ETV Bharat / bharat

Amit Shah in Bikaner : सांचू पोस्ट पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री, जवानों का बढ़ाया हौसला, महिला बैरकों का किया ई-लोकार्पण

अमित शाह मंगलवार को बीकानेर की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित ऐतिहासिक सांचू पोस्ट पहुंचे, जहां उन्होंने सीमा पर तैनात बीएसएफ जवानों का उत्साहवर्धन किया.

Amit Shah in Bikaner
शाह ने जवानों का बढ़ाया हौसला (ETV Bharat Bikaner)
author img

By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : May 26, 2026 at 2:51 PM IST

5 Min Read
Choose ETV Bharat

बीकानेर: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को बीकानेर स्थित अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बीएसएफ की ऐतिहासिक सांचू पोस्ट पहुंच कर जवानों का उत्साहवर्धन किया. इस दौरान उन्होंने प्रहरी सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीमा पर तैनात जवानों की वीरता, अनुशासन और राष्ट्र सुरक्षा में उनके योगदान की सराहना की.

इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी उनके साथ मौजूद रहे. दोनों नेताओं ने सीमा पर तैनात जवानों से संवाद किया तथा उनके साथ जलपान कर उनका मनोबल बढ़ाया. कार्यक्रम के दौरान जवानों में विशेष उत्साह देखने को मिला. केंद्रीय गृह मंत्री ने सीमा चौकियों पर नवनिर्मित 14 महिला बैरकों का ई-लोकार्पण भी किया. माना जा रहा है कि इससे सीमा क्षेत्र में तैनात महिला जवानों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी, तथा उनकी कार्यक्षमता और सुविधाओं में वृद्धि होगी.

सांचू माता मंदिर में किए दर्शन : सांचू पोस्ट पहुंचने से पहले अमित शाह ने सांचू माता मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की और देश की सुरक्षा एवं समृद्धि की कामना की. इसके बाद उन्होंने प्रहरी शस्त्र गैलरी का अवलोकन किया, जहां बीएसएफ द्वारा उपयोग में लाई जा रही आधुनिक हथियार प्रणाली और तकनीकों की जानकारी दी गई.

किया संवाद, ली जानकारी : गृह मंत्री ने सीमा सुरक्षा में उपयोग हो रही आधुनिक ड्रोन तकनीक की कार्यप्रणाली को भी करीब से देखा और अधिकारियों से इसकी उपयोगिता एवं संचालन को लेकर जानकारी ली. उन्होंने सीमा सुरक्षा में तकनीक के बढ़ते महत्व पर भी चर्चा की. कार्यक्रम के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि सुरक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण भी सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है. इस मौके पर केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन मेघवाल बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे.

क्यों महत्वपूर्ण है सांचू पोस्ट ? : सीमावर्ती बीकानेर जिले में स्थित सांचू पोस्ट भारत-पाकिस्तान के 1965 और 1971 के युद्धों की ऐतिहासिक गवाह रही है. यह पोस्ट केवल एक सीमा चौकी नहीं, बल्कि भारतीय जवानों की वीरता, साहस और रणनीतिक कौशल का प्रतीक मानी जाती है. दोनों युद्धों के दौरान सांचू पोस्ट ने भारतीय सेना और सुरक्षा बलों के लिए अहम भूमिका निभाई थी.

पढ़ें : बीकानेर पहुंचे गृह मंत्री अमित शाह, सांचू पोस्ट पर जवानों का बढ़ाएंगे हौसला, सीमावर्ती गांवों को मिलेगी 4G और सड़कों की सौगात

1965 के युद्ध से पहले सांचू गांव बीकानेर बॉर्डर बेल्ट का सबसे बड़ा गांव माना जाता था. सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण यहां सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत रखी जाती थी. सांचू से करीब 25 किलोमीटर पीछे बरसलपुर और रणजीतपुरा गांव में थर्ड आरएसी चौकियां स्थापित थीं, जो सीमा क्षेत्र की निगरानी और सुरक्षा का कार्य संभालती थीं.

