'BJP के IT सेल वाले ऐप्स का इस्तेमाल कर रहा है चुनाव आयोग': ममता का बड़ा आरोप
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गंगासागर मेले की तैयारियों का जायजा लेने सागर आई थीं, कोलकाता लौटने से पहले चुनाव आयोग पर निशाना साधा.


Published : January 6, 2026 at 8:39 PM IST
सागर (पश्चिम बंगाल): 'चुनाव आयोग (ECI) उन ऐप्स का इस्तेमाल कर रहा है जिन्हें भाजपा के आईटी सेल ने बनाया है'. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सागर में 'एसआईआर' (SIR) प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ गंभीर आरोप लगाये. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गंगासागर मेले की तैयारियों का जायजा लेने सागर आई थीं और आज कोलकाता लौट गईं.
इससे पहले सोमवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गंगासागर के हेलीपैड ग्राउंड से ही एसआईआर (SIR) मुद्दे के खिलाफ आवाज उठाई थी. उन्होंने चेतावनी दी थी कि चुनाव आयोग के इस 'मनमाने' व्यवहार के खिलाफ जरूरत पड़ने पर वह अदालत का दरवाजा खटखटाएंगी. इसके 24 घंटे के भीतर ही, मंगलवार को राज्य की सत्ताधारी पार्टी ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का ध्यान खींचते हुए मामला दर्ज करा दिया.
इसी संदर्भ में, आज सागर से रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री ने कहा, "चुनाव आयोग जीवित लोगों को मृत दिखा रहा है. बुजुर्गों को उनके नाक में नली (ट्यूब) लगी होने के बावजूद ले जाया जा रहा है." इसके बाद उन्होंने आयोग द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे ऐप को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, "चुनाव आयोग ने भाजपा के आईटी सेल की मदद से जो ऐप बनाए हैं, वे अवैध, असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक हैं. यह सब अब और नहीं चल सकता."
तृणमूल कांग्रेस शुरुआत से ही एसआईआर प्रक्रिया का विरोध करती रही है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इसके खिलाफ सड़कों पर भी उतरी हैं. 4 नवंबर से 11 दिसंबर के बीच बूथ स्तर के अधिकारियों (BLOs) ने घर-घर जाकर गणना फॉर्म बांटने और इकट्ठा करने की प्रक्रिया पूरी की थी. इस दौरान, राज्य के विभिन्न हिस्सों में नागरिकों की मौत के लिए एसआईआर प्रक्रिया को ही जिम्मेदार ठहराया गया है.
बता दें कि राज्य में 27 दिसंबर से 'एसआईआर' प्रक्रिया की सुनवाई शुरू हुई. बुजुर्गों और बीमार लोगों को अपनी खराब सेहत के बावजूद इस सुनवाई में पेश होना पड़ा है. बुजुर्गों को किसी तरह अपने बच्चों का हाथ थामे, व्हीलचेयर पर या गोद में उठकर सुनवाई के लिए आते देखा गया है.
हाल ही में, जयनगर के 68 वर्षीय नजीदुल मोल्ला ने ऑक्सीजन ट्यूब लगी होने के बावजूद सुनवाई में हिस्सा लिया था. अगले ही दिन उनका निधन हो गया. उनके परिवार का दावा है कि 'एसआईआर' की सुनवाई के लिए बुलाए जाने के बाद घबराहट और डर के कारण बुजुर्ग की जान चली गई.
31 दिसंबर को पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस के सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली में चुनाव आयुक्तों से मुलाकात की थी. इसके बाद, लोकसभा में पार्टी के नेता अभिषेक बनर्जी ने पत्रकारों से बात करते हुए इस प्रक्रिया पर अपना गुस्सा व्यक्त किया था और आरोप लगाया था कि चुनाव आयोग भाजपा के लिए वोट चुरा रहा है और यह सब एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के जरिए किया जा रहा है.
इसे भी पढ़ेंः
- 'बंगाल में वोटर लिस्ट सुधार के नाम पर हो रहा खेल, तुरंत सुधारें या प्रक्रिया रोकें': ममता बनर्जी ने ज्ञानेश कुमार को लिखा पत्र
- बंगाल में SIR सुनवाई प्रक्रियाः लकवाग्रस्त 88 साल की बुजुर्ग को गोद में उठाकर सुनवाई केंद्र लाया परिवार
- EVM में नहीं, अब वोटर लिस्ट से हो रही 'वोट चोरी'! ECI से मुलाकात के बाद बरसे अभिषेक बनर्जी
- पश्चिम बंगाल SIR में बड़ा फर्जीवाड़ाः पड़ोसी को पिता बना कर बांग्लादेशी ने वोटर लिस्ट में मारी 'एंट्री'

