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दिल्ली राजनीति 2025: बयानों का दंगल और वायरल होती सुर्खियां; वार-पलटवार ! सब जानें एक क्लिक में

रेखा गुप्ता की 'मोदी टीम' वाली रणनीति, केजरीवाल की 'आत्मचिंतन' वाली भावुकता और कांग्रेस की 'वोट चोर' वाली राजनीति ने सोशल मीडिया पर तहलका मचाया.

दिल्ली की राजनीति में इस साल वायरल होती सुर्खियां
दिल्ली की राजनीति में इस साल वायरल होती सुर्खियां (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Delhi Team

Published : December 31, 2025 at 9:00 AM IST

9 Min Read
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नई दिल्ली: दिल्ली की राजनीति के लिए साल 2025 एक बड़े परिवर्तन का वर्ष साबित हुआ है. 27 साल के लंबे अंतराल के बाद भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली की सत्ता में वापसी की. रेखा गुप्ता ने मुख्यमंत्री के रूप में दिल्ली की कमान संभाली. वहीं, आम आदमी पार्टी सत्ता से बाहर हो गई. इस सत्ता परिवर्तन और उसके बाद के घटनाक्रमों ने सोशल मीडिया पर बयानों की एक ऐसी बाढ़ ला दी, जिसने न केवल सुर्खियां बटोरीं, बल्कि राजनीतिक विमर्श को भी गरमा दिया.

2025 में दिल्ली की सियासी पिच पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की 'मोदी टीम' वाली रणनीति, अरविंद केजरीवाल की 'आत्मचिंतन' वाली भावुकता और कांग्रेस की 'वोट चोर' वाली आक्रामक राजनीति ने सोशल मीडिया पर जमकर तहलका मचाया. साल खत्म होने वाला है तो दिल्ली की खराब आबोहवा और प्रदूषण को लेकर सीएम और मंत्रियों के बयान सुर्खियों में हैं. इसी क्रम दिल्ली की राजनीति में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के बयानों ने सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियां बटोरीं. विशेष रूप से प्रदूषण और कूड़े के प्रबंधन जैसे दिल्ली के ज्वलंत मुद्दों पर उनके तीखे और बेबाक अंदाज को नेटिज़न्स ने हाथों-हाथ लिया. ऐसे में पढ़िए साल 2025 की 10 वो सुर्खियां जो लगाातर बनी रही चर्चाओं में...

प्रदूषण को लेकर सीएम रेखा गुप्ता का बयान
प्रदूषण को लेकर सीएम रेखा गुप्ता का बयान (ETV Bharat)

बयान-1

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के वो बयान जिन्होंने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी "प्रदूषण कोई चुनावी मौसम नहीं, विरासत में मिली बीमारी है". दिसंबर 2025 में जब दिल्ली का AQI गंभीर श्रेणी में पहुँचा, तब मुख्यमंत्री ने लीडरशिप समिट और अन्य मंचों पर प्रदूषण को लेकर एक बड़ा बयान दिया जो वायरल हो गया. वायरल बयान: "प्रदूषण कोई ऐसी चीज नहीं जिसे हम जादू की छड़ी से रातों-रात खत्म कर दें. यह हमें विरासत में मिली एक 'लिगेसी प्रॉब्लम' है. पिछले 10 सालों की अनदेखी का खामियाजा आज दिल्ली भुगत रही है." इस बयान पर तीखी बहस हुई. भाजपा समर्थकों ने इसे पिछली सरकार की विफलता बताया, जबकि विपक्ष ने इसे अपनी जिम्मेदारियों से भागना करार दिया. 'लिगेसी प्रॉब्लम' शब्द सोशल मीडिया पर हफ़्तों तक ट्रेंड करता रहा.

वायु प्रदूषण को लेकर अरविंद केजरीवाल का सरकार पर तंज
वायु प्रदूषण को लेकर अरविंद केजरीवाल का सरकार पर तंज (ETV Bharat)

बयान-2

सीएम का दूसरा वायरल बयान "कूड़े के ढेर नहीं, दिल्ली का कलंक मिटाना है" रहा. अगस्त 2025 में मुख्यमंत्री ने दिल्ली को कूड़े से आजादी अभियान की शुरुआत की. गाजीपुर और भलस्वा लैंडफिल साइट्स के दौरे के दौरान उन्होंने कहा "कूड़े के ये पहाड़ दिल्ली की पहचान नहीं, बल्कि दिल्ली के माथे पर कलंक हैं. अगले दो साल में हम इन पहाड़ों की ऊंचाई नहीं, बल्कि इन्हें जड़ से खत्म करने का लक्ष्य रखते हैं. हम सिर्फ वादे नहीं, प्रोग्रेस रिपोर्ट देंगे." सरकार ने इसके लिए सोशल मीडिया पर 'बिफोर एंड आफ्टर' फोटो कैंपेन शुरू किया, जिसमें साफ किए गए इलाकों की तस्वीरें साझा की गईं. मुख्यमंत्री के इस विजन को युवाओं ने मॉडर्न दिल्ली के सपने से जोड़ा.

