मालवीय नगर अग्निकांड: एलजी ने बुलाई आपात बैठक, दिल्ली में चलेगा फायर सेफ्टी का 'महा-अभियान'
एलजी ने कहा कि गैर-अनुपालन करने वाले प्रतिष्ठानों को सील किया जाएगा.

Published : June 3, 2026 at 8:01 PM IST
नई दिल्ली: मालवीय नगर इलाके में बुधवार सुबह हुई दर्दनाक अग्निकांड की घटना ने राजधानी दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. इस घटना के बाद उपराज्यपाल तरनजीत सिंह सिंधू ने स्थिति को देखते हुए तत्काल प्रभाव से एक उच्च स्तरीय आपात बैठक बुलाई. बैठक में दिल्ली सरकार के गृह मंत्री और भाजपा नेता आशीष सूद सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए.
इस दौरान फायर सेफ्टी मानकों के उल्लंघन और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक व्यापक मल्टी-डिपार्टमेंटल एक्शन प्लान तैयार किया गया है. वहीं, इस अग्निकांड मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए होटल मालिक लवकेश बजाज को हिरासत में ले लिया है. इस हादसे में 21 लोगों की मौत हुई थी. इससे पहले उनके और उनकी पत्नी के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया था.
Chaired an emergency high-level review meeting today along with Minister of Home, GNCTD, Shri @ashishsood_bjp, following the tragic fire incident in Malviya Nagar. A comprehensive multi-departmental action plan for strengthening fire safety across Delhi has been formulated under… pic.twitter.com/wTgYr9OYv4
— LG Delhi (@LtGovDelhi) June 3, 2026
कल से शुरू होगा 'हाई-इंटेंसिटी' प्रवर्तन अभियान
बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए उपराज्यपाल कार्यालय ने बताया कि दिल्ली में आग से सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए कल से एक महीने का विशेष 'प्रवर्तन एवं रोकथाम अभियान' शुरू किया जाएगा. यह अभियान पूरी तरह से हाई-इंटेंसिटी होगा, जिसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इस अभियान का नेतृत्व जिला स्तर पर डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट, डीसीपी और नगर निगम के उपायुक्त संयुक्त रूप से करेंगे. विशेष टीमों का गठन किया गया है जो दिल्ली भर में सघन निरीक्षण और ऑडिट का कार्य करेंगी.
निशाने पर रहेंगे कोचिंग सेंटर और होटल
अभियान के दायरे में वे सभी संस्थान आएंगे जो आग से सुरक्षा के मानदंडों पर खरे नहीं उतर रहे हैं. विशेष रूप से परिसरों पर प्रशासन की कड़ी नज़र रहेगी. उनमें कोचिंग सेंटर जहाँ छात्रों की भारी भीड़ रहती है. होटल और गेस्ट हाउस जहाँ अग्निशमन यंत्रों की कमी अक्सर देखी जाती है. नर्सिंग होम जहाँ मरीजों की सुरक्षा सर्वोपरि है.अन्य संवेदनशील प्रतिष्ठान वे इमारतें जो संकरी गलियों में हैं या जिनके पास फायर एनओसी नहीं है. अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई भी प्रतिष्ठान मानकों का पालन करते हुए नहीं पाया जाता है, तो उसे तत्काल प्रभाव से सील कर दिया जाए.
सीधी निगरानी में शीर्ष अधिकारी
प्रशासन ने इस अभियान की सफलता और जवाबदेही तय करने के लिए एक सख्त निगरानी ढांचा तैयार किया है. इस पूरे महीने चलने वाले अभियान की संयुक्त निगरानी दिल्ली के मुख्य सचिव और पुलिस आयुक्त खुद करेंगे. सरकार का संदेश है कि सुरक्षा मानकों के साथ समझौता करने वालों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाएगी. अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदारी निभाएं और लापरवाही मिलने पर विभागीय कार्रवाई के लिए तैयार रहें.
मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश
मालवीय नगर अग्निकांड की विभीषिका को देखते हुए उपराज्यपाल ने मामले की गहन जांच के लिए मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश दिए हैं. इस जांच का मुख्य उद्देश्य घटना के कारणों का पता लगाना, सुरक्षा मानकों में कहाँ चूक हुई, यह तय करना और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों या प्रबंधन की जवाबदेही तय करना है. उम्मीद है कि जांच रिपोर्ट जल्द ही सार्वजनिक की जाएगी ताकि दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जा सके.
