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हिमाचल vs दिल्ली पुलिस: जानिए क्या है बाहरी राज्य में आरोपी को गिरफ्तार करने का पुलिस नियम?

दूसरे राज्य में आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए आखिर क्या है कानून आइए विस्तार से जानते हैं.

Police Rules for Arresting Accused
बाहरी राज्य में आरोपी को गिरफ्तार करने का पुलिस नियम (ETV Bharat GFX)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : February 26, 2026 at 9:00 PM IST

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शिमला: दिल्ली में AI इंपैक्ट समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन से जुड़े मामले में दिल्ली और हिमाचल दोनों राज्यों की पुलिस आमने-सामने आ गई. कई घंटों तक शिमला जिला अदालत में परिसर में रहने के बाद दिल्ली पुलिस हिरासत में लिए गए तीनों लोगों को साथ लेकर दिल्ली के लिए रवाना तो हुई, लेकिन दिल्ली पुलिस हिमाचल से बाहर निकल पाती उससे पहले हिमाचल पुलिस ने दिल्ली पुलिस को शिमला, शोघी और धर्मपुर में 3 अलग-अलग स्थानों पर रोक लिया. ये हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला. आखिर ये स्थिति क्यों आई. हिमाचल और दिल्ली पुलिस में पंगा क्यों हुआ? दिल्ली पुलिस ने ऐसा क्या किया कि हिमाचल पुलिस को ऐतराज हुआ और कानून क्या कहता है आसान भाषा में विस्तार से जानते हैं?

क्या है बाहरी राज्य में आरोपी को गिरफ्तार करने का पुलिस नियम?

दिल्ली पुलिस ने हिमाचल प्रदेश से इंडियन नेशनल यूथ कांग्रेस के 3 कार्यकर्ताओं को बुधवार (25 फरवरी) सुबह शिमला के रोहड़ू से गिरफ्तार किया. पुलिस इन्हें लेकर दिल्ली जा रही थी. हिमाचल पुलिस को जब इसकी भनक लगी तो दिल्ली पुलिस को शिमला, शोघी और धर्मपुर में 3 अलग-अलग जगह रोक लिया. सुबह से लेकर देर रात तक हिमाचल में दोनों राज्यों की पुलिस के बीच हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा. कानून क्या कहता है इसको लेकर ETV भारत की टीम ने कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से बात की.

रिटायर्ड पुलिस अधिकारी तदवीर चंदेल (ETV Bharat)

क्या कहता है कानून?

हिमाचल के रिटायर्ड पुलिस अधिकारी सुरेंद्र वर्मा जो एसपी रह चुके हैं, उन्होंने ईटीवी भारत से भारत करते हुए बताया कि, पुलिस लॉ के अनुसार यदि बाहरी राज्य की कोई पुलिस दूसरे राज्य में किसी आरोपी को गिरफ्तार करने जाती है तो नजदीक के पुलिस थाने में सूचना देना पड़ता है कि वह वहां पर आकर इस व्यक्ति को इस अपराध में गिरफ्तार करना चाहते हैं. उसके बाद स्थानीय पुलिस की मदद से उन्हें गिरफ्तार भी किया जाता है.

सुरेंद्र वर्मा कहते हैं कि, उन्होंने खुद कई ऐसे मामले सुलझाए है, जिसमें हिमाचल से बाहरी राज्य में जाकर आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इस दौरान उन्होंने जब आरोपी के बारे में पता चला कि आरोपी हरियाणा में छुपा हुआ है तो पहले नजदीकी थाने से संपर्क साधा. उसके बाद वहां जाकर उन्होंने आरोपी को गिरफ्तार किया.

