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AI समिट मामले में आरोपियों को दिल्ली ले जाने से हिमाचल पुलिस ने रोका, शिमला में दिल्ली पुलिस के खिलाफ FIR दर्ज

शिमला जिला अदालत में परिसर में घंटों रहने के बाद दिल्ली पुलिस तीनों आरोपियों को लेकर दिल्ली रवाना हुई, लेकिन हिमाचल पुलिस ने रोक लिया.

Delhi Police vs Himachal Police in Himachal
हिमाचल में दिल्ली पुलिस बनाम हिमाचल पुलिस (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : February 25, 2026 at 8:56 PM IST

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Updated : February 25, 2026 at 9:05 PM IST

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शिमला: हिमाचल प्रदेश में बुधवार (25 फरवरी) को दिल्ली पुलिस और हिमाचल पुलिस आमने-सामने आ गए. AI इंपैक्ट समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन से जुड़े मामले में दोनों राज्यों की पुलिस आमने-सामने आ गई. कई घंटों तक शिमला जिला अदालत में परिसर में रहने के बाद दिल्ली पुलिस हिरासत में लिए गए तीनों लोगों को साथ लेकर दिल्ली के लिए रवाना तो हुई, लेकिन दिल्ली पुलिस हिमाचल से बाहर निकल पाती उससे पहले शिमला पुलिस ने शोगी बॉर्डर पर रोक लिया.

इस दौरान दिल्ली और हिमाचल पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई. शिमला में करीब 4 से 5 घंटे चले ड्रामे के बाद शोगी बैरियर पर हाई वोल्टेज ड्रामा चला. वहीं, शिमला पुलिस ने दिल्ली पुलिस के खिलाफ FIR दर्ज की है. हिमाचल में पहली बार ऐसे तस्वीर देखने को मिली, जब दो राज्यों की पुलिस आमने सामने नजर आई.

तीनों आरोपियों को साथ ले गई दिल्ली पुलिस (ETV Bharat)

हिमाचल में दिल्ली पुलिस बनाम हिमाचल पुलिस

जानकारी के मुताबिक बुधवार को दिल्ली पुलिस ने शिमला जिले के रोहड़ू क्षेत्र से तीन लोगों को हिरासत में लिया. दिल्ली पुलिस इन तीन लोगों अपने साथ ले जा रही थी. इसी दौरान नाटकीय ढंग से हिमाचल पुलिस ने तीनों आरोपियों के साथ दिल्ली पुलिस की टीम को शिमला में रोक लिया. इसके बाद हिमाचल पुलिस तीनों लोगों के साथ दिल्ली पुलिस के जवानों को लेकर शिमला जिला अदालत पहुंची.

Delhi Police vs Himachal Police in Himachal
हिमाचल में दिल्ली पुलिस बनाम हिमाचल पुलिस (ETV Bharat)

मामले में एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की कोर्ट में SHO बालूगंज जसवंत सिंह की ओर से एप्लीकेशन दी गई. इसके बाद से दोनों राज्यों की पुलिस के अधिकारी अदालत परिसर में मौजूद रहे. इस दौरान शिमला जिला न्यायाल परिसर में खूब गहमागहमी देखने को मिली दिल्ली पुलिस के जवानो के साथ बड़ी संख्या में शिमला पुलिस के जवान मौजूद रहे. इस दौरान शिमला पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह सहित शिमला पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी भी कोर्ट परिसर पहुंचे.

क्या है शिमला और दिल्ली पुलिस का एक-दूसरे पर आरोप?

शिमला पुलिस का आरोप है कि, दिल्ली पुलिस ने स्थानीय पुलिस को सूचना दिए बगैर इन तीन लोगों को हिरासत में लिया. जबकि, दिल्ली पुलिस का आरोप है कि यह निर्धारित प्रक्रिया के विरुद्ध है. वहीं, हिमाचल पुलिस का कहना है कि दिल्ली पुलिस के जवानों को डिटेन नहीं किया गया है. दिल्ली पुलिस के जवानों को केवल पूछताछ के लिए रोका गया.

तीनों आरोपियों को लेकर रवाना हुई दिल्ली पुलिस

कई घंटों तक शिमला जिला अदालत परिसर में हलचल बनी रही. समय को देखते हुए कोर्ट परिसर को बंद कर दिया गया. इसके कुछ देर बाद दिल्ली पुलिस अचानक से तीनों आरोपियों को साथ कोर्ट परिसर से बाहर निकली. इसके बाद दिल्ली पुलिस तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर दिल्ली के लिए रवाना हुए. लेकिन शिमला पुलिस ने शोगी बॉर्डर पर रोक लिया.

