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कूलर की हवा खा रहे टाइगर-भालू, पक्षियों के लिए लगा शावर, जानवरों को मिल रहा जीवनरक्षक घोल, जानिये वजह

देहरादून चिड़ियाघर में जानवरों को गर्मी से राहत देने के लिए खास इंतजामात किये गये हैं. नवीन उनियाल की रिपोर्ट

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कूलर की हवा खा रहे टाइगर-भालू (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : May 29, 2026 at 1:10 PM IST

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देहरादून: गर्मियों में जब लोग एयर कंडीशनर की मदद से खुद को राहत देने का प्रयास कर रहे हैं तब वन्यजीव भी कूलर और शॉवर का उपयोग करके खुद को हाई टेंपरेचर से बचाए हुए हैं. ना केवल बड़े जानवर बल्कि पक्षी भी बढ़ते तापमान से बेहद ज्यादा प्रभावित रहे हैं. जिसके लिए अलग अलग उपाय भी किए जा रहे हैं.

चिड़ियाघर प्रबंधन ने की खास व्यवस्थाएं: गर्मी का असर अब केवल इंसानों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि वन्यजीव भी बढ़ते तापमान से परेशान नजर आ रहे हैं. हालात ऐसे हैं कि जहां लोग एयर कंडीशनर और कूलर की मदद से राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं. वहीं, देहरादून चिड़ियाघर में रह रहे टाइगर, भालू, लेपर्ड और पक्षियों के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं.चिड़ियाघर प्रबंधन ने वन्यजीवों को भीषण गर्मी से बचाने के लिए कूलर, पंखे, शावर और पानी के छिड़काव जैसी व्यवस्थाएं शुरू की हैं. जिससे इन जीवों को चिलचिलाती धूप और बढ़ते पारे से कुछ राहत मिल सके.

कूलर की हवा खा रहे टाइगर-भालू (ETV Bharat)

दरअसल, इस बार तापमान लगातार बढ़ रहा है. दिन के समय तेज धूप और शुष्क मौसम की वजह से वातावरण में नमी काफी कम हो गई है. ऐसे में जंगलों से लाकर चिड़ियाघर में रखे गए वन्यजीवों के सामने गर्मी एक बड़ी चुनौती बन गई है. यही वजह है कि देहरादून चिड़ियाघर प्रशासन ने अलग-अलग वन्यजीवों की जरूरत के अनुसार विशेष इंतजाम किए हैं.

देहरादून चिड़ियाघर में बड़े शिकारी वन्यजीवों से लेकर दुर्लभ पक्षियों और पानी में रहने वाले जीवों तक के लिए अलग-अलग प्रकार के बाड़े बनाए गए हैं. सामान्य दिनों में इन बाड़ों में पर्याप्त सुविधाएं रहती हैं, लेकिन गर्मियों के दौरान अतिरिक्त व्यवस्थाओं की जरूरत महसूस होती हैं. इसी को देखते हुए इस बार चिड़ियाघर में गर्मी से बचाव के लिए कई नई व्यवस्थाएं लागू की गई हैं.

टाइगर, लेपर्ड और भालुओं के लिए कूलर: सबसे ज्यादा ध्यान बड़े वन्यजीवों पर दिया जा रहा है. चिड़ियाघर में मौजूद टाइगर, लेपर्ड और भालुओं के बाड़ों में कूलर और पंखे लगाए गए हैं. इन कूलरों की ठंडी हवा से वन्यजीव अपने बाड़ों में कुछ राहत महसूस कर रहे हैं. इसके साथ ही बाड़ों में ठंडे पानी की भी व्यवस्था की गई है. जिससे जानवरों के शरीर का तापमान नियंत्रित रखा जा सके.

