ETV Bharat / bharat

सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद चार आरोपियों ने बेल बांड भरा, वेरिफिकेशन रिपोर्ट तलब

सुप्रीम कोर्ट ने 5 जनवरी को दिल्ली दंगों की साजिश रचने के मामले में पांच आरोपियों को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था.

कड़कड़डूमा कोर्ट
कड़कड़डूमा कोर्ट (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Delhi Team

Published : January 6, 2026 at 8:33 PM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

नई दिल्ली: दिल्ली दंगों की साजिश रचने के मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद चार आरोपियों ने कड़कड़डूमा कोर्ट में बेल बांड दाखिल किया. एडिशनल सेशंस जज समीर बाजपेयी ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दाय कि वो चारों आरोपियों के जमानतियों का वेरिफिकेशन कर कल यानि 7 जनवरी को रिपोर्ट दाखिल करे.

जिन चार आरोपियों ने कड़कड़डूमा कोर्ट में बेल बांड दाखिल किया उनमें गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान और मोहम्मद सलीम खान शामिल हैं. इन आरोपियों ने दो-दो लाख का निजी मुचलका और दो-दो लाख रुपये के स्थानीय जमानतियों के बेल बांड भरा. बता दें कि 5 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगों की साजिश रचने के मामले में पांच आरोपियों को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था. जस्टिस अरविंद कुमार की अध्यक्षता वाली बेंच ने इन आरोपियों पर जमानत की कड़ी शर्तें लगाई गई थीं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ये आरोपी किसी रैली में हिस्सा नहीं ले सकते और पोस्टर नहीं बांट सकते हैं.

चार आरोपियों ने बेल बांड भरा: सुप्रीम कोर्ट ने जो शर्तें लगाई हैं, उनमें दो लाख रुपए के निजी मुचलके के अलावा दो लाख रुपए का स्थानीय जमानती के बेल बांड भरने का आदेश दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि पांचों आरोपी बिना ट्रायल कोर्ट की अनुमति के दिल्ली के बाहर नहीं जा सकते हैं. कोर्ट ने पांचों आरोपियों को अपना पासपोर्ट ट्रायल कोर्ट में जमा करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा कि अगर किसी आरोपी के पास पासपोर्ट नहीं है तो इस संबंधी हलफनामा दाखिल करेगा.

कोर्ट की साक्ष्यों से छेड़छाड़ ना करने की हिदायत: सुप्रीम कोर्ट ने सभी आरोपियों को सप्ताह में दो बार जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने का आदेश दिया. कोर्ट ने जांच अधिकारी के समक्ष सोमवार और गुरुवार को पेश होने का आदेश दिया. सुप्रीम कोर्ट ने आरोपियों को निर्देश दिया कि वो अपना आवासीय पता, फोन नंबर और ई-मेल एड्रेस जांच अधिकारी को उपलब्ध कराएंगे. कोर्ट ने इस मामले के गवाहों से संपर्क करने और साक्ष्यों से छेड़छाड़ नहीं करने की हिदायत दी है. कोर्ट ने इन आरोपियों को हिदायत दी है कि वे इस मामले से संबंधित कोई भी सूचना किसी से साझा नहीं करेंगे, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शेयर नहीं करेंगे.

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले के दो आरोपियों उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार कर दिया. इस मामले के चार आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है. जिन आरोपियों को पहले जमानत मिल चुकी है, उनमें सफूरा जरगर, आसिफ इकबाल तान्हा, देवांगन कलीता और नताशा नरवाल शामिल हैं. बता दें कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों में 53 लोग मारे गए थे और करीब दो सौ लोग घायल हो गए थे.

यह भी पढ़ें: