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एजुकेशन हब से क्राइम कैपिटल बनता देहरादून! गैंगवॉर, फायरिंग की घटनाओं ने बढ़ाई चिताएं, जानिए इसकी वजह

देहरादून में आये दिन मारपीट, हत्या, लड़ाई झगड़ों की खबरें सामने आ रही हैं. दिनों दिन बढ़ती घटनाएं पुलिस के लिए चुनौती हैं. किरनकांत शर्मा

RISING CRIME IN DEHRADUN
एजुकेशन हब से क्राइम कैपिटल बनता देहरादून! (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : August 21, 2026 at 6:55 PM IST

8 Min Read
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देहरादून: कभी स्कूल-कॉलेजों की घंटियों, सैन्य अनुशासन, रिटायर्ड अफसरों की शांत जिंदगी और पर्यटन की खूबसूरत तस्वीर के लिए पहचाना जाने वाला देहरादून अब अपराध की बदलती तस्वीर से जूझ रहा है. देहरादून की पहचान आज भी एजुकेशन हब के तौर पर है लेकिन हाल के दिनों में सामने आई घटनाएं शहर की दूसरी तस्वीर भी दिखा रही हैं. कहीं सड़क पर मामूली विवाद मारपीट में बदल रहा है, कहीं छात्रों के दो गुट आपस में भिड़ रहे हैं, कहीं पुराने विवाद को लेकर हथियार निकल रहे हैं. अब पटेलनगर में दिनदहाड़े फायरिंग ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. मसूरी जैसे टूरिस्ट प्लेस में पर्यटकों और स्थानीय लोगों के बीच विवाद हिंसक हो रहे हैं. देहरादून में छात्रों से जुड़े विवाद भी बढ़ रहे हैं.

पटेलनगर में दिनदहाड़े फायरिंग, दो जगह चली गोली: कोतवाली पटेलनगर क्षेत्र में गुरुवार दोपहर हुई फायरिंग की घटना से हड़कंप मच गया. प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक आईटीएस कॉलेज वाली रोड पर कुछ युवक खड़े थे. इसी दौरान गुरमीत नाम का युवक कुछ अन्य युवकों के साथ स्विफ्ट कार से वहां पहुंचा. उसने कथित तौर पर दूसरे पक्ष के युवकों पर फायरिंग कर दी. पहली फायरिंग में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है. इसके बाद आरोपी कार लेकर मौके से फरार हो गया. बताया जा रहा है कि इसके बाद दूसरे पक्ष के युवकों ने कार का पीछा किया. पीछा करते हुए मामला शिमला बाईपास रोड स्थित सेंट जूड चौक के पास पहुंचा. आरोप है कि यहां एक बार फिर फायरिंग की गई. इस दौरान साहिल नाम का युवक गोली लगने से घायल हो गया. घायल को तत्काल इंद्रेश अस्पताल ले जाया गया. जहां उसका इलाज चल रहा है. पुलिस सूचना मिलते मौके पर पहुंची. घटनाक्रम की जांच शुरू की. घटना में इस्तेमाल स्विफ्ट कार का नंबर HR51AZ0890 है.

पुराने दोस्तों का विवाद बना फायरिंग की वजह: कोतवाली पटेलनगर प्रभारी विनोद गुसाईं के मुताबिक प्रथम दृष्टया जांच में सामने आया है कि घटना में शामिल दोनों पक्ष पहले एक-दूसरे के मित्र रहे हैं. पुलिस के अनुसार पिछले कुछ समय से गुरमीत का आदित्य सुजल और अंशुल के साथ विवाद चल रहा था. इसी विवाद के चलते दोनों पक्षों के बीच मतभेद बढ़ते गए. मामला आखिरकार फायरिंग तक पहुंच गया. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी? फायरिंग में कितने लोग शामिल थे? हथियार कहां से आये? पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है. साथ ही फायरिंग में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी के प्रयास भी किए जा रहे हैं. यह घटना इसलिए भी गंभीर है क्योंकि विवाद किसी सुनसान इलाके में नहीं, बल्कि शहर की आबादी और आवाजाही वाले क्षेत्र में सामने आया है.

देहरादून दिनदहाड़े फायरिंग मामला (ETV Bharat)

देहरादून में अब बहस सिर्फ चोरी-चेन स्नैचिंग तक सीमित नहीं: दून की बदलती क्राइम स्टोरी का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि हिंसा अब अचानक और बेहद आक्रामक तरीके से सामने आ रही है. पटेलनगर की ताजा घटना में कथित तौर पर पुराने विवाद के बाद फायरिंग हुई. एक युवक घायल हो गया. यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि देहरादून में निजी शिक्षण संस्थानों और छात्रों की बड़ी मौजूदगी है. ऐसे इलाकों में विवाद के बाद हथियार निकलना शहर की सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर संकेत है. सवाल यह है कि विवाद पैदा होने और हथियार चलने के बीच पुलिस की रोकथाम व्यवस्था कहां थी? क्या ऐसे विवादों की जानकारी पहले से थी? क्या पुराने विवादों में शामिल युवकों की गतिविधियों पर समय रहते नजर रखी जा रही थी?

