क्या टूट जाएगा महागठबंधन? पटना में कांग्रेस की बड़ी बैठक.. हार पर होगा मंथन
महागठबंधन में टूट की चर्चा के बीच पटना में कांग्रेस की बैठक बुलाई गयी है. चुनाव में हार के बाद कांग्रेस की पहली बैठक है.

Published : November 30, 2025 at 7:23 PM IST
|Updated : December 1, 2025 at 9:04 AM IST
पटना: राजद बिहार प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल का बयान चर्चा में है. इससे महागठबंधन के भविष्य पर अब सवाल खड़े हो गए हैं. कांग्रेस आलाकमान की समीक्षा बैठक और उसके बाद उठी असंतोष की आवाज ने गठबंधन की नीव हिला दी. इस बीच कांग्रेस ने 1 दिसंबर को पटना के सदाकत आश्रम में बैठक बुलाई है. इसमें बिहार चुनाव में हार के तमाम बिंदुओं पर चर्चा की जाएगी.
शनिवार की बैठक में नहीं पहुंचे कांग्रेस MLA: सोमवार से बिहार विधानसभा का सत्र भी शुरू होने वाला है. इसको लेकर शनिवार को महागठबंधन के विधायकों की बैठक बुलाई गई थी. तेजस्वी यादव के सरकारी आवास एक पोलो रोड पर महागठबंधन के घटक दलों की विधायकों की बैठक हुई. हालांकि बैठक में कांग्रेस के 6 में से 2 ही विधायक पहुंचे. इससे महागठबंधन में मनमुटाव की बात सामने आयी.

गठबंधन में मनमुटाव की खबर: गठबंधन में मनमुटाव की खबर के सवाल पर मंगनीलाल मंडल ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि 'इस तरह की कोई बात अभी तक सामने नहीं आई है. सर्वसम्मति से तेजस्वी यादव को नेता प्रतिपक्ष चुना गया. कांग्रेस की ओर से विधान पार्षद समीर सिंह को प्रतिनिधि के रूप में भेजा गया था.' चार विधायकों की बैठक में शामिल नहीं होने के सवाल पर कहा कि सभी विधायक दिल्ली में हैं.
सोमवार को बैठक: सोमवार को पटना के सदाकत आश्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की बैठक है. पार्टी के सभी जिलाध्यक्ष, कार्यकारी अध्यक्ष के साथ फ्रंटल प्रमुख मोर्चा एवं संगठन के प्रमुखों को शामिल होने का निर्देश दिया गया है. बैठक की अध्यक्षता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम करेंगे. बैठक में आगामी 14 दिसंबर को वोट चोरी के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन एवं रैली का आयोजन दिल्ली में होगा, जिसपर चर्चा होगी.

बैठक का उद्देश्य: कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता स्नेहाशीष वर्धन का कहना है कि बैठक में पार्टी के जिलाध्यक्षों के साथ-साथ सभी अधिकारियों को बुलाया गया है. इसके अलावा कल की बैठक में विधानसभा चुनाव परिणाम को लेकर समीक्षा भी की जाएगी. इसके अलावे पार्टी की मजबूती एवं नीतियों एवं भविष्य में पार्टी के क्या-क्या कार्यक्रम है, उसको लेकर रूपरेखा तैयार होगी.
"वोट चोरी का जो बीजेपी का मोडल है और चुनाव आयोग इसमें मदद करती है, उसको लेकर कैसे काउंटर करना है. इस पर भी चर्चा की जाएगी. इस बैठक में तमाम नेताओं को बुलाया गया है." -डॉ स्नेहाशीष वर्धन, प्रवक्ता, कांग्रेस
'महागठबंधन एकजुट': महागठबंधन के अंदर सब कुछ ठीक नहीं होने की चर्चा है. हालांकि राजद के प्रवक्ता एजाज अहमद का दावा है कि महागठबंधन के अंदर ऑल इज वेल है. एजाज अहमद का कहना है कि कल महागठबंधन के विधायकों की बैठक हुई थी, जिसमें सभी विधायकों ने एकजुट होकर तेजस्वी यादव के नेतृत्व में जनता के मुद्दे सड़क से सदन तक उठाने का निर्णय लिया है.
तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी के सरकार का मुकाबला करेगी. जनता के मुद्दे पर महागठबंधन एकता के साथ सड़क से सदन तक संघर्ष करेंगे. इस संघर्ष में राजद कांग्रेस वामपंथी दल, VIP और आईपी गुप्ता की पार्टी एकजुट हैं." -एजाज अहमद, प्रवक्ता, आरजेडी

