विदेश मंत्री जयशंकर 3 सितंबर से यूक्रेन और पोलैंड का दौरा करेंगे
विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने पर केंद्रित होगी, साथ ही आपसी हितों के मुद्दों पर विचार विमर्श होगी.

By IANS
Published : September 2, 2026 at 12:37 PM IST
नई दिल्ली: विदेश मंत्री (EAM) एस. जयशंकर 3 से 5 सितंबर तक यूक्रेन और पोलैंड की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे. अपनी यात्रा के दौरान विदेश मंत्री जयशंकर यूक्रेन के अपने समकक्ष आंद्री सिबिहा और पोलैंड के उप-प्रधानमंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की के साथ बातचीत करेंगे.
विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक बयान में कहा, 'यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने पर केंद्रित होगी और साथ ही क्षेत्रीय घटनाक्रमों और आपसी हित के मुद्दों पर विचारों के आदान-प्रदान का अवसर भी प्रदान करेगी.' विदेश मंत्री जयशंकर की यूक्रेन और पोलैंड की यह यात्रा 26 अगस्त को यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा के साथ हुई टेलीफोन पर बातचीत के बाद हो रही है.
बातचीत के दौरान आंद्री सिबिहा ने विदेश मंत्री जयशंकर को काला सागर (Black Sea) की स्थिति के बारे में जानकारी दी और उस क्षेत्र में आवाजाही की स्वतंत्रता (freedom of navigation) को बहाल करने के तरीकों पर चर्चा की. दोनों मंत्रियों के बीच यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब काला सागर एक बेहद अस्थिर आर्थिक और सैन्य 'चोक पॉइंट' (महत्वपूर्ण रणनीतिक बिंदु) बन गया है.
रूस और यूक्रेन दोनों ही एक-दूसरे के कमर्शियल शिपिंग, बंदरगाह के बुनियादी ढांचे और ऊर्जा पाइपलाइनों पर लगातार और जोरदार हमले कर रहे हैं. एक्स पर एक पोस्ट में सिबिहा ने कहा, 'मेरी भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ फोन पर बातचीत हुई.'
'मैंने उन्हें यूक्रेन के खिलाफ रूसी आक्रामकता और हमारे बंदरगाहों व समुद्री मार्गों पर बढ़ते हमलों के कारण काला सागर में बनी मुश्किल स्थिति के बारे में जानकारी दी.' उन्होंने कहा कि काला सागर में जहाजों पर होने वाले हमलों से न केवल यूक्रेन के खाद्य निर्यात पर असर पड़ता है, बल्कि दुनिया भर के लाखों परिवारों के लिए भी सीधा खतरा पैदा होता है.'
सिबिहा ने कहा, 'मैंने इस बात पर जोर दिया कि यूक्रेन के खाद्य निर्यात में बाधा डालने की रूस की कोशिशें वैश्विक खाद्य सुरक्षा के लिए सीधा खतरा है. इसका असर हमारे क्षेत्र से कहीं आगे तक जाता है और दुनिया भर के लाखों परिवारों को जोखिम में डालता है.'
यूक्रेन के विदेश मंत्री ने बताया कि दोनों पक्षों ने काला सागर में आवाजाही की स्वतंत्रता को बहाल करने और सुरक्षित करने के तरीकों पर चर्चा की. सिबिहा ने आगे कहा, 'हमने यूक्रेन-भारत द्विपक्षीय सहयोग के विकास और हमारे आपसी फायदे वाले एजेंडे को आगे बढ़ाने के तरीकों पर भी बात की. हमने अपनी आगामी मुलाकातों/संपर्कों के बारे में समन्वय किया और लगातार संपर्क में रहने पर सहमति व्यक्त की.'
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि उन्होंने सिबिहा के साथ हुई बातचीत की सराहना की और बातचीत व कूटनीति पर भारत के रुख को दोहराया. आज शाम यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा के साथ हुई बातचीत की मैं सराहना करता हूँ. हमारी चर्चा ब्लैक सी में व्यापार फिर से शुरू करने और सभी नाविकों व कमर्शियल शिपिंग की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर केंद्रित रही. भारत बातचीत और कूटनीति का पक्का समर्थक बना हुआ है,' उन्होंने कहा.

