नक्सलवाद के किले की ढही दीवार, देवजी के बाद कांकेर में DVCM मल्लेश का AK- 47 के साथ सरेंडर
तेलंगाना पुलिस के सामने बीते दिनों हार्डकोर नक्सली नेता देवजी और संग्राम ने किया था साथियों के साथ सरेंडर.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : February 25, 2026 at 1:32 PM IST
कांकेर: माओवादियों को बैक टू बैक तगड़ा झटका लगता ही जा रहा है. बीते दिनों हार्डकोर नक्सली नेता देवजी और संग्राम ने तेलंगाना में हथियार डाले थे. आज कांकेर के छोटे बेठिया में DVCM मल्लेश ने AK- 47 के साथ सरेंडर कर दिया. मल्लेश को सरेंडर को फोर्स नक्सलवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई में बड़ी सफलता मान रही है. बताया जा रहा है कि मल्लेश दशकों से कांकेर में सक्रिय रहा है. मल्लेश के सरेंडर करने से जहां माओवादियों का कैडर नेतृत्व विहीन हो गया है, वहीं छोटेबेठिया इलाके में बाकी बचे नक्सलियों का मनोबल पूरी तरह से खत्म हो जाएगा.
देवजी और संग्राम के बाद DVCM मल्लेश का AK- 47 के साथ सरेंडर
नक्सलवाद के खात्म के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 की आखरी डेडलाइन तय की है. इस डेडलाइन को देखते हुए बस्तर में सुरक्षाबल के जवान माओवादियों के खिलाफ तगड़ी कार्रवाई कर रहे हैं. एक तरफ मुठभेडों में माओवादी मारे जा रहे हैं. दूसरी ओर बड़ी संख्या में हथियारबंद माओवादी शस्त्र संघर्ष को विराम देने की दृष्टि से मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं.

इसी कड़ी में आज छोटेबेठिया BSF कैम्प में DVCM ( डिविजिनल कमेटी मेम्बर) मल्लेश ने AK-47 हथियार के साथ सरेंडर कर दिया. सरेंडर के साथ मल्लेश ने भारत के संविधान में आपनी पूरी आस्था भी जताई. माओवादी मल्लेश को जंगल से बाहर निकालने और पुलिस कैम्प तक लाने में सामाजिक कार्यकर्ताओं मैन्यू किरिंगा, मंगड़ू कचलामी और स्थानीय नागरिकों ने अपनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई.

बीएसएफ कैंप में किया सरेंडर
मल्लेश के आत्मसमर्पण की प्रकिया बीएसएफ कैम्प की सेक्टर ब्रांच अधिकारियों और 94 वीं वाहिनी के कमांडेंड राघवेंद्र सिंह की मौजूदगी में पूरी की गई. माओवादी मल्लेश माड़ डिवीजन के इंद्रावती एरिया में सक्रिय था. कंपनी नम्बर 16 का प्रभारी था. भैरमगढ़ से लेकर पूरे पूर्वी अबूझमाड़ में काफी सक्रिय था. स्थानीय व्यपारियों और जनता में मजबूत पकड़ थी. माओवादी मल्लेश के ऊपर 8 लाख रुपये घोषित था. अबूझमाड़ में घटे विभिन्न घटनाओं जैसे सड़क काटने, आगजनी और बैनर पोस्टर लगाने जैसी घटनाओं में शामिल रहा है.
24 फरवरी को तेलंगाना में हुआ था बड़ा सरेंडर
24 फरवरी को ही छत्तीसगढ़ से लगे तेलंगाना राज्य में CPI माओवादी के पोलित ब्यूरो सदस्य देवजी उर्फ टिप्पिरी थिरुपति, केंद्रीय समिति सदस्य मुरली उर्फ संग्राम, टीएससी सचिव दामोदर व डीकेएसजेडसी सदस्य गंगन्ना के द्वारा आत्मसमर्पण किया गया. सरेंडर सभी माओवादियों ने भारतीय संविधान में अपनी आस्था जताई. बड़े माओवादियों के लगातार समर्पण से माओवादी कैडरों में भगदड़ की स्थिति है. कई और नक्सली नेता और कैडर सरेंडर का मन बना चुके हैं. बीते दिनों डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने सरेंडर को लेकर माओवादियों के लिए एक ऑडियो संदेश भी जारी किया है.
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