बयान-3

'नो पीयूसी, नो फ्यूल' अभियान, अनुशासन पर सख्ती के मकसद से दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता और पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा दोनों ने दिया. दिसंबर 2025 में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए मुख्यमंत्री ने 'नो पीयूसी, नो फ्यूल' नियम को सख्ती से लागू करने का आदेश दिया. बिना प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र के गाड़ी चलाना दिल्ली की हवा के खिलाफ एक अपराध है. नियम सबके लिए बराबर हैं, चाहे वो आम जनता हो या खास. मुख्यमंत्री का एक वीडियो क्लिप वायरल हुआ जिसमें वे अधिकारियों को निर्देश दे रही थीं कि लोक अदालतों में भी इन जुर्मानों में छूट न दी जाए, क्योंकि यह राजस्व का नहीं, बल्कि दिल्ली के बच्चों की सेहत का सवाल है.

वायु प्रदूषण को लेकर पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा का बयान
वायु प्रदूषण को लेकर पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा का बयान (ETV Bharat)

बयान-4

यमुना सफाई पर भावुक अपील: "यमुना केवल नदी नहीं, दिल्ली की आत्मा है". यमुना में झाग की तस्वीरों के बीच मुख्यमंत्री ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि "यमुना को गंदा करने वाले दिन अब लद चुके हैं. हम नालों की टैपिंग और आधुनिक एसटीपी पर 100 करोड़ का अतिरिक्त बजट खर्च कर रहे हैं. मेरी प्राथमिकता है कि अगले मानसून तक यमुना के किनारों पर झाग नहीं, बल्कि निर्मल जल दिखे."

कूड़े के पहाड़ों पर सीएम रेखा का बयान
कूड़े के पहाड़ों पर सीएम रेखा का बयान (ETV Bharat)

रेखा गुप्ता के इन बयानों की खासियत यह रही कि उन्होंने तकनीकी शब्दों जैसे लिगेसी प्रॉब्लम, बायो-माइनिंग के साथ-साथ भावनात्मक अपीलों का भी इस्तेमाल किया. उनके "मैं टीम मोदी की सदस्य हूँ, रुकना मेरी फितरत में नहीं" जैसे रील और शॉर्ट्स के रूप में खूब साझा किए गए. वहीं, मुख्यमंत्री के प्रदूषण और कूड़े के प्रबंधन वाले बयानों के बाद दिल्ली की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर चरम पर पहुँच गया. आम आदमी पार्टी के सौरभ भारद्वाज केजरीवाल और कांग्रेस के नेताओं ने इन मुद्दों पर मुख्यमंत्री को घेरते हुए कई तीखे पलटवार किए, जो सोशल मीडिया पर वायरल हुए.

विपक्षी नेताओं के चर्चित पलटवार

बयान-5

विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की हार और केजरीवाल का "हार से सीख" और सौरभ भारद्वाज का "गुंडागर्दी" पर प्रहार बयान भी सुर्खियों में रहा. 10 साल तक दिल्ली पर राज करने वाली आम आदमी पार्टी के लिए 2025 हार का साल रहा. अरविंद केजरीवाल और उनके सहयोगियों के बयानों में इस बार आक्रामकता से ज्यादा बचाव और सामाजिक सुरक्षा के मुद्दे दिखे. अरविंद केजरीवाल का चुनाव नतीजों के बाद उनका सोशल मीडिया पोस्ट वायरल हुआ “जनता का फैसला सिर माथे पर, हम आत्ममंथन करेंगे कि हमसे कहां चूक हुई.” समर्थकों के बीच उनका यह शांत और भावुक अंदाज काफी चर्चा में रहा.

प्रदूषण वाले बयान पर सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली सीएम पर कसा तंज
प्रदूषण वाले बयान पर सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली सीएम पर कसा तंज (ETV Bharat)

बयान-6

दिसंबर 2025 में लाजपत नगर में क्रिसमस के दौरान महिलाओं से छेड़छाड़ के मुद्दे पर उन्होंने पुलिस को आड़े हाथों लिया. उनका वायरल बयान था “पूरी दुनिया ने वीडियो देखा कि कैसे गुंडों ने महिलाओं को धमकाया, लेकिन पुलिस इसे 'मामूली कहासुनी' बता रही है. अगर एफआईआर नहीं हुई, तो हम अदालत जाएंगे.”