Police Rules for Arresting Accused
क्या है नियम? (ETV Bharat GFX)

सुरेंद्र वर्मा के अनुसार, कई बार पुलिस नजदीकी थाने को इन्फॉर्म नहीं करती है. इसका कारण एक ही होता है कि कहीं आरोपियों को इसकी भनक न लग जाए और वह वहां से भाग न जाएं. कई बड़े मामले में पुलिस दबे पांव पहुंचकर आरोपी को गिरफ्तार करती है और उसके बाद ही पुलिस को सूचित करती है. यदि किसी बाहरी राज्य में पुलिस किसी को गिरफ्तार करने जा रही है और गिरफ्तारी की 24 घंटे के अंदर पुलिस जहां पर मामला दर्ज है वहां पर पहुंचकर कोर्ट में आरोपी को पेश नहीं करती है तो ट्रांजिट रिमांड लेना जरूरी होता है.

Police Rules for Arresting Accused
हिमाचल VS दिल्ली पुलिस (ETV Bharat)

यदि पुलिस 24 घंटे के अंदर उस स्थान पर पहुंचकर कोर्ट में पेश करती है, जहां पर मामला दर्ज हुआ है तब उसे ट्रांजिट रिमांड लेने की जरूरत नहीं पड़ती है. ऐसा ही बुधवार, 25 फरवरी के मामले में देखने को मिला. पुलिस ने बिना सूचना दिए रोहड़ू में आरोपियों को गिरफ्तार किया और यहां से अपने साथ लेकर जा रही थी. इस दौरान उन्होंने न पुलिस को इन्फॉर्म किया था और न ही कोई ट्रांजिट रिमांड लिया था. ऐसे में हिमाचल पुलिस की टीम मौके पर पहुंची औप उन्हें रोक कर कागजी कार्रवाई पूरी करने को कहा.

Police Rules for Arresting Accused
हिमाचल पुलिस और दिल्ली पुलिस के बीच बहस (ETV Bharat)

क्या कहते हैं रिटार्यड पुलिस अधिकारी?

वहीं, एक अन्य रिटायर्ड पुलिस अधिकारी तदवीर चंदेल कहते हैं, जब भी पुलिस दूसरे राज्य में कहीं छापेमारी या किसी को गिरफ्तार करने जाती है तो नजदीकी पुलिस को सूचित करती है, यह सबके लिए बेहतर रहता है. यदि पुलिस किसी राज्य में अपराधी को पकड़ने जा रही है तो वहां पर उनके ऊपर हमला न कर दे इसलिए पुलिस का सहयोग लेना जरूरी रहता है. ऐसे में पुलिस को सूचित न करना गलत है. मंगलवार (25 फरवरी) को भी दिल्ली पुलिस यहां पर आई, लेकिन उन्होंने रोहड़ू में पुलिस को बिना बताए आरोपियों को गिरफ्तार करके ले जा रही थी. एक बार हमारे समय में हिमाचल पुलिस की टीम गुड़गांव में एटीएम चोर को पकड़ने गयी थी, तब हमने नजदीकी पुलिस को सूचित किया था.

Police Rules for Arresting Accused
हिमाचल पुलिस और दिल्ली पुलिस के बीच हाई वोल्टेज ड्रामा! (ETV Bharat)

गिरफ्तारी के बाद कोर्ट में पेश करना जरूरी

वहीं, शिमला में एएसपी रहे विजय शर्मा ने बताया कि, जब भी कोई पुलिस किसी दूसरे राज्य में किसी को गिरफ्तार करने जाती है तो वहां उसे इन्फॉर्म करना पड़ता है. ऐसा करने से सर्च करने में आसानी रहती है, लेकिन यदि पुलिस किसी बड़े मामले में किसी अपराधी को पकड़ने जा रही है और उसे ऐसा लगता है कि वह थाने में बताएगी और आरोपियों को इसकी भनक लग गई तो वह वहां से भाग जाएंगे. ऐसे में पुलिस पहले उन्हें गिरफ्तार करती है. उसके बाद ही नजदीकी थाने को इन्फॉर्म करती है. उसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश करना पड़ता है. कोर्ट में इसको लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं रहती कि उन्होंने गिरफ्तारी से पहले थाने को इन्फॉर्म किया है या नहीं किया है. कोर्ट का मतलब सिर्फ इतना रहता है कि गिरफ्तारी के 24 घंटे के अंदर उन्हें कोर्ट पर पेश करना जरूरी रहता है.

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