तमिलनाडु में एक चरण में चुनाव कराने के सुझाव पर विचार करेंगे: मुख्य निर्वाचन आयुक्त
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि 'चुनाव के चरणों' पर फैसला चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद ही पता चलेगा.

Published : February 27, 2026 at 3:40 PM IST
चेन्नई : तमिलनाडु में राजनीतिक दलों ने विधानसभा चुनाव एक ही चरण में कराने का सुझाव दिया है और इस पर सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद फैसला लिया जाएगा. उक्त बातें मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने शुक्रवार को कहीं.
उन्होंने तमिलनाडु में हाल में संपन्न मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को देश के लिए एक आदर्श और बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि इससे मतदाता सूची में पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है.
#WATCH | Chennai, Tamil Nadu | On the upcoming Tamil Nadu Assembly elections, Chief Election Commissioner (CEC) Gyanesh Kumar says, " ... recently, the commission had held an international conference with 72 countries participating from the world over, chief election… pic.twitter.com/Hmdu0yBRlT
— ANI (@ANI) February 27, 2026
मीडिया से बात करते हुए कुमार ने कहा कि जहां तक तमिलनाडु का विधानसभा चुनाव है तो वह बेहतर व्यवस्था के मामले में बिहार चुनाव से आगे रहेगा.
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि बिहार का अनुभव यह दिखाता है कि हाल के दशकों में वहां के चुनाव सबसे त्रुटिरहित रहे. मुझे सभी जिलाधिकारियों, एसपी और पूरी चुनावी मशीनरी के अलावा प्रवर्तन एजेंसियों ने आश्वस्त किया है कि तमिलनाडु के विधानसभा चुनाव नए रिकॉर्ड बनाएंगे और बिहार से कहीं बेहतर होंगे.
तमिलनाडु में हाल में पूरी हुई मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण ( SIR) का जिक्र करते हुए उन्होंने इसे देश के लिए एक आदर्श और बड़ी कामयाबी बताया और कहा कि इससे वोटर लिस्ट में पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है.
#WATCH | Chennai, Tamil Nadu | Chief Election Commissioner (CEC) Gyanesh Kumar says, " tamil nadu has 234 assembly constituencies, out of which 188 are general, 44 are schedule caste, and 2 are schedule tribe... the special intensive revision which was carried out in tamil nadu… pic.twitter.com/2eKimEQqaR
— ANI (@ANI) February 27, 2026
वहीं कुछ राजनीतिक दलों की यह आलोचना कि इस प्रक्रिया की वजह से मतदाताओं के नामों को बड़ी संख्या में हटा दिया गया, इस पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि इस प्रक्रिया से वोटर लिस्ट की शुचिता बनाए रखने में निर्वाचन आयोग के अफसरों की पेशेवर क्षमता का प्रदर्शन हुआ.
उन्होंने कहा कि हालांकि कानून के मुताबिक 100 प्रतिशत मतदान अनिवार्य नहीं है, लेकिन तमिलनाडु में मतदान बेहद उत्साहवर्धक और राजनीतिक चेतना के साथ होता रहा है. कुमार ने कहा कि एसआईआर का मकसद यह है कि कोई भी योग्य व्यक्ति वोटर लिस्ट से बाहर न रहे और कोई अयोग्य व्यक्ति उसमें शामिल नहीं हो सके.
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि राज्य में राजनीतिक पार्टियों ने विधानसभा चुनाव एक ही चरण में कराए जाने का सुझाव दिया है और इस पर सभी पहलुओं पर विचार-विमर्श किए जाने के बाद निर्णय लिया जाएगा. उन्होंने कहा, ‘‘चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ पता चल जाएगा कि चुनाव कितने चरण में होंगे.’’
#WATCH | Chennai, Tamil Nadu | Chief Election Commissioner (CEC) Gyanesh Kumar says, " tamil nadu has 2 crore 89 lakh female voters and 2 crore 77 lakh male voters. the transgenders are 7,617 and the senior citizens (above 81-85 years of age) are nearly 4 lakhs... the ensuing… pic.twitter.com/Swd4mRKqjr
— ANI (@ANI) February 27, 2026
उन्होंने राज्य के 75,000 मतदान केंद्रों पर जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने का आश्वासन दिया.
साथ ही मतगणना प्रक्रिया के संबंध में उन्होंने कहा कि ‘वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल’ (वीवीपैट) की अनिवार्य रूप से गिनती की जाएगी, इसके अलावा मतगणना पूरी होने के बाद भी कोई उम्मीदवार निर्धारित शुल्क को जमा कर अगले सात दिन में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और वीवीपैट का मिलान करा सकता है.
नई पहलों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि एक अहम कदम यह है कि ईवीएम की गिनती से पूर्व दो दौर में डाक मतपत्रों की गिनती की जाएगी.
ज्ञानेश कुमार ने दक्षिण भारत में प्रचलित रही ‘कुदावोलाई’ व्यवस्था का हवाला देते हुए कहा कि तमिलनाडु का लोकतंत्र के लिहाज से गौरवशाली अतीत रहा है. ‘कुदावोलाई' का शाब्दिक अर्थ मतदान पात्र होता है. दक्षिण भारत, विशेष रूप से तमिलनाडु में 10वीं सदी में चोल साम्राज्य के दौरान घड़े में मतपत्र डालकर मतदान की यह प्रथा प्रचलित थी.
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