यमुना प्रदूषण को लेकर देवेंद्र यादव ने दिल्ली सरकार को घेरा
यमुना प्रदूषण को लेकर देवेंद्र यादव ने दिल्ली सरकार को घेरा (ETV Bharat)

बयान-7

जब मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रदूषण को 'विरासत में मिली बीमारी' बताया, तो आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए उन पर हमला बोला. उन्होंने कहा "मुख्यमंत्री जी, दिल्ली की जनता ने आपको काम करने के लिए चुना है, बहाने बनाने के लिए नहीं. जब हम काम करते थे, तो आप हमें दोषी ठहराते थे. आज जब जिम्मेदारी आपकी है, तो आप इसे 'विरासत' बता रही हैं. यह 'लिगेसी प्रॉब्लम' नहीं, आपकी 'डिलीवरी प्रॉब्लम' है."

बयान-8

आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने मुख्यमंत्री के 'No PUC, No Fuel' वाले बयान को जनता का उत्पीड़न बताया. उन्होंने बोला "मुख्यमंत्री जी, प्रदूषण ट्रकों और औद्योगिक इकाइयों से फैल रहा है, लेकिन आप आम आदमी की स्कूटी और कार के पीछे हाथ धोकर पड़ गई हैं. यह पर्यावरण बचाओ अभियान नहीं, बल्कि 'वसूली अभियान' बन चुका है. जनता को डराइए मत, समाधान दीजिए."

दिल्ली को 'स्मार्ट सिटी' नहीं, 'सांस लेने लायक सिटी' चाहिए- देवेंद्र यादव
दिल्ली को 'स्मार्ट सिटी' नहीं, 'सांस लेने लायक सिटी' चाहिए- देवेंद्र यादव (ETV Bharat)

बयान-9

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की "वोट चोर, गद्दी छोड़" मुहिम ने दिल्ली में अपनी खोई जमीन तलाश रही कांग्रेस ने 2025 में चुनाव आयोग और मतदाता सूची में गड़बड़ी के मुद्दे पर अपनी राजनीति केंद्रित रखी. मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर राहुल गांधी ने नारा दिया “वोट चोर, गद्दी छोड़” सोशल मीडिया पर इस हैशटैग के साथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बड़े पैमाने पर डिजिटल कैंपेन चलाया.

बयान-10

वहीं, कांग्रेस नेता देवेंद्र यादव ने दिल्ली के लैंडफिल साइट्स कूड़े के पहाड़ों के मुद्दे पर मुख्यमंत्री के दावों को 'जुमला' करार दिया. देवेंद्र यादव ने कहा कि "दिल्ली की सड़कों पर धूल है और हवा में ज़हर. मुख्यमंत्री कहती हैं कूड़े के पहाड़ हट रहे हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि वे पहाड़ हटे नहीं हैं, बल्कि भाजपा के करोड़ों के विज्ञापनों के पीछे छिप गए हैं. दिल्ली को 'स्मार्ट सिटी' नहीं, 'सांस लेने लायक सिटी' चाहिए." इसका असर यह हुआ कि दिल्ली के कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी के 'विज्ञापन वाली सरकार' वाला तंज कार्यकर्ताओं ने घर-घर पहुँचाया.

कांग्रेस नेताओं ने रेखा गुप्ता के 'टीम मोदी' वाले बयान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि दिल्ली को 'टीम मोदी' नहीं, 'टीम दिल्ली' की ज़रूरत है. कांग्रेस की दिल्ली इकाई ने यमुना सफाई पर श्वेत पत्र की मांग की. यमुना सफाई पर रेखा गुप्ता की 'भावुक अपील' पर दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने तंज कसा, उन्होंने कहा "यमुना जी को भावनाओं की नहीं, साफ नीयत और एसटीपी की ज़रूरत है. मुख्यमंत्री के पास झाग कम करने का कोई ठोस रोडमैप नहीं है, वे केवल कैमरे के सामने भावुक होना जानती हैं."

2025 की दिल्ली राजनीति ने यह साबित कर दिया कि अब जनता केवल वादों पर नहीं, काम पर किस तरह पैनी नजर रखती है. राजनीतिक विश्लेषण और सोशल मीडिया का प्रभाव 2025 की राजनीति ने यह स्पष्ट कर दिया कि अब चुनावी रैलियों से ज्यादा 15-सेकंड की रील और एक्स के थ्रेड्स जनमत तय कर रहे हैं. साल 2025 दिल्ली के लिए केवल मुख्यमंत्री बदलने का साल नहीं रहा, बल्कि यह बयानों के जरिए विचारधाराओं के टकराव का साल रहा. रेखा गुप्ता की अगुवाई में दिल्ली 'विकसित दिल्ली' का सपना देख रही है, तो वहीं विपक्ष अपनी रणनीति को पुनर्गठित करने में जुटा है.

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