उत्तराखंड THDC टनल हादसा, मृतक मजदूरों के परिजनों को मिलेंगे ₹45-45 लाख, घायलों को भी 3.50 का मुआवजा
उत्तराखंड चमोली THDC टनल हादसे से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है. मृतक आश्रितों के मुआवजे का रास्ता साफ हो गया.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : August 21, 2026 at 9:57 PM IST
चमोली: पीपलकोटी-विष्णुगाड़ जल विद्युत परियोजना (VPHEP) की निर्माणाधीन टेल रेस टनल (TRT) में 13 अगस्त को हुए दर्दनाक हादसे के बाद प्रभावित श्रमिकों और उनके परिजनों को आर्थिक सहायता देने पर सहमति बन गई है. इसके बाद मृतकों के परिजनों को जहां 45-45 लाख रुपए की आर्थिक मदद दी जाएगी, तो वहीं घायलों को 3.50 लाख रुपए का मुआवजा मिलेगा.
दरअसल, शुक्रवार 21 अगस्त को उप जिलाधिकारी चमोली राज कुमार पांडेय की अध्यक्षता में टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड (THDCIL), हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी (HCC) और हिंदुस्तान जल विद्युत परियोजना निर्माण श्रमिक संघ के प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता हुई थी. इस वार्ता में मृत श्रमिकों के आश्रितों और घायल श्रमिकों के लिए सहायता राशि तय की गई.

पानी और मलबा घुसने से हुआ था हादसा: 13 अगस्त 2026 की शाम मायापुर-पीपलकोटी क्षेत्र में विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टनल में अचानक भूस्खलन और पानी का रिसाव हुआ था, जिससे पानी के साथ भारी मात्रा में मलबा टनल के अंदर पहुंच गया. हादसे के समय टनल में 22 मजदूर काम कर रहे थे. हादसे के तुरंत बाद एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस समेत अन्य बचाव दलों ने मोर्चा संभाला.
लगातार कई दिनों तक चले रेस्क्यू अभियान में मलबा हटाकर श्रमिकों को बाहर निकालने का काम किया गया. करीब 117 घंटे चले अभियान के बाद सभी प्रभावित श्रमिकों को बाहर निकाल लिया गया. हादसे में 10 श्रमिकों की मौत हुई, जबकि 12 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. मृतकों के परिजनों और घायलों को मुआवजा देने को लेकर शुक्रवार को वार्ता हुई थी.

मृतकों के परिवार को 45 लाख, घायल को 3.50 लाख: 21 अगस्त को हुई वार्ता में विभिन्न स्रोतों से मिलने वाली सहायता और अनुग्रह राशि को शामिल करते हुए प्रत्येक मृत श्रमिक के संबंधित आश्रित को लगभग 45 लाख रुपये की सहायता राशि देने पर सहमति बनी. इसके साथ ही प्रत्येक घायल श्रमिक को कुल 3.50 लाख रुपए की अनुग्रह राशि दिए जाने का निर्णय लिया गया.
बैठक में स्पष्ट किया गया कि मृत श्रमिक के आश्रित को मिलने वाली 45 लाख रुपये की राशि में टीएचडीसीआईएल की ओर से 11.50 लाख रुपए, एचसीसी की ओर से 11.50 लाख रुपए शामिल हैं. इसके अलावा राज्य सरकार, केंद्र सरकार व श्रमिक मुआवजा आदि के तहत मिलने वाली अन्य अनुमन्य सहायता राशि भी इसमें शामिल होगी.

दस्तावेज पूरे होते ही खाते में पहुंचेगी राशि: बैठक में यह भी तय किया गया कि मृत श्रमिकों के आश्रितों और घायल श्रमिकों से संबंधित आवश्यक दस्तावेज प्राप्त होने, उनके सत्यापन और औपचारिकताएं पूरी होने के बाद एक सप्ताह के भीतर निर्धारित सहायता राशि संबंधित लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित करने की कार्रवाई की जाएगी. वार्ता में श्रमिक संघ की ओर से दुर्घटना से प्रभावित श्रमिकों और उनके परिवारों को सम्मानजनक व समुचित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग प्रमुखता से रखी गई थी. विचार-विमर्श के बाद सहायता राशि को लेकर सहमति बनी.
निर्माण कार्य में सहयोग का आश्वासन: बैठक सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक माहौल में संपन्न हुई. वार्ता के दौरान श्रमिक संघ के प्रतिनिधियों ने परियोजना के निर्माण कार्य में अपना पूर्ण सहयोग जारी रखने और कार्यों को दोबारा शुरू करने में सहयोग देने पर भी सहमति जताई.
बैठक में टीएचडीसीआईएल की ओर से अधिशासी निदेशक (वीपीएचईपी) अजय वर्मा, महाप्रबंधक रविंद्र सिंह राणा, अपर महाप्रबंधक शंभू प्रसाद डोभाल और वरिष्ठ प्रबंधक वीरेंद्र दत्त भट्ट मौजूद रहे. एचसीसी की ओर से प्रोजेक्ट मैनेजर विनोद कुमार, अधिशासी अभियंता विनय कुमार उपाध्याय और वरिष्ठ प्रबंधक गौतम विश्वास शामिल हुए.
हिंदुस्तान जल विद्युत परियोजना निर्माण श्रमिक संघ की ओर से महासचिव सोहन कुमार, उपाध्यक्ष गोपाल सिंह नेगी, कार्यालय सचिव समीर शाह, सह-सचिव सूरज कुमार, संगठन मंत्री जितेंद्र कुमार, कोषाध्यक्ष पवन खंडूड़ी, सदस्य संदीप सिंह नेगी, विजय सिंह नेगी, लोकेंद्र सिंह और बद्रीलाल वार्ता में शामिल रहे. बैठक की अध्यक्षता उप जिलाधिकारी चमोली राज कुमार पांडेय ने की. इस समझौते से हादसे में जान गंवाने वाले 10 श्रमिकों के परिवारों और घायल श्रमिकों को आर्थिक राहत मिलने का रास्ता साफ हो गया है.
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