टिल्लू उर्फ प्रिंस हत्याकांड - दौसा में 6 साल बाद खुलासा, पड़ोसी ने बच्चे की हत्या का जुर्म कबूला, एक्सप्रेसवे किनारे खुदाई में जुटी पुलिस
दौसा से लापता मासूम प्रिंस उर्फ टिल्लू मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. पड़ोसी ने हत्या कर शव एक्सप्रेसवे किनारे दफनाने की बात कबूली है.

Published : February 27, 2026 at 10:30 AM IST
|Updated : February 27, 2026 at 10:45 AM IST
दौसा : जिले में छह साल पुराने मासूम टिल्लू उर्फ प्रिंस हत्याकांड के खुलासे से एक बार फिर सनसनी फैल गई है. वर्ष 2020 में रहस्यमय ढंग से लापता हुए चार वर्षीय बच्चे की हत्या की पुष्टि होने के बाद जांच एजेंसियों ने शव की तलाश तेज कर दी है. पुलिस अब दिल्ली‑मुंबई एक्सप्रेसवे के किनारे चिन्हित संदिग्ध स्थानों पर खुदाई करा रही है, जहां आरोपियों ने कथित रूप से शव दफनाने की बात स्वीकार की है.
पुलिस की विशेष टीम कर रही जांच : जिले के एसपी सागर राणा के अनुसार मामला करीब छह साल पुराना है और इसमें साढ़े चार साल के बच्चे का अपहरण कर हत्या की गई थी. जांच के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेंद्र फौजदार की निगरानी में विशेष टीम बनाई गई है. पुलिस का कहना है कि भाई-बहन आरोपी ने आपसी रंजिश के चलते वारदात को अंजाम दिया और शव को एक्सप्रेसवे क्षेत्र में दफना दिया. थाना अधिकारी ज़हीर अब्बास मेव ने बताया कि आरोपियों द्वारा बताए गए स्थानों पर पहले खुदाई की गई थी. अब ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार जैसी आधुनिक तकनीक की मदद से सटीक लोकेशन का पता लगाकर आगे की खुदाई की जाएगी. इस अभियान में राजस्थान पुलिस को तकनीकी एजेंसियों से भी सहयोग मिल रहा है.
इसे भी पढ़ें: गुमशुदा बालक की नहर में मिली थी बॉडी, अब साइबर ठग 'किडनैप' की बात कह परिजनों को कर रहे फोन
दुबई से लौटे पिता, न्याय की उम्मीद : मासूम के पिता जगमोहन बिरला, जो दुबई में काम करते हैं, खुदाई की सूचना मिलते ही भारत लौट आए. उन्होंने बताया कि बेटे को ढूंढने और न्याय पाने के प्रयास में पिछले छह वर्षों में लगभग 10 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं. उन्होंने कई अधिकारियों और अदालतों के चक्कर लगाए, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं मिला. अब उन्हें उम्मीद है कि इस बार सच सामने आएगा और दोषियों को सजा मिलेगी.
आरोपियों की निशानदेही पर खुदाई अभियान : जांच के दौरान पुलिस ने बच्चे के दो रिश्तेदारों को गिरफ्तार किया है. पूछताछ में दोनों ने कथित रूप से हत्या कर शव को एक्सप्रेसवे क्षेत्र में दबाने की बात कबूली. इसके बाद प्रशासन ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की अनुमति से पांच चिन्हित स्थानों पर जेसीबी और आधुनिक मशीनों से खुदाई शुरू कराई. 24 और 25 फरवरी को कई घंटों तक अभियान चला, लेकिन अब तक कोई अवशेष बरामद नहीं हो सके हैं.

बदली भौगोलिक स्थिति बनी बड़ी चुनौती : पुलिस अधिकारियों का कहना है कि छह वर्षों में इलाके की भौगोलिक संरचना काफी बदल चुकी है. एक्सप्रेसवे निर्माण के दौरान मिट्टी भराव और कटान से जमीन का स्तर बदल गया, जिससे संभावित स्थानों की सटीक पहचान कठिन हो गई है. जरूरत पड़ने पर सड़क के कुछ हिस्सों को तोड़ने की भी तैयारी की जा रही है.
इसे भी पढ़ें: राजसमंद में गर्भवती महिला और मासूम की हत्या, तालाब से महिला का शव बरामद, बच्चे की तलाश जारी
2020 में लापता हुआ था बच्चा : 16 अगस्त 2020 को बच्चा घर के आंगन से अचानक गायब हो गया था. परिवार ने आसपास काफी तलाश की, मगर कोई सुराग नहीं मिला. गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू हुई, लेकिन समय के साथ मामला ठंडा पड़ गया. वर्ष 2021 में परिजनों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दोबारा जांच की मांग की, जिसके बाद पुलिस ने संदिग्धों से सख्ती से पूछताछ की और मामला फिर खुला.
एक्सप्रेसवे किनारे खुदाई करवा रही पुलिस : खुदाई स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन मौके पर मौजूद रहकर हर गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं. छह साल पुराने इस मामले में अब तक शव का न मिल पाना कई सवाल खड़े कर रहा है. एसपी सागर राणा का कहना है कि जांच हर हाल में पूरी की जाएगी और सच सामने लाने के लिए सभी संभावित स्थानों की जांच जारी रहेगी.

