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खड़गे 'शुद्धिकरण' विवाद और राहुल गांधी पर FIR पर भड़की कांग्रेस; देशव्यापी आंदोलन की तैयारी

मल्लिकार्जुन खड़गे के 'शुद्धिकरण' विवाद में न्याय की मांग करने पर राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी में FIR दर्ज हुई है.

Congress Plans Nationwide Protests
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी 29 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के इंदिरा भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए. (IANS)
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By Amit Agnihotri

Published : August 31, 2026 at 7:12 PM IST

6 Min Read
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नई दिल्लीः कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से जुड़े 'शुद्धिकरण' विवाद में न्याय की मांग करने पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड के हल्द्वानी में एफआईआर दर्ज की गई है. इस कार्रवाई से कांग्रेस नेता बेहद नाराज हैं. पार्टी ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए इस मुद्दे पर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करने का बड़ा एलान किया है.

राहुल ने हाल ही में उत्तराखंड बीजेपी अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी, जिन्होंने उस जगह पर 'शुद्धिकरण समारोह' आयोजित करने को सही ठहराया था, जहां दलित नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने पहले एक कांग्रेस रैली को संबोधित किया था. दूसरी तरफ, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी संसद के मानसून सत्र के दौरान सदन में अपने इस कथित अपमान का मुद्दा उठाया था. कहा था कि यह शुद्धिकरण समारोह संविधान की भावना के खिलाफ था.

बाद में, कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक के दौरान खड़गे ने इस बात पर चिंता व्यक्त की थी कि कई वरिष्ठ नेताओं ने उनकी जाति के आधार पर पार्टी अध्यक्ष को निशाना बनाए जाने के खिलाफ उनका बचाव नहीं किया था. कुछ दिनों बाद, राहुल गांधी ने भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और प्रधानमंत्री मोदी से माफी की मांग की. साथ ही उन्होंने खड़गे के खिलाफ छुआछूत का व्यवहार करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की भी मांग की.

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने अब सभी राज्य इकाइयों को निर्देश दिया है कि वे भाजपा द्वारा एफआईआर के जरिए राहुल गांधी को निशाना बनाए जाने के विरोध में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करें. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष पिछले कुछ वर्षों से अपने 'संविधान बचाओ' अभियानों के माध्यम से दलित अस्मिता के मुद्दे पर भाजपा को लगातार घेरते रहे हैं. इस मुद्दे ने 2024 के राष्ट्रीय चुनावों में भाजपा को भारी नुकसान पहुंचाया था, जब सपा-कांग्रेस गठबंधन ने उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 43 सीटों पर जीत हासिल की थी.

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अनुसूचित जाति विभाग के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने ईटीवी भारत से कहा, "भाजपा छुआछूत का आचरण करती है. उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री ने उस जगह पर शुद्धिकरण समारोह को सही ठहराया जहां खड़गे जी ने रैली को संबोधित किया था. राहुल गांधी ने छुआछूत के खिलाफ आवाज उठाई. यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि न्याय मांगने के लिए अब उन्हें ही एफआईआर का सामना करना पड़ रहा है. पूरे देश के दलित और पूरी कांग्रेस पार्टी इस तरह के उत्पीड़न का करारा जवाब देगी."

हल्द्वानी के शुद्धिकरण का यह मुद्दा इसलिए भी राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब जैसे कई राज्यों में, जहां अच्छी-खासी दलित आबादी है, साल 2027 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. राहुल गांधी ने इस बात पर जोर दिया था कि खड़गे का अपमान केवल कांग्रेस अध्यक्ष से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि यह देश भर के दलितों के लिए न्याय सुनिश्चित करने की लड़ाई है.

उत्तर प्रदेश के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि शुद्धिकरण के इस मुद्दे की गूंज पूरे राज्य में सुनाई दे रही है. कांग्रेस पार्टी आने वाले दिनों में भाजपा को बेनकाब करने के लिए इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएगी. गौतम ने कहा, "पिछले कुछ महीनों में हमारे 'संविधान बचाओ' अभियान और सामुदायिक सम्मेलनों को भारी सफलता मिली है. दलितों के लिए न्याय और विशेष रूप से इस शुद्धिकरण के मुद्दे को पूरे राज्य में ले जाया जाएगा ताकि सत्ताधारी दल का असली चेहरा सामने लाया जा सके."

उत्तराखंड के एआईसीसी प्रभारी सचिव सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि इस पहाड़ी राज्य में दलितों के खिलाफ उत्पीड़न की कई घटनाएं हुई हैं. कांग्रेस, खड़गे से जुड़ी इस घटना सहित उन सभी के हक के लिए लड़ना जारी रखेगी.

शर्मा ने ईटीवी भारत से कहा, "हम पिछले कई हफ्तों से हल्द्वानी में शुद्धिकरण समारोह आयोजित करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सब बेकार रहा. हम इस मुद्दे को इसके तार्किक अंजाम तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. अगर हमारी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो हम मुख्यमंत्री आवास और राजभवन के बाहर विरोध प्रदर्शन करेंगे."

कांग्रेस पदाधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि पार्टी दलित अस्मिता के इस मुद्दे को अपने सामाजिक न्याय के एजेंडे के हिस्से के रूप में उठा रही है और वह इस पूरे विवाद को राजनीति या चुनावी फायदे के चश्मे से नहीं देखती. शर्मा ने कहा, "हमारे लिए यह सामाजिक न्याय का मुद्दा है. इसमें कोई राजनीति शामिल नहीं है. हमारे नेता वर्षों से दलितों के मुद्दे उठाते रहे हैं. हम राज्य और अन्य जगहों पर भी ऐसा करना जारी रखेंगे."

एआईसीसी पदाधिकारी जितेंद्र सिंह ने ईटीवी भारत से कहा, "राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना 'उल्टा चोर कोतवाल को डांटे' जैसा है. हमारे नेता पहले से ही कई झूठे मुकदमों का सामना कर रहे हैं और एक और मुकदमे से उन पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा. भाजपा असल में अपने नेताओं के जातिवादी व्यवहार का बचाव करने की कोशिश कर रही है. वे दलितों के अधिकारों के लिए आवाज उठाने वालों पर हमला करने के लिए राज्य की पूरी ताकत झोंकने को तैयार हैं."

जितेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा ने जो किया है, वह संविधान में निहित सामाजिक न्याय के मूल्यों पर हमला है. कांग्रेस इस हमले के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ेगी. जब तक खड़गे का अपमान करने वाले दोषियों को सजा नहीं मिल जाती, चैन से नहीं बैठेंगे. उन्होंने आगे कहा, "शुद्धिकरण की इस घटना को 20 दिन से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है. असली लड़ाई संविधान में विश्वास रखने वालों और भाजपा की विचारधारा के बीच है."

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