अवैध पटाखा गोदाम में विस्फोट मामले में SHO सहित 8 पुलिसकर्मी निलंबित, एडिशनल कमिश्नर करेंगे जांच
जयपुर पुलिस कमिश्नर ने अवैध विस्फोटक सामग्री और पटाखों का संग्रहण करने वालों की जांच के आदेश दिए हैं.

Published : June 10, 2026 at 6:19 PM IST
जयपुर: खोह नागोरियान थाना इलाके में अवैध पटाखा गोदाम में विस्फोट से लगी आग के मामले में 8 लोगों की मौत हो गई. अब इस मामले में जयपुर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने गंभीरता से लेते हुए प्रारंभिक जांच में जिम्मेदार पाए जाने पर थानाधिकारी सहित 8 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. उन्होंने साफ किया कि जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही को किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा. उन्होंने बताया कि अंतरिम जांच रिपोर्ट के आधार पर थानाधिकारी खो नागोरियान ओमप्रकाश मातवा, हेड कांस्टेबल अशोक, कांस्टेबल रामावतार, कांस्टेबल दिनेश, कांस्टेबल आसिफ, कांस्टेबल हरेंद्र और कांस्टेबल अशोक को निलंबित कर दिया गया है. वहीं, इस मामले में डीसीपी रंजीता शर्मा ने घटना के तुरंत बाद बीट स्तर पर जिम्मेदार एएसआई अमर सिंह और हेड कांस्टेबल पप्पूराम को निलंबित कर दिया.
एडिशनल डीसीपी के नेतृत्व में कमेटी करेगी जांच: कमिश्नर सचिन मित्तल ने बताया कि घटना की निष्पक्ष, पारदर्शी और गहन जांच सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) अजय सिंह को जांच का दायित्व सौंपा गया है. उनके निर्देशन में एक जांच समिति का गठन किया गया है. जो घटना के सभी पहलुओं, संबंधित अधिकारियों की भूमिका और सुरक्षा मानकों के अनुपालना की विस्तृत जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी. जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों एवं अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी.
विशेष सर्वे और निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा: उन्होंने जयपुर शहर के सभी जिला पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया है कि अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध रूप से संचालित कारखानों, गोदामों, पटाखा भंडारण स्थलों और अन्य जोखिमपूर्ण गतिविधियों का विशेष सर्वे व निरीक्षण अभियान चलाएं. ऐसे प्रतिष्ठानों की पहचान कर उनकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
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डोर-टू-डोर सर्वे कर होगी पहचान: उन्होंने निर्देश दिए कि थाना स्तर पर बीट अधिकारियों व पुलिसकर्मियों के माध्यम से डोर-टू-डोर सर्वे कर अवैध रूप से संचालित विस्फोटक सामग्री व पटाखों के भंडारण स्थलों की पहचान की जाए. अभियान के दौरान अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को अभियान की प्रगति एवं की गई कार्रवाई की विस्तृत पालना रिपोर्ट निर्धारित अवधि में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं.
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ऐसी घटनाओं की नहीं हो पुनरावृत्ति: उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. इसके लिए सुरक्षा मानकों की नियमित समीक्षा एवं निगरानी की जाएगी. जयपुर पुलिस नागरिकों की सुरक्षा के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा सार्वजनिक जीवन व संपत्ति को खतरे में डालने वाली किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उनका कहना है कि जयपुर पुलिस द्वारा घटना के कारणों की गहन जांच की जा रही है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुधारात्मक एवं निवारक कदम उठाए जा रहे हैं.

