दिल्ली में बड़े आतंकी हमले की साजिश नाकाम, ISI हैंडलर के इशारे पर काम कर रहे 4 आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की ने ISI से जुड़े एक अंतरराज्यीय आतंकी और अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

Published : July 2, 2026 at 11:47 AM IST
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी (ISI) से जुड़े एक अंतरराज्यीय आतंकी और अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों में तीन पंजाब और एक दिल्ली से पकड़ा गया. पुलिस के अनुसार, आरोपी दिल्ली में आतंकी वारदात को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे और पाकिस्तान में बैठे ISI हैंडलर शहजाद भट्टी के निर्देश पर काम कर रहे थे.
विदेशी मोबाइल नंबर से पाकिस्तानी हैंडलरों से होती थी बातचीत
स्पेशल सेल के डीसीपी प्रवीण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि इंस्पेक्टर सतीश राणा और इंस्पेक्टर अशोक की टीम ने एसीपी विवेक कुमार त्यागी की निगरानी में यह कार्रवाई की. आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है. स्पेशल सेल को खुफिया सूचना मिली थी कि पाकिस्तान स्थित ISI हैंडलर शहजाद भट्टी और उसके सहयोगी दिल्ली-एनसीआर में बड़ी आतंकी घटना को अंजाम देने की साजिश रच रहे हैं. इसके लिए पंजाब के युवाओं की भर्ती की गई थी. आरोपी विदेशी मोबाइल नंबरों के जरिए पाकिस्तानी हैंडलरों से संपर्क में थे, ताकि सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी से बच सकें.
Delhi Police's Special Cell has arrested four men from Punjab and Delhi for allegedly planning a terror attack in the national capital on the directions of Pakistan based ISI handler Shahzad Bhatti. The accused were identified as Shubdeep Singh (23), Gurjant Singh (22), Sajan… pic.twitter.com/P9AbWRigTC
— ANI (@ANI) July 2, 2026
ड्रोन से आते थे हथियार व मादक पदार्थ
सूचना के आधार पर दिल्ली और पंजाब में कई स्थानों पर छापेमारी की गई. तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर तंत्र की मदद से संदिग्धों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया. सबसे पहले पंजाब के अमृतसर स्थित मजीठा रोड से शुभदीप सिंह उर्फ विशाल (23) को गिरफ्तार किया गया. उसके कब्जे से एक सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए. पूछताछ में शुभदीप ने खुलासा किया कि वह पाकिस्तान सीमा से सटे तरनतारन इलाके में रहता है और पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भेजे जाने वाले हथियार और मादक पदार्थों की खेप प्राप्त करता था. वह विदेशी नंबरों के माध्यम से ISI हैंडलरों और ड्रोन ऑपरेटरों से संपर्क में रहता था.
शुभदीप पंजाब के जिला तरनतारन का है. वह पाकिस्तान सीमा से करीब तीन किलोमीटर दूर रहता है. पहले भी पंजाब पुलिस द्वारा NDPS एक्ट के मामले में गिरफ्तार हो चुका है. शुभदीप से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने उसके दो साथियों गुरजंत सिंह उर्फ ऋषि (22) और साजन सिंह उर्फ हनी (28) को पंजाब से गिरफ्तार किया. गुरजंत सिंह उर्फ ऋषि भी तरनतारन का है.
साजन सिंह उर्फ हनी अमृतसर का निवासी है. पहले NDPS एक्ट के मामले में पंजाब पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है. वहीं दोनों के कब्जे से एक विदेशी जिगाना पिस्टल, चार जिंदा कारतूस और दो मोबाइल फोन बरामद हुए. जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए आने वाले हथियार और नशीले पदार्थों की खेप हासिल करने में सक्रिय भूमिका निभाते थे.
दिल्ली से पकड़ा गया चौथा आरोपी
जांच के दौरान 24 अप्रैल 2026 को पुलिस ने गगनप्रीत (24) को दिल्ली से गिरफ्तार किया. उसके मोबाइल फोन से कई अहम डिजिटल साक्ष्य मिले हैं. पुलिस के अनुसार गगनप्रीत को पाकिस्तानी हैंडलरों ने दिल्ली के धार्मिक स्थलों, पुलिस थानों और पुलिस पिकेटों की रेकी करने का काम सौंपा था. उसे दिल्ली में फायरिंग की घटना को अंजाम देने का भी निर्देश दिया गया था. गगनप्रीत जिला फतेहगढ़ साहिब का रहने वाला है. सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी हैंडलरों के संपर्क में आया. उसे दिल्ली के पुलिस थानों, पुलिस पिकेटों और धार्मिक स्थलों की वीडियो बनाकर भेजने तथा फायरिंग की घटना को अंजाम देने की जिम्मेदारी दी गई थी.
स्पेशल सेल के डीसीपी प्रवीण कुमार त्रिपाठी का कहना है कि
प्रारंभिक जांच में यह नेटवर्क पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार और नशीले पदार्थों की तस्करी तथा दिल्ली-एनसीआर में आतंकी गतिविधियों की साजिश से जुड़ा मिला है. पुलिस अब ISI नेटवर्क, स्थानीय सहयोगियों और अन्य संभावित मॉड्यूल की पहचान करने में जुटी है. मामले की विस्तृत जांच जारी है.
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