरना स्थल पर किसानों की ओर से लंगर भी लगाया गया, जहां सभी किसानों ने एक साथ बैठकर भोजन किया. किसानों का कहना है कि उनका यह आंदोलन केवल कुछ घंटों का नहीं, बल्कि तीन दिन तक चलेगा.

किसान नेताओं के मुताबिक 21, 22 और 23 अगस्त तक कलेक्ट्रेट गेट के बाहर धरना जारी रहेगा. किसानों ने साफ कहा कि आंदोलन के दौरान गेट के बाहर ही भोजन तैयार किया जाएगा. वहीं बैठकर खाना खाया जाएगा. जरूरत पड़ने पर किसान रात में भी धरना स्थल पर ही रुकेंगे.

उत्तराखंड में किसानों ने सड़क पर लगाया लंगर (ETV Bharat)

भारतीय किसान यूनियन ने सरकार और प्रशासन के सामने चार प्रमुख मांगें रखी हैं. किसानों की मांग है कि उत्तराखंड ऊर्जा प्रदेश होने के कारण घरेलू उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक बिजली मुफ्त दी जाए. इसके अलावा किसानों के ट्यूबवेल की बिजली माफ करने की मांग उठाई गई है.

किसानों की तीसरी प्रमुख मांग बाजपुर के 20 गांवों की जमीन का मालिकाना हक ग्रामीणों को देने से जुड़ी है. वहीं चौथी मांग पेंशन बहाली को लेकर है. किसान नेताओं का कहना है कि इन मांगों को लेकर लंबे समय से आवाज उठाई जा रही है, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें धरने का रास्ता अपनाना पड़ा.

धरने को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है. प्रशासन की ओर से किसानों से बातचीत और स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं. फिलहाल किसान अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं. तीन दिवसीय धरना जारी रखने की बात कह रहे हैं.

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