टीएमसी के प्रमुख रणनीतिकार के घर पर छापेमारी, भड़कीं ममता, बोलीं- 'अगर हम भाजपा दफ्तर पर रेड करवा दें'
टीएमसी के प्रमुख रणनीतिकार प्रतीक जैन के घर पर छापेमारी. ममता बनर्जी ने पूछा, किसके इशारे पर यह सब हो रहा है.

Published : January 8, 2026 at 1:16 PM IST
|Updated : January 8, 2026 at 5:08 PM IST
कोलकाता : प्रवर्तन निदेशालय ने पश्चिम बंगाल सरकार की कंसल्टिंग फर्म आईपीएसी (I-PAC) के प्रमुख प्रतीक जैन के लाउडन स्ट्रीट स्थित घर पर छापेमारी की. केंद्रीय एजेंसी के छापे के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मौके पर पहुंचीं. इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने सवाल किया, "अगर हम बीजेपी ऑफिस पर छापा मारें तो वे क्या करेंगे?" उन्होंने कहा कि सबकुछ गृह मंत्री के इशारे पर किया जा रहा है.
ममता बनर्जी ने कहा, "यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि ईडी ने तृणमूल कांग्रेस के आईटी हेड के घर पर छापा मारा है. क्या राजनीतिक पार्टियों के आईटी हेड के घरों पर छापा मारना केंद्रीय गृह मंत्री का काम है?" उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी की रणनीति से संबंधित फाइलों को कब्जा में लेने की कोशिश की जा रही है.

ईडी के जैन के घर से निकलने और सॉल्ट लेक सेक्टर 5 में उनके ऑफिस जाने के बाद, बनर्जी भी पीछे-पीछे ऑफिस गईं और कंपनी के साथ खड़े रहने का इशारा किया. ममता बनर्जी के साथ कैबिनेट मंत्री सुजीत बोस भी थे.
गुरुवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय ने सॉल्ट लेक सेक्टर फाइव में I-PAC के ऑफिस पर भी छापा मारा. जांच एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, यह छापा दिल्ली में दर्ज एक पुराने कोयला तस्करी मामले से जुड़ा है. पता चला है कि इस ऑपरेशन के लिए दिल्ली से ईडी की एक स्पेशल टीम बुलाई गई थी. ईडी सूत्रों का दावा है कि कोयला तस्करी मामले से जुड़े कई फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन में I-PAC का नाम सामने आया है. इसी मामले के सिलसिले में बुर्राबाजार के पोस्टा इलाके में एक बिजनेसमैन के घर पर भी तलाशी ली गई.
#WATCH | Kolkata | West Bengal CM Mamata Banerjee at the office of the Indian Political Action Committee where the teams of Enforcement Directorate are conducting raids. pic.twitter.com/kf5vlTRKC8
— ANI (@ANI) January 8, 2026
सेक्टर फाइव में एक मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग की 12वीं मंजिल पर स्थित I-PAC के ऑफिस पर छापा केंद्रीय बलों की कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुआ. चूंकि यह छापा सुबह-सुबह मारा गया, इसलिए ऑफिस में कुछ ही कर्मचारी नाइट ड्यूटी पर मौजूद थे. तलाशी उन्हीं की मौजूदगी में शुरू हुई. बाद में केंद्रीय बलों ने पूरी मंजिल को सील कर दिया. नतीजतन, फिलहाल ऑफिस में आने-जाने पर रोक लगा दी गई है.
छापे की खबर से I-PAC में हलचल बढ़ गई. जैसे-जैसे दिन बढ़ा, संगठन के टॉप अधिकारियों ने अपने घरों से जूम कॉल के जरिए मीटिंग की. अलग-अलग जिलों में I-PAC सदस्यों के साथ भी ऑनलाइन मीटिंग की गईं.राज्य सरकार के करीबी इस कंसल्टिंग फर्म के ऑफिस पर ईडी के छापे से राज्य की राजनीति में हलचल मच गई है. सीपीएम के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने कहा कि जानकारी प्राप्त करने के बाद वह मीडिया से बातचीत करेंगे.
#WATCH | West Bengal | The Enforcement Directorate conducts raid at the office of the Indian Political Action Committee in Kolkata
— ANI (@ANI) January 8, 2026
ED is conducting searches at 15 locations across India in a fake government job scam against an organised gang involved in scamming people by… pic.twitter.com/kWASIXkaTC
सत्ताधारी पार्टी के अंदर भी अटकलें शुरू हो गई हैं. प्रशासनिक हलकों में भी इस मामले पर चर्चा हो रही है. I-PAC के प्रमुख प्रतीक जैन राज्य की राजनीति और प्रशासन में अपने प्रभाव के लिए जाने जाते हैं. वह कई बार नबन्ना (राज्य सचिवालय) में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मिल चुके हैं. विधानसभा चुनावों से पहले, I-PAC ने विभिन्न सरकारी योजनाओं को लागू करने और राजनीतिक रणनीतियां बनाने में सत्ताधारी पार्टी और सरकार के बीच एक पुल का काम किया था. राजनीतिक हलकों का दावा है कि यह संगठन सत्ताधारी पार्टी के एक शीर्ष नेता अभिषेक बनर्जी के ऑफिस के साथ भी करीबी संपर्क बनाए रखता है.
#WATCH | West Bengal | The Enforcement Directorate is conducting a raid at the office of the Indian Political Action Committee in Kolkata
— ANI (@ANI) January 8, 2026
ED is conducting searches at 15 locations across India in a fake government job scam against an organised gang involved in scamming people… pic.twitter.com/KKms2NM7wc
यह आरोप भी कई बार लगा है कि I-PAC ने विधानसभा चुनावों के लिए कैंडिडेट चुनने की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाई थी. इस संदर्भ में, जानकारों का मानना है कि ईडी की रेड सिर्फ़ एक फाइनेंशियल जांच नहीं है, बल्कि राजनीतिक रूप से भी बहुत महत्वपूर्ण है.फिलहाल, अभिषेक बनर्जी चुनाव प्रचार के लिए मालदा में हैं. गुरुवार को उनके वहां कुछ कार्यक्रम तय हैं.
खास बात यह है कि अभिषेक आमतौर पर कैंपेन के बाद रात को कोलकाता लौट आते हैं, लेकिन बुधवार रात को वह नहीं लौटे. दो दिनाजपुर जिलों में अपने कार्यक्रमों के बाद, वह मालदा में रुके. गुरुवार सुबह ही ED का छापा पड़ा, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह घटना चुनावों से पहले मुख्य विपक्षी पार्टी, BJP को कुछ "राजनीतिक ऑक्सीजन" देगी. राज्य भाजपा के एक धड़े ने आरोप लगाया था कि केंद्रीय जांच एजेंसियों के बार-बार समन के बावजूद, सत्ताधारी पार्टी के टॉप लीडरशिप के खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गई है. इसी बैकग्राउंड में, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कोलकाता दौरे के एक हफ्ते के अंदर हुआ यह छापा, राजनीतिक विवाद को फिर से हवा दे रहा है.
वैसे, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी गुरुवार को कोलकाता आ चुके हैं. उनका राज्य बीजेपी नेतृत्व से मिलने का कार्यक्रम है. उनके आने से एक दिन पहले I-PAC ऑफिस पर ED की रेड राज्य की राजनीति में चर्चा का बड़ा विषय बन गई है.
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