गठबंधन पर विचार की मांग: आरजेडी एकजुटता का दावा कर रही हो लेकिन कांग्रेस का एक धरा आरजेडी से गठबंधन तोड़ने की बात शुरू कर दिया है. ईटीवी भारत से बातचीत में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कांग्रेस सेवादल के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य पासवान ने स्पष्ट रूप से कहा कि अब कांग्रेस को अकेले राजनीति करने का समय आ गया है. राजद के साथ गठबंधन करने के कारण कांग्रेस के संगठन में कमजोरी आई है.
'मजबूत सीट नहीं दिया गया': आदित्य पासवान ने कहा कि कांग्रेस जिन सीटों पर मजबूत स्थिति में है, वह चुनाव में नहीं दिया गया है. ऐसा सीट दिया गया जहां हम हारने की स्थिति में होते हैं. पार्टी का संगठन मजबूती से काम नहीं कर पा रहा है. विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद पार्टी के कार्यकर्ता निराश हैं. कमजोर प्रदेश नेतृत्व एवं गलत गठबंधन के कारण कांग्रेस बिहार में कमजोर हो रही है.
"कांग्रेस को अब विचार करना होगा कि पार्टी को अपने पैर पर खड़े होने के लिए निर्णय लेना चाहिए. 70-80 के दशक में कांग्रेस बिहार में मजबूत स्थिति में थी. फिर से वही दौर वापस लाने के लिए कांग्रेस को अपना संगठन मजबूत करना होगा." -आदित्य पासवान, प्रदेश अध्यक्ष, सेवा दल कांग्रेस

नाम का महागठबंधन: कांग्रेस के बीच उठ रहे विवाद को लेकर जदयू ने महागठबंधन पर निशाना साधना शुरू कर दिया है. जदयू की प्रवक्ता अंजुम आरा का कहना है कि बिहार में महागठबंधन में विवाद खुलकर अब सामने आ गया है. बिहार में महागठबंधन की करारी हार हुई है. इसका ठीकरा महागठबंधन के नेता एक-दूसरे पर फोड़ रहे हैं. यह सिचुएशन कोई अभी का नहीं है, विधानसभा चुनाव से पहले भी महागठबंधन में इसी तरीके का मामला सामने आया था.
"चुनाव के दौरान ये लोग एक दूसरे के खिलाफ फ्रेंडली फाइट कर रहे थे. जिसे बिहार की जनता पूरी तरीके से समझ रही थी. भले ही महागठबंधन के नेता ऑल इज वेल का दावा कर रहे हैं, लेकिन लोग समझ रहे हैं कि महागठबंधन की क्या स्थिति है." -अंजुम आरा, प्रदेश प्रवक्ता, जदयू
महागठबंधन में टूट की भविष्यवाणी: अंजुम आरा का आरोप है कि महागठबंधन के बीच दूरी अब स्पष्ट रूप से दिखने लगी है, क्योंकि विधायक दल की बैठक में कांग्रेस के विधायक दूरी बनाने लगे हैं. तेजस्वी यादव के नेतृत्व में हुई बैठक से कांग्रेस के विधायकों की दूरी यह संकेत देती है कि अब महागठबंधन का अस्तित्व समाप्त हो चुका है. महागठबंधन के समाप्त होने की मात्र औपचारिक घोषणा बाकी रह गई.

जानकारों की राय: कांग्रेस के अंदर आत्मचिंतन का दौरा और महागठबंधन के बीच आंतरिक विवाद पर वरिष्ठ पत्रकार सुनील पांडेय का कहना है कि बिहार में महागठबंधन की स्थिति विधानसभा चुनाव के पहले से ही स्पष्ट रूप से दिख रही थी. महागठबंधन के बीच सामंजस्य और आपसी को-ऑर्डिनेशन का अभाव देखने को मिला.
"विधानसभा चुनाव के समय भी महागठबंधन की स्थिति स्पष्ट नहीं दिख रही थी. मतदान के एक दिन पहले कुछ सीटों का बंटवारा हुआ. बटवारा भी ऐसा हुआ कि लगभग 11 सीट पर फ्रेंडली फाइट की स्थिति बनी रही. आपसी मतभेद के कारण महागठबंधन को कई सीटों पर हार का सामना करना पड़ा." -सुनील पांडेय, वरिष्ठ पत्रकार
तेजस्वी के नेतृत्व पर सवाल: सुनील पांडेय का कहना है कि विधानसभा सत्र को लेकर तेजस्वी यादव ने गठबंधन के सभी घटक दलों के विधायकों की बैठक बुलाई थी, जिसमें कांग्रेस के कई विधायक नदारत रहे. यह दिखाता है कि महागठबंधन के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. कांग्रेस विधायकों की गैर मौजूदगी विधानसभा सत्र के दौरान भी देखने को मिल सकता है.
"महागठबंधन के बीच ऐसे ही स्थिति रही तो एनडीए का कैसे मुकाबला कर पाएगी यह सोचने वाली बात है. आपसी तालमेल की कमी महागठबंधन के आगामी भविष्य पर भी असर डाल सकती है." -सुनील पांडेय, वरिष्ठ पत्रकार
ये भी पढ़ें:
- 'राजेश राम और कृष्णा अल्लावरु को हटाया जाए', बोले कांग्रेस के दिग्गज नेता- RJD से तोड़ा जाए गठबंधन
- दिल्ली में बिहार कांग्रेस की समीक्षा बैठक, खड़गे-राहुल के सामने नेताओं के बीच जूतम पैजार जैसे हालात
- 'रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएंगे', 3 घंटे की बैठक के बाद तेजस्वी यादव चुने गए महागठबंधन विधायक दल के नेता

