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संसद में गूंजा अंकिता भंडारी और 'मोहम्मद' दीपक का मुद्दा, सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने शायराना अंदाज में घेरा

कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने अंकिता भंडारी और कोटद्वार बाबा विवाद का मामला संसद में उठाया, कहा-अमन-चैन की बात करने वालों पर उल्टा मुकदमा दर्ज

Rajya Sabha MP Imran Pratapgarhi
राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी (फोटो सोर्स- X@ShayarImran)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : February 6, 2026 at 4:02 PM IST

3 Min Read
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देहरादून: उत्तराखंड के कोटद्वार में कपड़े की दुकान का नाम बदले जाने को लेकर उपजा विवाद सुर्खियों में है. जहां बजरंग दल के कार्यकर्ताओं और दुकान मालिक के बीच में विवाद में जिम संचालक दीपक कुमार ने अपना विरोध जताया था. आक्रोश में नाम पूछने पर उन्होंने अपना नाम 'मोहम्मद' दीपक बताया था. इसके बाद देशभर में यह नाम चर्चा में आया. अब इसकी गूंज संसद के गलियारों में भी सुनाई दे रही है.

दरअसल, कांग्रेस से राज्य सभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने संसद में शायराना अंदाज में उत्तराखंड के कोटद्वार में बाबा नाम की दुकान के नाम को लेकर उपजे विवाद और चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को प्रमुखता से उठाया है. उन्होंने अपने अंदाज में कहा कि 'बात दलीलों से रद्द होती है, उनके होठों की खामोशी भी सनद होती है. कुछ नहीं कहने से भी छिन जाता है, एजाजे सुखन, जुल्म सहने से भी जालिम की मदद होती है.'

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर अपनी बात रखने के लिए इमरान प्रतापगढ़ी ने कोटद्वार बाबा प्रकरण और अंकिता मामले को उठाते हुए कहा कि 'एक तरफ महामहिम के भाषण पर प्रधानमंत्री संसद की मेज थपथपा रहे थे. दूसरी तरफ उत्तराखंड की अभागी बिटिया अंकिता भंडारी के इंसाफ की आवाजें मध्यम पड़ रही थी, जो आज भी ये पूछ रही है कि आखिर वीआईपी कौन था? जिसके लिए अंकिता को मार दिया गया.'

इमरान प्रतापगढ़ी ने आगे कहा कि 'इधर सामाजिक न्याय की बात हो रही थी. उधर, उत्तराखंड के कोटद्वार में नफरती लोगों के खिलाफ एक बुजुर्ग को बचाने के लिए सामने आया दीपक जो मोहब्बत की रोशनी लेकर तटस्थ खड़ा रहा. उसी दीपक के खिलाफ कोटद्वार की पुलिस ने गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली.'

सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि 'यह सब उस दिन हो रहा था, जब उत्तराखंड के मुख्यमंत्री कोटद्वार में मौजूद थे.' उन्होंने कहा कि 'यह नया भारत है, जहां पर दंगाइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं होता, बल्कि अमन चैन की बात करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया जाता है.'

बता दें कि कोटद्वार में कई सालों से कपड़े की दुकान चल रहा मुस्लिम कारोबारी ने दुकान का नाम 'बाबा' रखा था, लेकिन 26 जनवरी को मामला तब बिगड़ा, जब बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने दुकान का नाम बदलने को कहा. इसी दौरान पास ही जिम संचालक दीपक कुमार ने दुकान का नाम जबरन बदले जाने पर अपना विरोध जताया और बुजुर्ग दुकान स्वामी के पक्ष में तटस्थ खड़े रहे.

जिसका वीडियो से सामने आया. इसी बीच जब बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने जब उनसे नाम पूछा था तो उन्होंने अपना नाम 'मोहम्मद' दीपक बता दिया. इस मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी भी दीपक कुमार के जज्बे की तारीफ कर चुके हैं. वहीं, इसको लेकर उत्तराखंड में राजनीति भी जमकर हो रही है.

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