ANI के अनुसार, अधिकारियों ने बताया कि बुधवार (25 फरवरी) सुबह शिमला शिमला जिले के रोहड़ू से दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए तीन यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को राज्य पुलिस के दखल के बाद हिमाचल प्रदेश वापस लाया गया. हिमाचल प्रदेश पुलिस के मुताबिक, दिल्ली पुलिस टीम को सोलन जिले के धरमपुर में रोका गया, जहां कार्रवाई को गैर-कानूनी बताया गया और कार्यकर्ताओं को हिरासत से रिहा कर दिया गया.

पुलिस ने कहा, "हिरासत की जानकारी मिलने के बाद हिमाचल पुलिस ने दखल दिया. शिमला पुलिस उन तीन युवाओं को वापस ले आई, जिन्हें दिल्ली पुलिस ने गैर-कानूनी हिरासत में लिया था. उन्हें कानूनी प्रक्रिया के अनुसार एक लोकल कोर्ट में पेश किया जा रहा है."

अधिकारियों ने बताया कि तीनों को रोहड़ू से राष्ट्रीय राजधानी में हुए विरोध प्रदर्शनों के सिलसिले में पकड़ा गया था, जिसमें यूथ कांग्रेस, NSUI और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के सदस्य AI से जुड़े सबमिशन मुद्दे पर शामिल थे. इस विरोध प्रदर्शन में पार्टी की यूथ विंग और स्टूडेंट लीडर्स ने हिस्सा लिया था, जिसके कारण दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनों के दौरान उन्हें हिरासत में लिया था.

एआई समिट में प्रदर्शन मामले में कार्रवाई

सूत्रों के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने यह कार्रवाई AI सम्मिट 2026 के दौरान यूथ कांग्रेस कार्यकर्तों द्वारा टी-शर्ट उतारकर दिल्ली में प्रदर्शन मामले में की है. पुलिस ने जिन इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है, वह हिमाचल के नहीं हैं. आरोप है कि तीनों प्रदर्शन में शामिल थे. वह छुपने के लिए शिमला के रोहड़ू पहुंचे थे. इससे पहले दिल्ली पुलिस तड़के सुबह 3 गाड़ियों में रोहड़ू पहुंची थी.

बिना वारंट पुलिस की एंट्री पर कुलदीप राठौर ने उठाए सवाल

कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं ठियोग विधानसभा क्षेत्र के विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने आरोप लगाया कि, "प्रदर्शन के बाद दिल्ली स्थित हिमाचल सदन में देर रात पुलिस ने गलत तरीके से प्रवेश किया और गिरफ़्तारी की कोशिश की. पुलिस बिना वॉरंट के पहुंची थी. इस मामले में दिल्ली पुलिस के खिलाफ हिमाचल पुलिस सख्त कार्रवाई करे. वर्तमान माहौल में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन को देश के खिलाफ बताया जा रहा है, जो लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है."

दिल्ली पुलिस को रोकने पर भड़की भाजपा

AI समिट में हुए प्रदर्शन प्रकरण में दिल्ली पुलिस द्वारा रोहड़ू के तीन युवा कांग्रेस पदाधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद हिमाचल पुलिस द्वारा रोकने पर भाजपा भड़क गई है और कांग्रेस सरकार पर देश के अपमान करने वालों को संरक्षण देने के आरोप लगाए. भाजपा प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक राकेश जम्वाल ने दिल्ली पुलिस को रोकने को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि, "हिमाचल के इतिहास में यह पहली बार हुआ है. जब एक राज्य की पुलिस ने दूसरे राज्य की पुलिस की वैधानिक कार्रवाई में इस प्रकार हस्तक्षेप किया हो. इसे 'व्यवस्था परिवर्तन' बताना प्रदेश की जनता के साथ मजाक है. यह स्पष्ट संकेत है कि प्रदेश में कानून का राज नहीं, बल्कि 'गुंडाराज' चल रहा है, जहां कांग्रेस से जुड़े लोगों को खुला संरक्षण दिया जा रहा है."

(ANI इनपुट के साथ)

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Last Updated : February 25, 2026 at 9:05 PM IST