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उत्तराखंड में भारी रहेंगे अगले 24 घंटे, 7 जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट, अभी भी 195 सड़कें बंद

उत्तराखंड में हो रही झमाझम बारिश, अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी, काशीपुर में सबसे ज्यादा बारिश रिकॉर्ड, अभी ऐसी है स्थिति

HEAVY RAIN ALERT IN UTTARAKHAND
बारिश का अलर्ट (फोटो- ETV Bharat GFX)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : July 9, 2026 at 3:36 PM IST

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Updated : July 9, 2026 at 3:41 PM IST

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देहरादून: उत्तराखंड में अगले 24 घंटे बेहद संवेदनशील रहने वाले हैं. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने 7 जिलों के लिए अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है. वहीं, अब तक काशीपुर में सबसे ज्यादा 206 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है. जबकि, कई स्थानों पर सड़क, बिजली और नदी कटाव की समस्याएं बढ़ीं है. इसके अलावा प्रदेश में अभी भी 195 सड़कें बाधित चल रही हैं.

उत्तराखंड में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है. इसका असर प्रदेश के ज्यादातर जिलों में दिखाई देने लगा है. पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में औसतन 52.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है. जबकि, कई स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश रिकॉर्ड हुई है. लगातार हो रही बारिश के कारण प्रदेशभर में 195 सड़कें बंद हैं. कई जिलों में बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई है.

HEAVY RAIN ALERT IN UTTARAKHAND
अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट (फोटो सोर्स- NDMA)

उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट: कुछ स्थानों पर नदी कटाव और भूस्खलन जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं. इस बीच राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के सचेत एप पर उत्तराखंड के लिए 'Extremely Heavy Rain Alert' यानी अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जिससे प्रशासन की चिंता और बढ़ गई है.

इस अलर्ट में अगले 24 घंटों के दौरान देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, उधम सिंह नगर, नैनीताल और चंपावत जिलों के कुछ क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी और कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई गई है. अलर्ट के मुताबिक, संवेदनशील इलाकों में अचानक जलभराव, भूस्खलन, मलबा आने और छोटे नालों के उफान जैसी स्थितियां बन सकती हैं.

उधम सिंह नगर जिले में सबसे ज्यादा बारिश रिकॉर्ड: प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है. राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश में मानसून गतिविधि फिलहाल बेहद सक्रिय बनी हुई है. मौसम विभाग के आंकड़ों की मानें तो बीते 24 घंटों में सबसे ज्यादा बारिश उधम सिंह नगर जिले में दर्ज की गई.

काशीपुर में 206 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई, जो राज्य में सर्वाधिक रही. इसके अलावा जसपुर में 190 मिमी, लक्सर में 180 मिमी, कोटद्वार में 160 मिमी, हरिद्वार में 122 मिमी, रुड़की में 160 मिमी, धौलछीना में 124.4 मिमी, नैनीताल में 119 मिमी, बेतालघाट में 118.5 मिमी और नई टिहरी में 115 मिमी से ज्यादा बारिश दर्ज की गई. कई अन्य स्थानों पर भी 80 से 100 मिमी के बीच बारिश रिकॉर्ड की गई है.

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यमुनोत्री हाईवे बाधित (फोटो सोर्स- Local Administration)

उत्तराखंड में 195 सड़कें अब भी बंद, बहाली पर ₹58 करोड़ से ज्यादा का अनुमान: लोक निर्माण विभाग (PWD) के रोड क्लोजर डैशबोर्ड के मुताबिक, 9 जुलाई 2026 तक उत्तराखंड में कुल 885 सड़कें प्रभावित हुई हैं, जिनमें से 195 सड़कें अभी भी पूरी तरह बंद हैं. जबकि, 680 सड़कें यातायात के लिए खोल दी गई हैं.

सबसे ज्यादा 143 सड़कें पौड़ी जिले में बंद हैं और पीएमजीएसवाई की 326 सड़कें सबसे ज्यादा प्रभावित श्रेणी में हैं. विभागीय आंकड़ों के अनुसार 70 सड़कें निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद भी नहीं खुल पाई हैं. सड़कों की बहाली के लिए करीब ₹5805.33 लाख (58.05 करोड़ रुपए) की आवश्यकता आंकी गई है.

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बरसात के दौरान बरतें ये सावधानियां (फोटो- ETV Bharat GFX)

बारिश के बीच कई जिलों से घटनाओं की सूचनाएं भी सामने आई हैं. हरिद्वार जिले में मायापुर क्षेत्र स्थित कोल्हाकर्मी श्मशान घाट के पीछे पहाड़ी से पत्थर गिरने की सूचना मिलने पर एसडीआरएफ, पुलिस और फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंची. प्रारंभिक सूचना में चार लोगों के फंसे होने की आशंका जताई गई थी, लेकिन रेस्क्यू टीम ने सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया.

