ETV Bharat / bharat

बिहार चुनाव रिजल्ट: कांग्रेस का चुनाव आयोग पर निशाना, EC ने सूत्रों के हवाले से दी सफाई

'यह स्पष्ट है कि मृत मतदाताओं को वोट नहीं देने देने के लिए उन्हें निशाना बनाया जाएगा': चुनाव आयोग के सूत्र

Bihar Election 2025 results
बिहार विधानसभा चुनाव के शुरुआती नतीजों में गठबंधन की बढ़त का पटना में जश्न मनाते भाजपा समर्थक. (PTI)
author img

By ETV Bharat Hindi Team

Published : November 14, 2025 at 5:44 PM IST

|

Updated : November 14, 2025 at 8:53 PM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

संतू दास

नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के रुझान से यह स्पष्ट हो गया है कि एनडीए को प्रचंड बहुमत मिल रहा है. विपक्षी दल ने इस हार का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ा है. विपक्षी दलों ने इस हार के लिए चुनाव आयोग और बिहार में कराये गये एसआईआर प्रक्रिया को जिम्मेवार ठहराया है. कांग्रेस द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को दोषी ठहराया जा रहा है.

विपक्ष के इन आरोपों पर भारत के चुनाव आयोग के सूत्रों ने शुक्रवार को कहा कि यह स्पष्ट था कि सीईसी को निशाना बनाया जाएगा. क्योंकि उन्होंने राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के माध्यम से मतदाता सूची को साफ किया था.

बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले कराये गये एसआईआर से भारतीय जनता पार्टी और जनता दल (यूनाइटेड) के नेतृत्व वाले एनडीए का पक्ष लेने के कांग्रेस पार्टी के आरोपों का जवाब देते हुए, ईसीआई सूत्रों ने ईटीवी भारत को बताया कि, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बिहार में एसआईआर के माध्यम से मतदाता सूची को साफ किया. चुनाव आयोग के सूत्रों ने बताया कि बिहार में एसआईआर के दौरान कोई अपील नहीं हुई.

बिहार में एसआईआर अभ्यास के हिस्से के रूप में प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची से जिन 65 लाख लोगों के नाम हटाए गए थे, उनका जिक्र करते हुए, विधानसभा चुनाव के नतीजों का हवाला देते हुए, सूत्रों ने कहा, "कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल इसलिए हार गए क्योंकि 22 लाख लोग मर गए, 36 लाख स्थायी रूप से स्थानांतरित हो गए और 7 लाख डुप्लिकेट मतदाता बिहार में वोट नहीं दे सके. अब, कांग्रेस और राजद उनसे (सीईसी) लड़ेंगे, यह तय है."

बता दें कि सुबह से ही जब शुरुआती रुझानों में बिहार में एनडीए की स्पष्ट जीत के संकेत मिले, पवन खेड़ा सहित वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने मतदाता सूची के शुद्धिकरण के उद्देश्य से एसआईआर कराने के लिए सीईसी की आलोचना की. चुनाव परिणामों पर अपनी पहली प्रतिक्रिया में खेड़ा ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "मुकाबला सीधे तौर पर भारत के चुनाव आयोग और बिहार की जनता के बीच है. देखते हैं कौन जीतता है।"

बिना लाग लपेट के उन्होंने कहा, "मैं (मुख्य चुनाव आयुक्त) ज्ञानेश कुमार और बिहार के लोगों के बीच सीधे मुकाबले की बात कर रहा हूं. मैं बिहार के लोगों को कम नहीं आंक सकता. उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और 'वोट चोरी' के बावजूद बहुत साहस दिखाया है. देखते हैं कि आने वाले घंटों में ज्ञानेश कुमार कितने प्रभावी साबित होते हैं."

गौरतलब है कि विधानसभा चुनावों से पहले, "महागठबंधन" ने राज्य भर में "मतदाता अधिकार यात्रा" निकाली थी और चुनाव आयोग पर सत्तारूढ़ दल को लाभ पहुंचाने के लिए एसआईआर में "वोट चोरी" का आरोप लगाया था. चुनाव आयोग ने विपक्षी दलों के आरोपों का खंडन किया था.

इसे भी पढ़ेंः

Last Updated : November 14, 2025 at 8:53 PM IST