असम में विधानसभा चुनाव की तैयारी, चुनाव आयोग ने 'विशेष संशोधन' की घोषणा की
BLO घर-घर सत्यापन, मतदाता सूची- मतदाता फोटो पहचान पत्र में विसंगतियों को दूर करने का कार्य 22 नवंबर से 20 दिसंबर तक करेंगे.


Published : November 17, 2025 at 6:57 PM IST
संतू दास.
नई दिल्लीः भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने सोमवार को असम के लिए विशेष संशोधन की घोषणा की, जहां अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं. निर्वाचन आयोग ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 21 के तहत राज्य में विशेष संशोधन के लिए असम के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को आदेश जारी किया है.
असम के सीईओ को संबोधित पत्र में, ईसीआई सचिव पवन दीवान ने लिखा, "मुझे यह बताने का निर्देश दिया गया है कि आयोग ने असम राज्य में 1 जनवरी, 2026 को अर्हक तिथि के रूप में संदर्भित करते हुए, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 21 के तहत एक विशेष संशोधन का निर्देश दिया है."
पत्र में उल्लिखित विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम के अनुसार, सभी दस्तावेजों और परिपत्रों की छपाई और चुनाव अधिकारियों का प्रशिक्षण 18 नवंबर से शुरू होगा और 21 नवंबर तक जारी रहेगा.
बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के माध्यम से घर-घर सत्यापन, मतदान केंद्रों का युक्तिकरण/पुनर्व्यवस्था, मतदाता सूची/मतदाता फोटो पहचान पत्र (ईपीआईसी) में विसंगतियों को दूर करने का कार्य 22 नवंबर से 20 दिसंबर के बीच किया जाएगा.
पुनरीक्षण गतिविधियाः
चुनाव आयोग के अनुसार, मतदाता सूची के मसौदे का प्रकाशन 27 दिसंबर को होगा. दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि (जिन दावों और आपत्तियों के संबंध में नोटिस अवधि समाप्त हो चुकी है, उनके निपटान सहित) 27 दिसंबर से शुरू होकर 22 जनवरी तक चलेगी. दावों और आपत्तियों के निपटान की अंतिम तिथि 2 फरवरी है. अंतिम मतदाता सूची 10 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी.
चुनाव आयोग द्वारा असम के सीईओ को जारी पत्र में कहा गया है, "प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र का ईआरओ यह सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होगा कि कोई भी पात्र नागरिक छूट न जाए, साथ ही कोई भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो. एसआर के दौरान, सीईओ/डीईओ/ईआरओ यह सुनिश्चित करेंगे कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 326 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 16 और 19 के अनुसार प्रत्येक पात्र व्यक्ति को मतदाता के रूप में नामांकित किया जाए."
मतदाता सूची में पंजीकरण के लिए कौन कर सकता है आवेदनः
- यदि वह व्यक्ति भारत का नागरिक है
- 1 जनवरी 2026 को उसकी आयु 18 वर्ष से कम नहीं है
- वह निर्वाचन क्षेत्र का सामान्य निवासी है
- किसी भी कानून के तहत अयोग्य नहीं है
- विकृत दिमाग का नहीं है
उल्लेखनीय है कि असम में विशेष संशोधन की घोषणा, नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) के दूसरे चरण के एक महीने के भीतर हुई. जिन 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर की जा रही है, उनमें पश्चिम बंगाल, केरल और तमिलनाडु शामिल हैं. जहां अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं.
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