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देहरादून चिड़ियाघर में कूलर (ETV Bharat)

पक्षियों के लिए लगा शावर: केवल बड़े जानवर ही नहीं, बल्कि पक्षियों के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं. चिड़ियाघर में मौजूद ऑस्ट्रिच जैसे बड़े पक्षियों के बाड़ों में शावर लगाए गए हैं. जिनसे लगातार पानी की बौछार की जा रही है. इससे न केवल पक्षियों को गर्मी से राहत मिल रही है, बल्कि उनके बाड़ों का तापमान भी नियंत्रित रखा जा रहा है. वहीं, छोटे पक्षियों के लिए सुबह और शाम के समय पानी का छिड़काव किया जा रहा है. छोटे पक्षी तेज धूप और अत्यधिक गर्मी को ज्यादा देर तक सहन नहीं कर पाते हैं.

चिड़ियाघर प्रबंधन का कहना है कि केवल पानी की बौछार या शॉवर से ही काम नहीं चलाया जा रहा, बल्कि वन्यजीवों के बाड़ों में विशेष हौद यानी रिजर्वॉयर भी बनाए गए हैं. इन हौदों में वन्यजीव दिन के समय बैठकर अपने शरीर को ठंडा रखते हैं. खासकर भालू और बड़े मांसाहारी जीव लंबे समय तक पानी में बैठना पसंद कर रहे हैं. जिससे उन्हें गर्मी से राहत मिल रही है.

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चिड़ियाघर में बनाई गई हौदी (ETV Bharat)

गर्मियों के मौसम में वन्यजीवों की देखभाल का तरीका पूरी तरह बदल जाता है. तापमान बढ़ने के साथ ही उनके खाने-पीने के शेड्यूल में भी बदलाव किया गया है. वन्यजीवों और पक्षियों को इस मौसम में ज्यादा से ज्यादा रसीले फल और पानी उपलब्ध कराया जा रहा है.

विनोद कुमार लिंगवाल, प्रभारी रेंजर, देहरादून चिड़ियाघर

रसीले फलों के जूस का भी इंतजाम: पक्षियों को विशेष रूप से तरबूज, टमाटर और अन्य रसीले फल खिलाए जा रहे हैं. जिससे उनके शरीर में पानी की कमी ना हो. वहीं कई जानवरों को इलेक्ट्रोल मिश्रित पानी भी दिया जा रहा है. जिससे शरीर में जरूरी मिनरल्स और पोषक तत्वों की कमी न हो. चिड़ियाघर प्रशासन का मानना है कि बढ़ती गर्मी में केवल ठंडा वातावरण देना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि जानवरों के शरीर में पानी और ऊर्जा का संतुलन बनाए रखना भी बेहद जरूरी है.

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चिड़ियाघर में ऑस्ट्रिच (ETV Bharat)

गर्मी से परेशान न हों जानवर: चिड़ियाघरों में रहने वाले जानवर प्राकृतिक जंगलों की तुलना में सीमित वातावरण में रहते हैं. ऐसे में अत्यधिक गर्मी उनके व्यवहार और स्वास्थ्य दोनों को प्रभावित कर सकती है. कई बार ज्यादा तापमान से जानवरों में तनाव, सुस्ती और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी देखने को मिलती हैं. यही कारण है कि गर्मियों के दौरान चिड़ियाघरों में विशेष निगरानी रखी जाती है.

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पक्षियों के लिए खास इंतजाम (ETV Bharat)

देहरादून चिड़ियाघर में इन दिनों सुबह से ही कर्मचारियों की टीम वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है. लगातार देखा जा रहा है कि किसी जानवर में गर्मी से जुड़ी परेशानी तो नहीं दिख रही. बाड़ों में पानी की उपलब्धता, सफाई और नमी बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.

इंसानों की तरह वन्यजीव भी बढ़ती गर्मी से जूझ रहे हैं. ऐसे में देहरादून चिड़ियाघर में किए गए ये इंतजाम वन्यजीवों को राहत देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं. कूलर की ठंडी हवा, शॉवर की पानी की बौछार और रसीले फलों का स्वाद इन वन्यजीवों को भीषण गर्मी के बीच कुछ सुकून देने का काम कर रहा है.

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