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देहरादून की राहत देती रातें अब छुड़ा रही पसीना, टेंशन दे रहा बढ़ता टेंपरेचर, जानिये इसकी वजह

देहरादून शहर में दिन और रात में बढ़ती का कारण जानकार बढ़ता शहरीकरण, प्रदूषण को मान रहे हैं. नवीन उनियाल की रिपोर्ट

HEAT REASON IN DEHRADUN
देहरादून की राहत देती रातें अब छुड़ा रही पसीना (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : May 24, 2026 at 7:26 PM IST

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देहरादून: उत्तर भारत में भीषण गर्मी का असर पर्वतीय राज्यों पर भी दिखाई दे रहा है. यहां देहरादून जैसे शहर भी 40 डिग्री सेल्सियस पर तप रहे हैं. चिंता केवल जलती दोपहरी की ही नहीं है, बल्कि उन गर्म रातों की भी है जो कभी तुलनात्मक सुहावने मौसम वाली हुआ करती थी. उत्तराखंड की राजधानी देहरादून कभी अपने सुहावने मौसम, ठंडी हवाओं और शांत रातों के लिए पहचानी जाती थी. गर्मियों में भी यहां की रातें लोगों को राहत देती थीं. दिन में चाहे धूप तेज हो, लेकिन शाम ढलते ही मौसम बदल जाया करता था. रातें ठंडी हवाओं के साथ सुकून देने वाली बन जाती थीं, लेकिन अब हालात तेजी से बदल रहे हैं.

देहरादून में अब केवल दिन ही नहीं, बल्कि रातें भी तपने लगी हैं. मई और जून की रातों में भी लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है. यही वजह है कि अब देहरादून की तुलना दिल्ली जैसे मैदानी और अत्यधिक गर्म शहरों से होने लगी है.

देहरादून की राहत देती रातें अब छुड़ा रही पसीना (ETV Bharat)

40 डिग्री सेल्सियस पार पहुंचा दून का तापमान: उत्तर भारत में पड़ रही भीषण गर्मी का असर अब पर्वतीय राज्यों में भी साफ दिखाई देने लगा है. देहरादून जैसे शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है. चिंता केवल बढ़ते अधिकतम तापमान की नहीं है, बल्कि उन रातों की भी है जो कभी राहत का एहसास कराती थीं. अब रात के समय भी तापमान में अपेक्षित गिरावट नहीं हो रही है. लोग देर रात तक गर्मी से परेशान रहते हैं.

दिन गर्म, रातें कर रही बेचैन: मौसम वैज्ञानिकों के आंकड़े भी इस बदलाव की पुष्टि करते हैं. वर्ष 1991 से 2020 तक के रिकॉर्ड बताते हैं कि मई महीने में देहरादून का तापमान सामान्य तौर पर न्यूनतम 21 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 35.3 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता था. अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है. वर्तमान समय में मई के दौरान न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है. अधिकतम तापमान 40 से 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा रहा है. यानी केवल दिन की गर्मी ही नहीं बढ़ी है, बल्कि रातों का तापमान भी लगातार ऊपर जा रहा है.

HEAT REASON IN DEHRADUN
गर्म होती दून की रातें (ETV Bharat)

वैज्ञानिक और स्थानीय कारण जिम्मेदार: विशेषज्ञों के अनुसार रातों के गर्म होने के पीछे कई वैज्ञानिक और स्थानीय कारण जिम्मेदार हैं. अर्थ साइंस के पूर्व डीन प्रोफेसर एचपी भट्ट का कहना है कि पहले अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच अच्छा खासा अंतर हुआ करता था. दिन में तापमान बढ़ने के बाद रात में ठंडी हवाएं चलती थीं. जिससे न्यूनतम तापमान काफी नीचे चला जाता था, लेकिन, अब अधिकतम तापमान के साथ-साथ न्यूनतम तापमान भी बढ़ रहा है. यही कारण है कि रात के समय भी गर्मी बढ़ रही है.

कंक्रीट और निर्माण कार्य ज्यादा जिम्मेदार: प्रोफेसर एचपी भट्ट के अनुसार यह बदलाव केवल वैश्विक जलवायु परिवर्तन का परिणाम नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई स्थानीय और मानव जनित कारण भी हैं. उनका कहना है कि मई महीने में दिन का समय अपेक्षाकृत लंबा होता है. जिसके कारण धरती लंबे समय तक सूर्य की गर्मी को सोखती रहती है. पहले रात में वातावरण ठंडा हो जाता था, लेकिन अब कंक्रीट और निर्माण कार्यों के कारण दिनभर जमा हुई गर्मी देर रात तक वातावरण में बनी रहती है. यही वजह है कि रात के तापमान में गिरावट नहीं हो पा रही है.

एसी, वाहनों की बढ़ती संख्या भी बड़ा इफेक्ट: वह बताते हैं कि शहर में तेजी से बढ़ते एयर कंडीशनर भी तापमान बढ़ाने में भूमिका निभा रहे हैं. बड़ी संख्या में एसी चलने से जो गर्म हवा बाहर निकलती है, वह आसपास के वातावरण को और अधिक गर्म बना देती है. इसके अलावा वाहनों की बढ़ती संख्या भी शहर के तापमान में इजाफा कर रही है. चारधाम यात्रा के दौरान दूसरे राज्यों से बड़ी संख्या में वाहन उत्तराखंड पहुंचते हैं, जिससे प्रदूषण और गर्मी दोनों बढ़ती है.

