भारत-चीन व्यापार के लिए गुंजी में खुला कस्टम ऑफिस, उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे से शुरू होने जा रहा ट्रेड
उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे से भारत-चीन अंतरराष्ट्रीय व्यापार को शुरू करने की तैयारियां तेज, गुंजी में कस्टम कार्यालय खुला, अब तक मिले इतने आवदेन

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : June 30, 2026 at 8:51 PM IST
पिथौरागढ़: उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के लिपुलेख दर्रे से होने वाले भारत-चीन अंतरराष्ट्रीय व्यापार को शुरू करने की तैयारियां तेज हो गई हैं. करीब 10,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित गुंजी में कस्टम कार्यालय खोल दिया गया है. यहां भारतीय स्टेट बैंक की अस्थायी शाखा भी जल्द काम शुरू करेगी.
वहीं, पिथौरागढ़ जिला प्रशासन ने व्यापारियों और हेल्पर्स के परमिट जारी करने की प्रक्रिया भी तेज कर दी है. अब तक 134 आवेदन मिल चुके हैं, जिनमें से 73 परमिट जारी किए जा चुके हैं. वहीं, पोनी-पोर्टर्स के लिए 7 पास भी जारी किए गए हैं.
साल 2019 में बंद हुआ था भारत-चीन व्यापार: गौर हो कि कोरोना महामारी के कारण साल 2019 के बाद भारत-चीन व्यापार बंद हो गया था. अब साल 6 साल बाद व्यापार दोबारा शुरू होने जा रहा है. प्रशासन ने विदेश मंत्रालय से 300 ट्रेड पास मंगाए हैं. भारतीय व्यापारी लिपुलेख दर्रे के रास्ते चीन की तकलाकोट मंडी पहुंचेंगे.
इन सामानों का होगा आयात और निर्यात: भारत से गुड़, मिश्री, तंबाकू, कॉस्मेटिक सामग्री, बर्तन समेत अन्य सामान निर्यात किया जाएगा. जबकि, बदले में चीन से कंबल, जैकेट, शॉल, याक की पूंछ, जूते और ऊनी कपड़े भारत लाए जाएंगे.
साल 2019 में हुआ था 3.15 करोड़ रुपए का कारोबार: व्यापार बंद होने से पहले साल 2019 में 265 व्यापारियों को परमिट जारी किए गए थे. उस साल कुल 3.15 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ था. इसमें 1.90 करोड़ रुपए का सामान आयात और 1.25 करोड़ रुपए का सामान निर्यात किया गया था.

गुंजी में खुला कस्टम कार्यालय: धारचूला तहसील प्रशासन के अनुसार, गुंजी में कस्टम कार्यालय शुरू हो चुका है. यहां कस्टम अधिकारी व्यापारियों के सामान की जांच करेंगे. व्यापार के दौरान बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए भारतीय स्टेट बैंक की अस्थायी शाखा भी संचालित की जाएगी.
पोनी-पोर्टर्स के लिए यहां होगा अस्थायी पड़ाव: व्यापारियों का सामान लिपुलेख दर्रे तक पहुंचाने वाले पोनी-पोर्टर्स के लिए स्यांगचिम में अस्थायी पड़ाव बनाया जाएगा. यह निर्णय प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों और भारत-चीन व्यापार समिति की संयुक्त बैठक में लिया गया. स्यांगचिम नाबीढांग से करीब 4 किलोमीटर दूर हेलीपैड के पास स्थित है. जबकि, यहां से लिपुपास की दूरी लगभग 5 किलोमीटर है.

धारचूला ट्रेड कार्यालय के मुताबिक, जितने भी परमिट के आवदेन मिले हैं, उन आवेदनों की जांच जारी है. इसके अलावा पोर्टर्स के पास भी जारी किए गए हैं. ये पोनी-पोर्टर्स स्यांगचिम से लिपुपास तक व्यापारियों का सामान पहुंचाने का काम करेंगे. भारत चीन व्यापार खुलने से व्यापारियों में भी खुशी है.
"व्यापारी और हेल्पर श्रेणी में अब तक 134 आवेदन प्राप्त हुए हैं. इनमें से 73 परमिट जारी किए जा चुके हैं. अन्य आवेदनों की जांच जारी है. जबकि, 7 पोनी-पोर्टर्स के पास भी जारी किए गए हैं."- आशीष जोशी, एसडीएम, धारचूला
ये भी पढ़ें-