1965 के युद्ध में पाकिस्तानी सेना ने किया था कब्जा : 1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान पाकिस्तान ने पश्चिमी सीमा पर कई क्षेत्रों में आक्रामक कार्रवाई शुरू की थी. इसी दौरान पाकिस्तानी सेना ने सांचू पोस्ट पर हमला कर कब्जा जमा लिया था. यह स्थिति भारतीय सुरक्षा बलों के लिए चुनौतीपूर्ण थी, क्योंकि सांचू पोस्ट सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती थी.

Amit Shah in Bikaner
प्रहरी सम्मेलन के दौरान अमित शाह (ETV Bharat Bikaner)

इसके बाद भारतीय सेना और आरएसी के जवानों ने संयुक्त रणनीति के तहत जवाबी कार्रवाई की. थर्ड आरएसी और 13 ग्रेनेडियर रेजिमेंट के जवानों ने साहसिक अभियान चलाते हुए दुश्मन से मुकाबला किया. कठिन परिस्थितियों और लगातार गोलाबारी के बीच भारतीय जवानों ने सांचू पोस्ट को दोबारा अपने कब्जे में ले लिया. इस कार्रवाई को उस समय सीमा क्षेत्र की बड़ी सैन्य सफलता माना गया था.

Interacting with BSF Soldiers
जवानों के साथ अमित शाह (ETV Bharat Bikaner)

1971 के युद्ध में बना अहम सैन्य केंद्र : 1971 के भारत-पाक युद्ध में भी सांचू पोस्ट की रणनीतिक अहमियत और बढ़ गई थी. उस समय यह पोस्ट भारतीय सेना और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के लिए एक महत्वपूर्ण ऑपरेशनल बेस के रूप में इस्तेमाल की गई. भारतीय सेना ने सांचू पोस्ट को आधार बनाकर पाकिस्तान की कई चौकियों पर सैन्य कार्रवाई की. जानकारी के अनुसार भारतीय जवानों ने रनिहाल, बीजनोठ और रुकनपुर जैसी तीन पाकिस्तानी पोस्टों पर सफल अभियान चलाकर कब्जा किया था. इन अभियानों में भारतीय सेना और बीएसएफ के जवानों ने असाधारण बहादुरी का परिचय दिया.

पढ़ें : गृह मंत्री अमित शाह भारत-पाकिस्तान और भारत-बांग्लादेश सीमा का दौरा करेंगे

आज भी वीरता की मिसाल है सांचू पोस्ट : सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित सांचू पोस्ट आज भी देशभक्ति और सैन्य गौरव की प्रतीक मानी जाती है. स्थानीय लोगों और पूर्व सैनिकों के बीच इस पोस्ट से जुड़ी युद्ध की कहानियां आज भी गर्व के साथ सुनाई जाती हैं. 1965 और 1971 के युद्धों में भारतीय जवानों द्वारा दिखाए गए साहस और बलिदान ने सांचू पोस्ट को इतिहास के पन्नों में विशेष स्थान दिलाया है. यह पोस्ट आने वाली पीढ़ियों को देश की सुरक्षा में जवानों के योगदान और शौर्य की याद दिलाती रहेगी.

Sanchu Border Outpost in Bikaner
जवानों के साथ जलपान करते केंद्रीय गृह मंत्री (ETV Bharat Bikaner)

5 जिलों के कलेक्टर-एसपी के साथ करेंगे बैठक : अमित शाह मंगलवार को वापस बीकानेर पहुंचने के बाद बीकानेर के बीएसएफ सेक्टर मुख्यालय में सीमावर्ती अंतरराष्ट्रीय भारत-पाक सीमा से लगते 5 जिलों के कलेक्टर और SP के साथ संवाद करेंगे. इस हाई लेवल मीटिंग में सीमा पार से हो रही ड्रोन से हथियारों और मादक पदार्थ की तस्करी, सीमा सुरक्षा की व्यवस्था सहित अन्य मुद्दों को लेकर चर्चा होने की संभावना है.