HEAT REASON IN DEHRADUN
क्या बोले जानकार (ETV Bharat)

कंक्रीट दिन में सोखता है गर्मी, रात को छोड़ता है: देहरादून में लगातार बढ़ते निर्माण कार्य भी चिंता का बड़ा कारण बन गए हैं. शहर में तेजी से ऊंची-ऊंची इमारतें और कंक्रीट के ढांचे तैयार हो रहे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि कंक्रीट दिनभर गर्मी को अपने भीतर सोखकर रखता है. रात में धीरे-धीरे उसे छोड़ता है. इससे वातावरण ठंडा नहीं हो पाता. यही स्थिति अब देहरादून में देखने को मिल रही है.

शहरीकरण ने बर्बाद किया मौसम: प्रोफेसर एचपी भट्ट के अनुसार शहर में लगातार हो रहे निर्माण कार्यों ने हवा के प्राकृतिक प्रवाह को भी प्रभावित किया है. पहले खुले क्षेत्र और हरियाली होने के कारण हवा का आवागमन बेहतर रहता था, लेकिन अब बड़े-बड़े भवनों और घनी आबादी के कारण ठंडी हवाओं का प्रवाह बाधित हो रहा है. इसके चलते उमस और गर्मी दोनों में वृद्धि हो रही है. उन्होंने जंगलों की कटाई को भी मौसम में बदलाव का प्रमुख कारण बताया. देहरादून कभी घने जंगलों और हरियाली से घिरा हुआ शहर माना जाता था, लेकिन लगातार बढ़ते शहरीकरण ने जंगलों और हरित क्षेत्रों को नुकसान पहुंचाया है. पेड़ों की संख्या कम होने से तापमान नियंत्रित करने की प्राकृतिक क्षमता भी घट गई है.

HEAT REASON IN DEHRADUN
क्या बोले जानकार (ETV Bharat)

क्या कहते हैं अनिल भट्ट: पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में काम कर रहे अनिल भट्ट भी देहरादून के बदलते मौसम को लेकर चिंता जताते हैं. उनका कहना है कि उन्होंने बचपन से देहरादून को बदलते हुए देखा है. पहले यहां की गर्मियां भी दूसरे शहरों की तुलना में काफी आरामदायक हुआ करती थीं. दिन में भले गर्मी पड़ती थी, लेकिन शाम होते ही मौसम बदल जाता था. रातें बेहद सुहावनी हो जाती थीं.

देहरादून की नहरें गर्मियों में देती थी सुकून: अनिल भट्ट के अनुसार देहरादून की पहचान केवल उसकी हरियाली से नहीं थी, बल्कि यहां की नहरों से भी थी. शहर के लगभग हर हिस्से और कई प्रमुख सड़कों के किनारे नहरें बहती थीं. इन नहरों का पानी वातावरण को ठंडा बनाए रखने में मदद करता था. समय के साथ शहर के विस्तार और विकास की दौड़ में अधिकांश नहरों को बंद कर दिया गया. इसका सीधा असर शहर के तापमान पर पड़ा है.

HEAT REASON IN DEHRADUN
देहरादून गर्मी के कारण (ETV Bharat)

बारिश के बदले पैटर्न ने बढ़ाई चिंता: वह बताते हैं कि पहले अधिक गर्मी पड़ने पर कुछ ही दिनों में बारिश हो जाती थी. बारिश के कारण तापमान नीचे आ जाता था. मौसम जल्दी सामान्य हो जाता था. अब बारिश का पैटर्न भी बदल चुका है. बारिश की मात्रा लगातार कम हो रही है. लंबे समय तक गर्मी बनी रहती है. यही कारण है कि अब देहरादून की रातें भी राहत देने के बजाय लोगों के पसीने छुड़ा रही हैं.

आने वाले वर्षों में चिंताजनक हो सकते हैं हालात: विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि समय रहते इस दिशा में गंभीर कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में स्थिति और अधिक चिंताजनक हो सकती है. बढ़ता तापमान केवल असहजता का कारण नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य, पर्यावरण और जीवनशैली पर भी गहरा असर डाल सकता है. खासतौर पर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों के लिए गर्म रातें ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती हैं, क्योंकि रात में शरीर को पर्याप्त राहत नहीं मिल पाती.

HEAT REASON IN DEHRADUN
क्या बोले जानकार (ETV Bharat)

देहरादून की बदलती रातें अब केवल मौसम का बदलाव नहीं, बल्कि तेजी से बदलते शहरी ढांचे और पर्यावरणीय असंतुलन की चेतावनी बन चुकी हैं. जिस शहर की पहचान कभी ठंडी और सुकूनभरी रातों से होती थी, वहां अब रात में भी गर्म हवाएं महसूस की जा रही हैं. ऐसे में जरूरत इस बात की है कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी देहरादून की वही ठंडी और सुहानी रातें महसूस कर सकें, जिनकी पहचान कभी इस शहर की सबसे बड़ी खूबसूरती हुआ करती थी.

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