थार के धोरों में भारत की सेना का दिखा पराक्रम, 'ऑपरेशन खड़ग शक्ति' दमदार प्रदर्शन के साथ संपन्न
पश्चिमी सीमा के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में सेना का ऑपरेशन खड़ग शक्ति सोमवार देर रात सम्पन्न हुआ.

Published : February 24, 2026 at 10:45 AM IST
|Updated : February 24, 2026 at 10:52 AM IST
बीकानेर : रेगिस्तान के धोरों के बीच महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में चल रहे 'खड़ग शक्ति 2026' युद्धाभ्यास में भारतीय सेना का पराक्रम और कौशल देखने को मिला. आधुनिक और पारंपरिक युद्ध कौशल के इस जॉइंट ऑपरेशन ने संयुक्त प्रदर्शन किया.
आसमान से धरती तक प्रहार : सेना की पश्चिमी कमान के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुुष्कर ने कहा कि इस अभ्यास पराक्रम के दौरान आसमान से हेलिकॉप्टर से पैराटूपरों की सामरिक छलांग, चेतक और चीता हेलिकॉप्टर्स से त्वरित एम्युनिशन आपूर्ति व रेकी देखने को मिली. साथ ही हथियारों से लैस अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर की सटीक मारक कार्रवाई, स्वॉर्म और लॉजिस्टिक ड्रोन का उपयोग और तोपखाने की समन्वित फायरिंग- इन सभी अभियानों ने स्पष्ट संकेत दिया कि सेना बदलते युद्ध परिदृश्य के अनुरूप तैयारी में है.
यह अभ्यास केवल शक्ति प्रदर्शन नहीं, बल्कि हमारी तात्कालिक तकनीक आधारित युद्ध क्षमता की जांच करने का भी माध्यम है. वैश्विक स्तर पर सुरक्षा के मापदंडों में परिस्थितियों के अनुरूप यह हमारी सामरिक शक्ति का प्रतीक है. साथ ही रेतीले धोरों पर हमारी सीमा पर आती चुनौतियों से निपटने के हमारे मजबूत इरादों और युद्ध कौशल का एक नमूना है. अभ्यास के तहत पैराट्रूपर दस्तों ने डिमार्क किए दुश्मन के ठिकानों को घेरकर हमला कर अपनी तकनीक और रणनीतिक कौशल का परिचय दिया. साथ ही कॉर्डिनेशन का परिचय देते हुए हेलिकॉप्टर से हवाई टोही कर दुश्मन की गतिविधियों की सूचना कमांड मुख्यालय तक पहुंचाई.
चेतक हेलिकॉप्टर्स ने गोला-बारूद और आवश्यक सामग्री की आपूर्ति सुनिश्चित की, जिससे अग्रिम मोर्चे पर तैनात टुकड़ियों की संचालन क्षमता निर्बाध बनी रही. अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर्स ने चिन्हित लक्ष्यों पर नियंत्रित और सटीक प्रहार किए. जमीनी स्तर पर टैंक, बख्तरबंद वाहन और मशीनीकृत पैदल सेना ने इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस, इंटेलिजेंस और सर्विलांस सिस्टम के जरिए युद्धक्षेत्र दुश्मन के ठिकानों को भेदने में सफलता हासिल की.

