वोटर लिस्ट सुधार का महाअभियान जारी: 4 राज्यों में घर-घर पहुंच रहे BLO, जानें कब आएगी फाइनल लिस्ट
चुनाव आयोग ने ओडिशा, सिक्किम, मिजोरम और मणिपुर में वोटर लिस्ट सुधार का विशेष अभियान शुरू कर दिया है. संतू दास की रिपोर्ट.


Published : May 30, 2026 at 10:43 PM IST
नई दिल्ली: सिक्किम, मिजोरम, मणिपुर और ओडिशा में शनिवार से मतदाता सूची में सुधार का विशेष अभियान (Special Intestine Revision- SIR) औपचारिक रूप से शुरू हो गया. इसके तहत बूथ स्तर के अधिकारियों ने घर-घर जाकर सर्वे करना शुरू कर दिया है. भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध और सटीक बनाने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है.
इन चारों राज्यों में यह काम विशेष अभियान के तीसरे चरण के तहत किया जा रहा है. तीसरे चरण के इस अभियान को इन राज्यों के अलावा, देश के 12 अन्य राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) में भी अलग-अलग चरणों में चलाया जाएगा. इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, अरुणाचल प्रदेश, पंजाब, कर्नाटक, महाराष्ट्र, त्रिपुरा, नागालैंड, चंडीगढ़ और दिल्ली शामिल हैं.
इस अभियान के 'गणना चरण' के दौरान, राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त किए गए 3.42 लाख बूथ स्तर के एजेंटों (BLAs) की मदद से कुल 3.94 लाख से अधिक बीएलओ (BLOs) देश के 36.73 करोड़ मतदाताओं के घरों का दौरा करेंगे.
इन राज्यों में विशेष सुधार अभियान के शेड्यूल के मुताबिक, बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर सर्वे करने का जो काम आज से शुरू हुआ है, वह 28 जून तक जारी रहेगा. इसके बाद मतदाता सूची का ड्राफ्ट (प्रारूप) 5 जुलाई को प्रकाशित किया जाएगा. मतदाता सूची पर दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि 5 जुलाई से शुरू होकर 4 अगस्त को समाप्त होगी. वहीं, अंतिम मतदाता सूची 6 सितंबर को जारी की जाएगी.
सिक्किम, मिजोरम, मणिपुर और ओडिशा में जारी इस विशेष अभियान (SIR) के बारे में निर्वाचन आयोग (ECI) के सूत्रों ने बताया,कि संबंधित चुनाव अधिकारियों ने बीएलओ को निर्देश दिए हैं कि वे ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं को इस अभियान से जोड़ें और यह पक्का करें कि मतदाता सूची पूरी तरह सटीक, समावेशी और अपडेटेड (संशोधित) हो.
बता दें कि चुनाव आयोग ने पहले ही सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) को निर्देश दिए थे कि वे इस अभियान को लेकर राजनीतिक दलों के किसी भी सवाल या शंका का समाधान करें.
इस विशेष अभियान के पहले दो चरणों में, जो 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चलाए गए थे, लगभग 59 करोड़ मतदाता शामिल थे. उन चरणों के दौरान विभिन्न स्तरों पर 6,30,000 से अधिक बीएलओ और राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त किए गए 9,20,000 से अधिक बीएलए (BLAs) ने इस अभियान में हिस्सा लिया था.
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