मालवीय नगर अग्निकांड के बाद CTI ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, होटल-रेस्टोरेंट सुरक्षा व्यवस्था की पुनर्समीक्षा की मांग
व्यापारियों और उद्यमियों के शीर्ष संगठन CTI ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिख सुरक्षा व्यवस्था की पुनर्समीक्षा की मांग की है

Published : June 4, 2026 at 11:12 AM IST
नई दिल्ली : दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल और रेस्टोरेंट में लगी भीषण आग में करीब 21 लोगों की मौत के बाद राजधानी समेत पूरे देश में शोक का माहौल है. इस दर्दनाक हादसे ने दिल्ली के होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. इसी मुद्दे को लेकर व्यापारियों और उद्यमियों के शीर्ष संगठन CTI (चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिखकर राजधानी के सभी होटल, रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल और सिनेमा हॉल में सुरक्षा मानकों की व्यापक समीक्षा कराने की मांग की है.
बृजेश गोयल ने पत्र में कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जिस रेस्टोरेंट में आग लगी थी, उसके पास फायर विभाग की एनओसी नहीं थी. साथ ही केवल छह कमरों की स्वीकृति होने के बावजूद वहां 25 कमरे संचालित किए जा रहे थे. उन्होंने सवाल उठाया कि संबंधित विभागों की निगरानी के बावजूद ऐसी अनियमितताएं कैसे जारी रहीं. CTI ने दिल्ली सरकार से मांग की है कि रेस्टोरेंट मालिक के साथ साथ फायर विभाग,एमसीडी , बिजली विभाग के संबंधित अधिकारी भी इसके लिए जिम्मेदार हैं और उन पर भी कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए. सीटीआई ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को 8 प्रमुख सुझाव भेजें हैं. अगर इन 8 सुझावों को दिल्ली के तमाम होटल, रेस्टोरेंट्स, बैंक्वेट हॉल, सिनेमा हॉल में लागू किया जाए तो भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बच सकते हैं.
1. किचन में सेफ्टी -
- ऑटोमैटिक किचन फायर सिस्टम: तंदूर, डीप फ्रायर, गैस रेंज के ऊपर लगवाना चाहिए क्योंकि तेल की आग पर पानी नहीं, ये सिस्टम फोम/केमिकल से बुझाता है.
- एग्जॉस्ट हुड की सफाई: हर 3 महीने में डीप क्लीन, इसमें चिकनाई जमा होकर आग पकड़ लेती है.
- गैस लीक डिटेक्टर: LPG/PNG लाइन में लीक होते ही अलार्म + ऑटो कट-ऑफ.
- गीला टॉवल + फायर ब्लैंकेट: हर किचन स्टेशन पर होने चाहिए, छोटे फ्लेम तुरंत दबाने के लिए.
2. बिजली की सेफ्टी
- MCB + ELCB : ओवरलोड/शॉर्ट सर्किट पर बिजली खुद कट जाए.
- 6 महीने में वायरिंग चेक : पुरानी वायरिंग, लूज कनेक्शन, ओवरलोडेड सॉकेट आग की सबसे बड़ी वजह है.
- हैवी मशीन की अलग लाइन- डीप फ्रिज, ओवन, AC के लिए होनी चाहिए, एक्सटेंशन बोर्ड से नहीं चलाना चाहिए.
3. फायर फाइटिंग सिस्टम
- ABC टाइप फायर एक्सटिंग्विशर: हर 15 मीटर पर होने चाहिए और स्टाफ को चलाना सिखाओ.
- स्मोक डिटेक्टर + फायर अलार्म: किचन, डाइनिंग, स्टोर, स्टाफ रूम में.
- स्प्रिंकलर सिस्टम: नए होटल/बड़े रेस्टोरेंट में जरूरी है.
4. स्टाफ ट्रेनिंग सबसे जरूरी
- महीने में एक मॉक ड्रिल: आग बुझाना, गैस बंद करना, कस्टमर निकालना.
- किचन स्टाफ: कभी तेल की आग पर पानी मत डालो.
- गीला मोटा टॉवल या फायर ब्लैंकेट से ढको.
5. एग्जिट और इवैकुएशन
- दो क्लियर एग्जिट: मेन गेट जाम हो तो दूसरा रास्ता हो.
- इमरजेंसी लाइट: धुएं में भी रास्ता दिखे, इसके लिए बैटरी बैकअप वाली लाइट हो.
- एग्जिट पर ताला नहीं: स्टोर/किचन के दरवाजे हमेशा खुल सकें.
- ग्रीन एग्जिट साइन: हर फ्लोर पर लगे हों.
6. डेली चेकलिस्ट-
- दिन खत्म होने पर: गैस मेन वॉल्व बंद, सभी स्विच ऑफ, किचन में ज्वलनशील चीज न छोड़े.
- सिलेंडर स्टोरेज: किचन से दूर, हवादार जगह।
- दो से ज्यादा एक्स्ट्रा सिलेंडर न रखे.
7. लीगल कंप्लायंस
- फायर NOC अनिवार्य: लोकल फायर डिपार्टमेंट से.
- FSSAI + फायर सेफ्टी ऑडिट: इंश्योरेंस क्लेम में भी काम आता है.
8. सबसे कॉमन गलतियां जो नहीं करनी
- किचन में दरवाजा बंद करके खाना बनाना, इससे धुआं/गैस फंस जाती है.
- डस्टबिन में जलती सिगरेट/टिश्यू फेंकना
- डेकोरेशन में ज्वलनशील कपड़ा/थर्माकोल लगाना
- फायर एक्सटिंग्विशर को कोने में छुपा देना
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