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नक्सलवाद को अगले साल मार्च तक समाप्त कर दिया जाएगा: राजनाथ सिंह

राजनाथ ने पुलिस स्मृति दिवस पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित दी. पीएम मोदी ने भी पुलिसकर्मियों के साहस को सलाम किया.

Rajnath Singh Police Commemoration
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (ANI)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : October 21, 2025 at 9:40 AM IST

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नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम में भाग लिया. वीरों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सिंह ने राष्ट्र की सेवा में पुलिसकर्मियों द्वारा दिए गए सर्वोच्च बलिदान का सम्मान किया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर भारत के पुलिसकर्मियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और देश की सुरक्षा बनाए रखने में उनके साहस, समर्पण और बलिदान की सराहना की. एक्स पर एक पोस्ट में पीएम मोदी ने कहा, 'पुलिस स्मृति दिवस पर हम अपने पुलिसकर्मियों के साहस को सलाम करते हैं और कर्तव्य पथ पर उनके सर्वोच्च बलिदान को याद करते हैं. उनका दृढ़ समर्पण हमारे देश और लोगों को सुरक्षित रखता है. संकट के समय और जरूरत के समय में उनकी बहादुरी और प्रतिबद्धता सराहनीय है.'

इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, 'नक्सलवाद लंबे समय से हमारी आंतरिक सुरक्षा के लिए एक समस्या रहा है लेकिन हम इस समस्या को बढ़ने नहीं देंगे. हमारी पुलिस, सीआरपीएफ, बीएसएफ, सभी अर्धसैनिक बलों और स्थानीय प्रशासन का सहयोगात्मक कार्य सराहनीय है. पूरे देश को विश्वास है कि अगले साल तक यह समस्या समाप्त हो जाएगी. वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित जिलों की संख्या भी बहुत कम है, और उन्हें भी अगले साल मार्च तक समाप्त कर दिया जाएगा.'

रक्षा मंत्री ने आगे कहा, 'जो इलाके कभी नक्सलियों के आतंक से थर्राते थे, अब वहां सड़कें, अस्पताल, स्कूल और कॉलेज हैं. जो इलाके पहले नक्सलियों के गढ़ थे, वे अब शिक्षा के गढ़ बन गए हैं. भारत के जो इलाके रेड कॉरिडोर के रूप में कुख्यात थे, वे अब विकास के गलियारों में तब्दील हो रहे हैं. सरकार ने जो बदलाव हासिल किया है, उसमें हमारे पुलिस बल और सुरक्षाकर्मियों का अहम योगदान है. सुरक्षाकर्मियों के अथक प्रयासों की बदौलत यह समस्या अब इतिहास बनती जा रही है.'

उन्होंने कहा, 'हमने अपने पुलिस बलों पर भी ध्यान केंद्रित किया है जो राष्ट्र की सुरक्षा के लिए समर्पित हैं. यह बहुत खेद की बात है कि लंबे समय तक, एक समाज और एक राष्ट्र के रूप में हमने अपनी पुलिस के योगदान को पर्याप्त मान्यता नहीं दी. हमने अब अपनी पुलिस को न केवल आधुनिक हथियार, बल्कि बेहतर सुविधाएं भी प्रदान की हैं. राज्यों को पुलिस बलों के आधुनिकीकरण के लिए पर्याप्त संसाधन दिए जा रहे हैं. आज, हमारी पुलिस के पास निगरानी प्रणाली, ड्रोन, फोरेंसिक लैब और डिजिटल पुलिसिंग उपकरण उपलब्ध हैं.'

पुलिस स्मृति दिवस यानी 21 अक्टूबर देश भर में पुलिस के बहादुर जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए मनाया जाता है. मुख्य समारोह राष्ट्रीय पुलिस स्मारक नई दिल्ली में आयोजित किया जाता है. 21 अक्टूबर, 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में भारी हथियारों से लैस चीनी सैनिकों द्वारा किए गए घात में दस बहादुर पुलिसकर्मियों ने अपने प्राणों की आहुति दे दी थी.

तब से हर साल 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है. पुलिसकर्मियों के बलिदान और राष्ट्रीय सुरक्षा एवं अखंडता की रक्षा में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के सम्मान में प्रधानमंत्री ने पुलिस स्मृति दिवस 2018 पर नई दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक (एनपीएम) को राष्ट्र को समर्पित किया.

यह स्मारक पुलिस बलों को राष्ट्रीय पहचान, गौरव, उद्देश्य की एकता, साझे इतिहास और नियति का बोध कराता है, साथ ही अपने प्राणों की आहुति देकर भी राष्ट्र की रक्षा करने की उनकी प्रतिबद्धता को पुष्ट करता है. स्मारक में एक केंद्रीय मूर्ति, 'वीरता की दीवार' और एक संग्रहालय शामिल है. यह केंद्रीय मूर्ति, जो 30 फुट ऊँची ग्रेनाइट की एकाश्म प्रतिमा है, पुलिसकर्मियों की शक्ति, दृढ़ता और निस्वार्थ सेवा का प्रतीक है.

इस संग्रहालय की संकल्पना भारत में पुलिस व्यवस्था पर एक ऐतिहासिक और विकासशील प्रदर्शनी के रूप में की गई है. यह स्मारक पुलिस कर्मियों और नागरिकों, दोनों के लिए एक तीर्थस्थल और श्रद्धा का स्थान है.

इस स्मृति दिवस के अवसर पर सीआरपीएफ 22 से 30 अक्टूबर तक राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर विभिन्न स्मारक कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं. इनमें वीरों के परिजनों का आगमन, पुलिस बैंड प्रदर्शन, मोटरसाइकिल रैली, शहीद पुलिसकर्मियों के सम्मान में दौड़, रक्तदान शिविर, बच्चों के लिए निबंध/चित्रकला प्रतियोगिताएँ और पुलिस कर्मियों के बलिदान, वीरता और सेवाओं को प्रदर्शित करने वाली वीडियो फिल्मों का प्रदर्शन शामिल हैं. इस अवधि के दौरान देश भर के सभी पुलिस बलों द्वारा इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं.

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