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पीएम नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में क्यों लिया हिमाचल और इंदिरा गांधी का नाम, खच्चर और जीप का किया जिक्र

पीएम मोदी ने राज्यसभा में दो बार हिमाचल का नाम लिया. एक संदर्भ पूर्व पीएम इंदिरा का था, दूसरा हिमाचल में रेल विस्तार पर था.

राज्यसभा में भाषण देते पीएम मोदी
राज्यसभा में भाषण देते पीएम मोदी (PIC CREDIT: SANSAD TV)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : February 6, 2026 at 4:54 PM IST

4 Min Read
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शिमला: सियासी गलियारों में चर्चा है कि आखिर पीएम नरेंद्र मोदी बजट अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को लेकर लोकसभा में क्यों नहीं बोले. इधर, इस चर्चा के बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में दो बार हिमाचल का नाम लिया. एक संदर्भ पूर्व पीएम स्व. इंदिरा गांधी का था तो दूसरा हिमाचल में रेल विस्तार पर कांग्रेस की उदासीनता का रहा. पीएम नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में पहाड़ी राज्य की दुखती रग पर हाथ रखा. उसके बाद भाजपा नेताओं ने सोशल मीडिया पर पीएम के भाषण की क्लिप भी सांझा की है. आखिरकार पीएम मोदी ने हिमाचल का नाम क्यों लिया, इसे आगे की पंक्तियों में दर्ज करते हैं.

राज्यसभा में पीएम नरेंद्र मोदी लीक-लीक गाड़ी चले की तर्ज पर योजना आयोग की प्रासंगिकता और उसमें आई जड़ता का संदर्भ ले रहे थे. इसी दौरान उन्होंने एक घटना का जिक्र किया और हिमाचल का नाम लिया. दरअसल, प्रधानमंत्री योजना आयोग की बंधी-बंधाई लकीर पर चलने का जिक्र कर रहे थे. उस दौरान उन्होंने इंदिरा गांधी से जुड़ी एक घटना पर कहा-हिमाचल के दौरे से आने के बाद उन्होंने (इंदिरा गांधी) खुद एक घटना कहीं सुनाई. ये रिकार्ड पर उपलब्ध है, उसमें उन्होंने क्या कहा, ये उन्हीं के शब्द पढ़ रहा हूं, यानी इंदिरा गांधी के शब्द वो शब्द इस प्रकार थे-

पीएम मोदी ने इंदिरा गांधी के बारे में कहा कि काफी लंबे समय तक मुझे (इंदिरा गांधी) योजना आयोग से संघर्ष करना पड़ा. क्योंकि वे पहाड़ी क्षेत्रों के लिए अलग योजनाएं बनाने को तैयार ही नहीं थे. मैं हिमाचल प्रदेश गई थी. जब मैं वापिस आई तो मैंने योजना आयोग में कहा कि हमारे कामदारों को वर्कर्स को जीप की जरूरत नहीं है, बल्कि खच्चरों की आवश्यकता है, ताकि कम से कम उन पर सामान आदि लादा जा सके, लेकिन मुझे बताया गया कि हम पैसा तो जीप के लिए ही देंगे, क्योंकि खच्चरों के लिए पैसे देने की पॉलिसी नहीं है. अब वहां सड़कें ही नहीं थी तो फिर उस पर जीप का क्या लाभ हो सकता है, लेकिन उस समय योजना आयोग का जोर था कि या तो जीप या कुछ भी नहीं. आगे पीएम मोदी ने कहा कि ये भाषण किसी और का नहीं, ये कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी का भाषण है.

राज्यसभा में भाषण देते पीएम मोदी (VIDEO CREDIT: SANSAD TV)

आगे पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये कांग्रेस के लंबे शासनकाल में यही कार्यशैली रही है, जिसको इंदिरा जी भी जानती थी कि ये पाप चल रहा है, लेकिन इस कार्य संस्कृति को बदलने के लिए कोई कदम नहीं उठाया. आगे पीएम मोदी ने कहा कि इंदिरा जी जिस प्लानिंग कमीशन की धज्जियां उड़ा रही थीं, उसके जन्मदाता उनके स्वयं के पिताजी थे. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि इंदिरा जी ये बातें तब कह रही थी जब प्लानिंग कमीशन को बने दो दशक हो गए थे. पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने इसे बदला और नीति आयोग का गठन किया.

सियासी फायदे के लिए घोषणाएं

पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल में तकनीक से जुड़े प्रगति प्लेटफार्म की स्थापना का जिक्र करने से पहले कहा कि कांग्रेस सियासी फायदे के लिए घोषणाएं करती थीं, काम फाइलों में ही अटका रहता था. इसी दौरान पीएम मोदी ने हिमाचल के लिए रेल संबंधी किसी घोषणा की बात बताई कि संसद में कांग्रेस सरकार ने हिमाचल के शायद ऊना के लिए कोई ट्रेन का ऐलान किया था. पीएम ने कहा कि उनकी सरकार आने तक उस योजना की ड्राइंग तक नहीं बनी थी. प्रगति प्लेटफार्म पर ये बात उनके ध्यान में आई. बजट बढ़ता रहता था और घोषणा पूरी नहीं होती थी.

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