#UPDATE | Delhi Police has registered an FIR under the culpable homicide section and other relevant sections of BNS in the Malviya Nagar restaurant fire incident. https://t.co/GNAwAmXyfg
— ANI (@ANI) June 3, 2026
सुरक्षा पर उठे सवाल, प्रशासन अलर्ट
मालवीय नगर में आग लगने की घटना ने न केवल स्थानीय लोगों में दहशत फैलाई है, बल्कि प्रशासन की तैयारियों की पोल भी खोल दी है. दिल्ली में कई पुरानी और घनी आबादी वाली इमारतें हैं जहाँ दमकल विभाग की गाड़ियाँ भी समय पर नहीं पहुँच पातीं. विशेषज्ञों का कहना है कि नियम तो बहुत हैं, लेकिन उनका कार्यान्वयन अक्सर कागजों तक ही सीमित रह जाता है. दिल्ली सरकार और एलजी प्रशासन ने जनता से भी अपील की है कि वे अपने आस-पास के परिसरों में सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक रहें और किसी भी उल्लंघन की सूचना स्थानीय प्रशासन को दें.
कब-कब क्या हुआ : आग लगने की घटना की रिपोर्ट
- दक्षिणी दिल्ली के मालवीय नगर क्षेत्र स्थित हौज रानी में बुधवार सुबह एक गेस्ट हाउस में भीषण आग लगने की घटना सामने आई.
- जिला दक्षिण, दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के आपातकालीन संचालन केंद्र (ईओसी) को सुबह 8:52 बजे फ्लोरिश स्टे गेस्ट हाउस, मिकासा इन रूम्स के निकट, हौज रानी से आग लगने की सूचना प्राप्त हुई.
- सूचना प्राप्त होते ही ईओसी, डीडीएमए दक्षिण द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार सभी संबंधित आपातकालीन सहायता एजेंसियों को तत्काल अलर्ट किया गया.
- घटनास्थल पर पहुंची प्रारंभिक टीमों को गेस्ट हाउस परिसर में भीषण आग लगी हुई मिली, जहां लगभग 30 से 40 लोगों के अंदर फंसे होने की आशंका व्यक्त की गई.
- डीडीएमए दक्षिण से सुबह 9:54 बजे संदेश प्राप्त होने के तुरंत बाद दो चिकित्सा दलों को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया. इन दलों में दो चिकित्सक तथा छह पैरामेडिकल कर्मी शामिल थे. दोनों दल सुबह 10:05 बजे घटनास्थल पर पहुंचें.
- अग्निकांड के बाद दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस), दिल्ली पुलिस, डीडीएमए, मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी (सीडीएमओ) कार्यालय की स्वास्थ्य टीम तथा कैट्स एम्बुलेंस सेवा सहित सभी संबंधित एजेंसियों ने संयुक्त रूप से खोज एवं बचाव अभियान प्रारंभ किया. आग पर काबू पाने के लिए कुल 15 दमकल वाहनों को लगाया गया.
- प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग गेस्ट हाउस के भूतल पर स्थित एक रेस्तरां से शुरू हुई थी.
- गेस्ट हाउस के स्वामी के रूप में लवकेश बजाज का नाम सामने आया है.
- अग्निकांड में प्रभावित कुल 47 व्यक्तियों को विभिन्न अस्पतालों में पहुंचाया गया. इनमें से 21 लोगों की मृत्यु हो गई जबकि 17 लोग घायल पाए गए. नौ व्यक्तियों की स्थिति गंभीर बताई गई.
- अस्पतालवार प्राप्त आंकड़ों के अनुसार एम्स ट्रॉमा सेंटर में छह लोगों को लाया गया, जिनमें तीन मृत पाए गए, दो घायल थे तथा एक व्यक्ति की स्थिति गंभीर थी.
- पंडित मदन मोहन मालवीय अस्पताल में तीन लोगों को भर्ती कराया गया, जिनमें दो घायल थे तथा एक मरीज को आगे उपचार के लिए सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया.
- मैक्स अस्पताल में 38 लोगों को लाया गया, जिनमें 18 मृत पाए गए, 13 घायल थे तथा सात की हालत गंभीर बताई गई. एक मरीज को सफदरजंग अस्पताल स्थानांतरित किया गया.
मुआवजे की घोषणा
देश के पीएम मोदी ने घटना के बाद मृतकों के लिए 2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50 हजार रुपये के मुआवजे का ऐलान किया. वहीं, दिल्ली सीएम ने हादसे पर दु:ख जताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की बात कही. दिल्ली पुलिस ने मालवीय नगर स्थित रेस्तरां में लगी आग की घटना में गैर इरादतन हत्या की धारा और बीएनएस की अन्य संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है.
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