I-PAC पर ED के छापे का मामला: पश्चिम बंगाल सरकार ने SC में दाखिल किया कैविएट
आई-पैक पर ईडी की छापेमारी को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल की है.

Published : January 10, 2026 at 2:56 PM IST
नई दिल्ली : पश्चिम बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक कैविएट दाखिल किया है, जिसमें मांग की गई है कि पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म आई-पैक के खिलाफ ईडी की रेड के मामले में उसे सुने बिना कोई ऑर्डर पास न किया जाए.
हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में केस करने वाला कैविएट फाइल करता है ताकि यह पक्का हो सके कि बिना उसकी बात सुने उसके खिलाफ कोई उल्टा ऑर्डर पास न हो.
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को कोलकाता में आई-पैक और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन के ठिकानों पर छापेमारी की थी. यह छापेमारी करोड़ों रुपये के कथित कोयला चोरी स्कैम की मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत की गई.
एजेंसी के मुताबिक, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी रेड वाली जगह पर घुसीं और फिजिकल डॉक्यूमेंट्स और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस समेत जरूरी सबूत अपने साथ ले गईं.
वहीं बनर्जी ने केंद्रीय एजेंसी पर हद पार करने का आरोप लगाया है. ईडी ने शुक्रवार को कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाकर बनर्जी के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग की. ईडी का आरोप है कि उन्होंने पुलिस की मदद से जैन के घर पर रेड के दौरान एजेंसी की कस्टडी से आपत्तिजनक डॉक्यूमेंट्स छीन लिए.
क्या है IPAC विवाद?
पॉलिटिकल कंसलटेंसी फर्म IPAC और इसके निदेशक प्रतीक जैन के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपनी पार्टी की चुनावी रणनीति पर हमला करार बताते हुए सड़कों पर उतर आई हैं. इसी क्रम में उन्होंने शुक्रवार को कोलकाता में लगभग 10 किलोमीटर लंबी रैली निकाली. इसे आगामी विधानसभा चुनाव से पहले टीएमसी के शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है.
गृह मंत्रालय ने ED से रिपोर्ट तलब की
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल में 8 जनवरी को हुई घटनाओं के बारे में ईडी से रिपोर्ट तलब की है. ये घटनाएं केंद्रीय एजेंसी के कोलकाता ऑफिस और आई-पैक के सह संस्थापक प्रतीक जैन के घर पर की गई रेड और सर्च ऑपरेशन से जुड़ी हैं.
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