NIA ने दिल्ली ब्लास्ट केस में चार और मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया
एनआईए ने लाल किला ब्लास्ट के चार और मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिससे कुल गिरफ्तारियां छह हो गई.

Published : November 20, 2025 at 4:50 PM IST
नई दिल्ली : 10 नवंबर को हुए दिल्ली ब्लास्ट केस की जांच तेज होने के साथ ही एनआईए (NIA) ने इस आतंकी हमले में शामिल चार और मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इससे इस केस में गिरफ्तार किए गए लोगों की कुल संख्या छह हो गई है.
एनआईए के मुताबिक गिरफ्तार किए गए, तीन आरोपी जम्मू-कश्मीर से हैं, जबकि एक उत्तर प्रदेश से है. एनआईए ने आरोपियों की पहचान पुलवामा के डॉ. मुजम्मिल शकील गनई, अनंतनाग के डॉ. अदील अहमद राथर, शोपियां के मुफ्ती इरफान अहमद वागे (सभी जम्मू-कश्मीर के) और लखनऊ (उत्तर प्रदेश) के डॉ. शाहीन सईद के रूप में की है.
NIA India (@NIA_India) posts, " nia arrests 4 more prime accused in red fort blast case, taking total to 6." pic.twitter.com/iKp59RZth5
— Press Trust of India (@PTI_News) November 20, 2025
इस बारे में एनआईए ने गुरुवार को अपने बयान में कहा, "जिला सेशन जज, पटियाला हाउस कोर्ट के प्रोडक्शन ऑर्डर पर एनआईए ने श्रीनगर, जम्मू और कश्मीर में चारों आरोपियों को हिरासत में लिया."
एनआईए की जांच के अनुसार, इन सभी ने आतंकी हमले में अहम भूमिका निभाई थी, जिसमें कई बेगुनाह लोग मारे गए थे और कई अन्य घायल हुए थे. मामले की जांच तेजी से करते हुए, एनआईए ने पहले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था -- आमिर राशिद अली, जिसके नाम पर ब्लास्ट में इस्तेमाल की गई कार रजिस्टर्ड थी, और जसीर बिलाल वानी उर्फ दानिश, जिसने जानलेवा हमले में शामिल आतंकवादी को टेक्निकल मदद दी थी.
पहले के बयान के मुताबिक, जसीर ने खतरनाक कार बम धमाके से पहले ड्रोन को मॉडिफाई करके और रॉकेट बनाने की कोशिश करके आतंकी हमले करने के लिए टेक्निकल सपोर्ट दिया था. इस धमाके में 15 लोग मारे गए थे और 30 से अधिक लोग घायल हुए थे.
इससे पहले सोमवार को दिल्ली की एक अदालत ने उमर के साथ साजिश रचने के आरोपी कश्मीरी निवासी आमिर राशिद अली को भी 10 दिन की एनआईए हिरासत में भेज दिया था. अली, जिसके नाम पर ब्लास्ट में इस्तेमाल की गई कार रजिस्टर्ड थी, को 16 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था.
एनआईए ने कहा, "आरसी-21/2025/एनआईए/डीएलआई केस में पूरी आतंकी साजिश का पता लगाने की एनआईए की कोशिशों के तहत उनसे पूछताछ जारी है." हमले के तुरंत बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जिस एंटी-टेरर एजेंसी को जांच सौंपी थी, वह आतंकी हमले में शामिल आतंकी मॉड्यूल के हर सदस्य को ट्रैक करने और गिरफ्तार करने के लिए अलग-अलग राज्य पुलिस फोर्स के साथ मिलकर काम कर रही है.
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