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बरसात में रहें सावधान (फोटो- ETV Bharat GFX)
  • रुद्रप्रयाग जिले में अत्यधिक बारिश के कारण अगस्त्यमुनि क्षेत्र के भुनका गांव में एक गौशाला क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे दो पशुओं की मौत हो गई. जिले में 9 ग्रामीण सड़कें बंद हैं. हालांकि, बदरीनाथ और केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग फिलहाल यातायात के लिए खुले हुए हैं.
  • उत्तरकाशी जिले में भागीरथी नदी के कटाव ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है. हर्षिल क्षेत्र में नदी के लगातार कटाव किए जाने के बाद सुरक्षा कार्य तेज कर दिए गए हैं. प्रशासन ने लगभग 105 मीटर लंबाई में बोल्डर और मलबा डालकर सुरक्षा कार्य शुरू किया है. प्रभावित क्षेत्र के तीन परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. वहीं, यमुनोत्री हाईवे भी स्यानाचट्टी के पास लगातार भूस्खलन के कारण बीच-बीच में अवरुद्ध हो रहा है.
  • चमोली जिले में भी बारिश का व्यापक असर देखने को मिल रहा है. जिले में 15 ग्रामीण सड़कें बंद हैं और कई स्थानों पर बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिससे करीब 20 गांवों में विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई है. ऊर्जा निगम की टीमें बिजली बहाल करने में जुटी हुई हैं. हालांकि, राहत की बात ये है कि ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग, जोशीमठ-मलारी-नीति मार्ग और गोपेश्वर-मंडल-चोपता मार्ग यातायात के लिए खुले हुए हैं.
  • नैनीताल जिले में पांच राज्य मार्ग और 18 ग्रामीण सड़कें बंद हैं. जिले के नौकुचियाताल और देचौरी क्षेत्र में बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई है. पौड़ी जिले में भी पांच ग्रामीण सड़कें बंद हैं और कुछ क्षेत्रों में बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त होने के कारण विद्युत आपूर्ति बाधित हुई है.
  • उधम सिंह नगर जिले में रिकॉर्ड बारिश के बावजूद प्रमुख मार्गों पर यातायात सामान्य बताया गया है. हालांकि, प्रशासन ने निचले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं.
  • टिहरी में नगुण के पास ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे NH 34 बंद है. पिछले 12 घंटे से हाईवे बाधित है.

नदियों का बड़ा जलस्तर, चारधाम यात्रा की रफ्तार थमी: प्रदेश की प्रमुख नदियों का जलस्तर भी बढ़ा है, लेकिन फिलहाल सभी नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं. हरिद्वार में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 294 मीटर के मुकाबले लगभग 291 मीटर दर्ज किया गया है. इसी प्रकार अलकनंदा, मंदाकिनी, सरयू, गोमती और काली नदी का जलस्तर भी चेतावनी स्तर से नीचे बना हुआ है. हालांकि, लगातार बारिश को देखते हुए जल संसाधन और आपदा प्रबंधन विभाग निगरानी बनाए हुए हैं. इस बीच चारधाम यात्रा भी जारी है.

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सड़क पर आया मलबा (फोटो सोर्स- Local Administration)

चारधाम और हेमकुंड में यात्रियों की संख्या: राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, बदरीनाथ धाम में अब तक 14.62 लाख से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं. जबकि केदारनाथ धाम में यह संख्या लगभग 13.95 लाख तक पहुंच गई है. गंगोत्री में 6.38 लाख और यमुनोत्री में 6.86 लाख श्रद्धालु पहुंच चुके हैं. चारधाम यात्रा में कुल यात्रियों की संख्या 43.68 लाख के पार पहुंच चुकी है. वहीं, हेमकुंड साहिब में भी 1.85 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंच चुके हैं.

मानसून सीजन की वर्तमान स्थिति-

  • पिछले 24 घंटे के भीतर औसत 52.4 मिमी बारिश हुई.
  • काशीपुर में सर्वाधिक 206 मिमी बारिश हुई.
  • प्रदेशभर में 195 सड़कें अभी बंद हैं.
  • 7 जिलों के लिए NDMA ने 'Extremely Heavy Rain Alert' अलर्ट जारी किया है.
  • चारधाम यात्रा में 43.68 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंच चुके हैं.
  • 1 अप्रैल से अब तक आपदा की घटनाओं में 20 लोगों की मौत और 23 लोग घायल हो चुके हैं.

राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों को अलर्ट मोड पर रखा है. जिलाधिकारियों, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और संबंधित विभागों को संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों के किनारे न जाएं, मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचें और केवल आधिकारिक मौसम एवं आपदा संबंधी सूचनाओं पर ही भरोसा करें.

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कुमाऊं में उफान पर नदियां (फोटो- ETV Bharat)

कुमाऊं में बारिश का रेड अलर्ट, हाई अलर्ट पर प्रशासन: उत्तराखंड में भारी बारिश को लेकर मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है. इसे देखते हुए कुमाऊं मंडल के सभी जिलों में प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है. कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने सभी जिलाधिकारियों और एसएसपी को 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं. संवेदनशील स्थानों पर जेसीबी मशीनें तैनात कर दी गई हैं. जबकि, गौला नदी का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों के लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

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Last Updated : July 9, 2026 at 3:41 PM IST