RISING CRIME IN DEHRADUN
देहरादून में बढ़ता क्राइम (ETV Bharat)

एजुकेशन हब की छवि पर लगाया सवालिया निशान: देहरादून की पहचान देशभर में शिक्षा के बड़े केंद्र के तौर पर है. इसी एजुकेशन इकोसिस्टम से जुड़ी हिंसक घटनाएं चिंता बढ़ा रही हैं. मार्च 2026 में देहरादून में छात्रों के दो गुटों के बीच हुई. हिंसक भिड़ंत में एक बीटेक छात्र की मौत का मामला सामने आया. रिपोर्टों में छात्रों के दो गुटों के बीच गैंगवार जैसी स्थिति और एक छात्र पर फावड़े से हमला किए जाने की बात सामने आई. यह महज कॉलेज कैंपस की लड़ाई नहीं रह जाती. देहरादून में देश के अलग-अलग राज्यों से विद्यार्थी पढ़ने आते हैं. अभिभावक अपने बच्चों को यह भरोसा देकर भेजते हैं कि शहर पढ़ाई के लिए सुरक्षित है. ऐसे में छात्रों के बीच बढ़ती हिंसा सिर्फ पुलिस के लिए चुनौती नहीं बल्कि शिक्षण संस्थानों, हॉस्टल प्रबंधन विश्वविद्यालय प्रशासन और अभिभावकों के लिए भी चेतावनी है. इसके साथ ही देहरादून मे आए दिन चेन स्नैचिंग से लेकर मारपीट की घटनाएं आम होती जा रही हैं.

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क्राइम कैपिटल बनता देहरादून (ETV Bharat)

दून में हथियारबंद अपराधी भी सक्रिय: देहरादून में इसी साल अप्रैल में प्रेमनगर क्षेत्र में हुई पुलिस मुठभेड़ ने भी अपराध की गंभीर तस्वीर सामने रखी थी. पुलिस के अनुसार लूट के प्रयास के बाद भाग रहे बदमाश से मुठभेड़ हुई. इस दौरान आरोपी की मौत हुई. प्रेमनगर थाने के प्रभारी को गोली लगी. आरोपी पर उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई. इस घटना को पटेलनगर की ताजा फायरिंग के साथ रखकर देखें तो दून की चुनौती कई स्तरों पर दिखाई देती है. एक तरफ स्थानीय स्तर पर पुराने या व्यक्तिगत विवाद हिंसक हो रहे हैं, दूसरी तरफ हथियारबंद अपराधियों से पुलिस को मुठभेड़ करनी पड़ रही है.

RISING CRIME IN DEHRADUN
शाम ढ़लते ही उत्पात शुरू (ETV Bharat)

मसूरी में भी सड़कों पर हिंसा आम बात: देहरादून की पहाड़ियों पर चढ़ते ही मसूरी आता है. पहाड़ों की रानी के रूप में मशहूर इस पर्यटन नगरी में भी हाल के दिनों में पर्यटकों और स्थानीय लोगों के बीच विवादों के मामले सामने आते रहे हैं. देर रात कहासुनी से शुरू हुए विवादों के मारपीट तक पहुंचने के वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुये. मसूरी की समस्या का अपना अलग स्वरूप है. पर्यटन सीजन में शहर की आबादी अचानक बढ़ जाती है. सड़क, पार्किंग, होटल, दुकान, वाहन और स्थानीय कारोबार को लेकर तनाव पैदा होता है. छोटी कहासुनी भीड़ में बदल सकती है. मोबाइल कैमरे पूरी घटना को सोशल मीडिया तक पहुंचा देते हैं. इससे मामला केवल स्थानीय विवाद नहीं रहता बल्कि पर्यटन नगरी की छवि से जुड़ जाता है.

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त्रिपुरा के छात्र की हुई हत्या (ETV Bharat)

मसूरी में पर्यटक-स्थानीय विवाद हो देहरादून में छात्र गुटों की भिड़ंत हो या पटेलनगर में पुराने विवाद के बाद फायरिंग इन घटनाओं की प्रकृति अलग है लेकिन एक समानता नजर आती है. विवाद तेजी से हिंसा में बदल रहा है. पहले जिस बात पर बहस समझौता या स्थानीय स्तर पर सुलह की संभावना होती थी वहां अब हाथापाई, डंडे, धारदार हथियार और गोली तक पहुंचने का खतरा दिखाई देता है. यही वह बदलाव है जिस पर प्रशासन को गंभीरता से विचार भी कर रहा है.

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देहरादून में बढ़ी हत्या की घटनाएं (ETV Bharat)

देहरादून एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल कहते हैं हम लगातार संदिग्ध लोगों पर नकेल कस रहे हैं. इसके साथ ही रोजाना सेकड़ों की संख्या में सत्यापन कर रहे हैं. अपराधी पकड़े भी जा रहे हैं. उन्होंने कहा हम लगातार छात्रों के ग्रुप के संपर्क मे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से नजर बना कर रखते हैं.

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देहरादून में गैंगवार (ETV Bharat)


तेजी से फैलता शहर, बढ़ती पुलिसिंग चुनौती: देहरादून का तेजी से विस्तार इसकी ताकत भी है और चुनौती भी है. शिक्षा, रोजगार, पर्यटन और रियल एस्टेट के कारण देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग यहां आते हैं. शहर का भौगोलिक विस्तार बढ़ रहा है. नए पीजी, हॉस्टल, किराये के मकान, निजी संस्थान और बाजार विकसित हो रहे हैं. इसके साथ पुलिसिंग की चुनौती भी बढ़ी है. अपराधियों की आवाजाही किरायेदारों का सत्यापन, पुराने अपराधियों की निगरानी, नशे के नेटवर्क, अवैध हथियार और बाहरी गिरोह इन सभी पहलुओं को एक साथ देखने की जरूरत है. शहर के अलग-अलग हिस्सों में अपराध के हॉटस्पॉट चिन्हित कर वहां लक्षित पुलिसिंग बढ़ाई जा रही है.

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