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एंजेल चकमा मर्डर केस, फरार आरोपी को लेकर पुलिस को मिला इनपुट, 24 घंटे में गिरफ्तार करने का दावा

त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या के मामले में फरार चल रहा आरोपी जल्द ही पुलिस की गिरफ्त में होगा.

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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : January 8, 2026 at 4:58 PM IST

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देहरादून: राजधानी देहरादून में त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या के मामले में फरार छठा आरोपी अभी तक पुलिस के हाथ नहीं आया है. हालांकि देहरादून पुलिस ने दावा किया है कि 24 घंटे के अंदर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा. आरोपी यज्ञ राज अवस्थी पर पुलिस ने एक लाख रुपए का इनाम भी घोषित कर रखा है.

दरअसल, त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा के साथ 9 दिसंबर शाम को सेलाकुई क्षेत्र में कुछ लोगों ने मारपीट की थी, जिससे एंजेल चकमा गंभीर रूप से घायल हो गया था. एंजेल चकमा को ग्राफिक एरा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान 26 दिसंबर सुबह को एंजेल चकमा की मौत हो गई थी. इस मामले में पुलिस ने एंजेल चकमा के भाई की तहरीर पर दो नाबालिगों समेत 6 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था. इस मामले में पुलिस ने 6 में से पांच लोगों को तो गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन छठा आरोपी यज्ञ राज अवस्थी तभी से फरार चल रहा है.

यज्ञ राज अवस्थी पर पहले पुलिस ने 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था. बाद में इनाम की रकम बढ़ाकर एक लाख रुपए कर दी गई थी, लेकिन अभी तक भी यज्ञ राज अवस्थी पुलिस के हाथ नहीं आया. हालांकि अभी पुलिस ने दावा किया है कि 24 घंटे के अंदर यज्ञ राज अवस्थी को गिरफ्तार किया जाएगा. माना जा रहा है कि यज्ञ राज अवस्थी की गिरफ्तारी के बाद इस केस में कुछ नए खुलासे हो सकते हैं. यज्ञ राज अवस्थी मूल रूप से नेपाल का रहने वाला है.

हरिद्वार एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि यज्ञ राज अवस्थी का कई सालों से अपने परिवार से संपर्क नहीं था. फरार आरोपी देहरादून और हरिद्वार में रहकर काम किया है. आरोपी का किसी अन्य के साथ ज्यादा संपर्क नहीं था, लेकिन दून पुलिस को आज इनपुट मिला है, उसमें लगता है कि 24 घंटे के भीतर फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा. बता दें कि एंजेल चकमा के परिजनों का आरोप था कि उनके बेटे पर नस्लभेद टिप्पणी की गई थी, जिसका उनके बेटे ने विरोध किया था और उसी वजह से उनके बेटे एंजेल चकमा के साथ मारपीट की गई, जिससे उसकी मौत हो गई. हालांकि पुलिस ने अपनी जांच में नस्लभेद टिप्पणीसे साफ इंकार किया था.

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