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झारखंड में बीएलए बनाने में हांफ रही कांग्रेस, कैसे SIR के दौरान गड़बड़ी रोकेगी पार्टी?

झारखंड में एसआईआर शुरू होने वाला है. लेकिन कांग्रेस पार्टी बूथ लेवल एजेंट नियुक्त करने में पिछड़ रही है.

Congress lagging behind in appointing booth level agents for SIR In Jharkhand
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय, रांची (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : January 8, 2026 at 5:48 PM IST

4 Min Read
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रांची: बिहार, उत्तर प्रदेश के साथ साथ 12 राज्यों में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद अब झारखंड में भी एसआईआर शुरू होने वाला है. लेकिन हैरत की बात यह है कि अभी तक कांग्रेस ने सिर्फ 11.24% मतदान केंद्रों पर ही बूथ लेवल एजेंट नियुक्त कर पाई है. ऐसे में अब भारतीय जनता पार्टी के नेता यह कहकर तंज कस रहे हैं कि कांग्रेस को ग्रासरूट पर कार्यकर्ता नहीं मिल रहा हैं. इसलिए कांग्रेस,बीएलए को नियुक्त करने में हांफ रही है.

एक नजर - किस जिला के कितने बीएलए हुए नियुक्त

जिला का नामबीएलए नियुक्त
रांची ग्रामीण317
गुमला815
लोहरदगा399
सिमडेगा589
खूंटीशुरू नहीं
हजारीबागशुरू नहीं
गिरिडीहशुरू नहीं
चतरा105
रामगढशुरू नहीं
धनबाद164
बोकारो80
कोडरमाशुरू नहीं
पलामूशुरू नहीं
गढ़वा50
लातेहार91
पूर्वी सिंहभूमशुरू नहीं
पश्चिमी सिंहभूमशुरू नहीं
सरायकेला-खरसावांशुरू नहीं
दुमकाशुरू नहीं
साहिबगंज135
गोड्डा268
देवघरशुरू नहीं
पाकुड135
जामताड़ा145
रांची शहरी304
25 सांगठनिक जिला3627

'हमारे हर बीएलए धरातल पर, देर होने की वजह दूसरी'

झारखंड कांग्रेस के जीपीसीसी और बीएलए नियुक्ति कंपेन के हेड सूर्यकांत शुक्ला कहते हैं कि पहले हम जीपीसीसी यानी ग्राम पंचायत कांग्रेस कमिटी बनाने को प्राथमिकता में रखा था. इस बीच कुछ नए जिला अध्यक्षों की नियुक्ति हुई इस वजह से बीएलए नियुक्त करने में देरी हुई.

कांग्रेस और भाजपा नेता के बयान (ETV Bharat)

सूर्यकांत शुक्ला कहते हैं कि दो हफ्ते के अंदर सभी मतदान केंद्रों में ब्लॉक लेबल एजेंट (BLA-2) की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी. जिन 3000 से ज्यादा मतदान केंद्रों पर बीएलए नियुक्त हो चुके हैं, वहां की सूची जल्द मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के माध्यम से चुनाव आयोग को भेज दिया जाएगा.

कांग्रेस संगठन धरातल की जगह कागज पर चल रहा है- भाजपा

अभी तक राज्य में कांग्रेस के द्वारा सिर्फ 12% के करीब बूथ लेवल एजेंट नियुक्त कर पाने पर तंज कसते हुए भाजपा ने तंज कसा है. पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप सिन्हा कहते हैं कि यही झारखंड में कांग्रेस की सच्चाई है. राज्य में झारखंड मुक्ति मोर्चा के कंधे पर सवार होकर कांग्रेस सत्ता का सुख भोग रही है जबकि हकीकत यह है कि धरातल पर उसे बूथ लेवल पर कार्यकर्ता नहीं मिल रहे हैं,जिन्हें वह अपना बीएलए बना सकें. भाजपा पर वोट चोरी का आरोप लगाने वाले कांग्रेसी नेताओं को यह चिंतन करना होगा कि उनकी क्या स्थिति हो गयी है कि हर बूथ पर खोजे भी एक निष्ठावान कार्यकर्ता नहीं मिल रहा है, यही सच्चाई है.

2008 में राजनीतिक दलों को मिला था बीएलए नियुक्त करने का अधिकार

देश की राजनीतिक दलों को वर्ष 2008 में यह पावर मिला था कि वह BLA नियुक्त कर सकता है, जो मतदाता सूची के शुद्धता बनाये रखने में EC द्वारा नियुक्त बीएलओ के साथ बराबर के भागीदारी होंगे. इसी शक्ति के तहत राजनीतिक दल अपने किसी एक प्रतिनिधि को यह अधिकार देंगे कि वह हर बूथ पर एक BLA की नियुक्ति करे.

झारखंड में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने राज्य के सभी जिलाध्यक्षों को यह अधिकार दिया है कि वह बीएलए की बूथ स्तर पर नियुक्ति करे. इसलिए झारखंड में कांग्रेस के सभी जिलाध्यक्ष BLA-1 कहलाये. वहीं बूथ स्तर पर नियुक्त होनेवाले पार्टी के एजेंट BLA-2 कहलायेंगे. BLA -2 मीन्स बूथ लेवल एजेंट ऑन बूथ लेवल. सूर्यकांत शुक्ला बताते हैं कि BLA-2 की जिम्मेवारी होगी अपने बूथ के पुनरीक्षण में BLO को सहयोग करें और शुद्धता को सुनिश्चित करे. इनकी बातें ECI सुनेगा. उन्होंने कहा कि SIR के दौरान वोटों की निगरानी-पहरेदारी में बीएलए-2 की भूमिका महत्वपूर्ण होगी.

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