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कांग्रेस ने चुनावी राज्यों में अनुभवी नेताओं को उतारा, जानिए पार्टी की रणनीति

कांग्रेस को उम्मीद है कि वह केंद्रीय पर्यवेक्षकों के अनुभव का इस्तेमाल करके असम, केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में अच्छा प्रदर्शन करेगी.

Congress appointed Observers for Poll-Bound Assam, Tamil Nadu, West Bengal, Kerala to revive party
कांग्रेस ने चुनावी राज्यों में अनुभवी नेताओं को उतारा, जानिए पार्टी की रणनीति (File/ ANI)
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By Amit Agnihotri

Published : January 8, 2026 at 8:17 PM IST

5 Min Read
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नई दिल्ली: कांग्रेस 2026 में चार राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए उत्सुक है. पार्टी ने चुनावी राज्यों में कई वरिष्ठ नेताओं को तैनात किया है, ताकि भाजपा और एनडीए के खिलाफ मजबूत चुनावी रणनीति बनाई जा सके.

कांग्रेस को 2025 में बिहार विधानसभा चुनाव और 2024 में महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनावों में NDA से हार का सामना करना पड़ा. बाद में पार्टी ने नतीजों के लिए कथित वोट चोरी को दोषी ठहराया. इसलिए, असम, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में 2026 में होने के चुनावों में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए AICC पर्यवेक्षक के तौर पर अनुभवी नेताओं को तैनात किया गया.

असम में एनडीए 2016 से सत्ता में है. कांग्रेस NDA को सत्ता से हटाने के लिए बेताब है. इसलिए देश की सबसे पुरानी पार्टी ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिव कुमार को AICC पर्यवेक्षक के तौर पर तैनात किया है. इससे पहले पार्टी ने लोकसभा सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा को असम चुनाव के लिए उम्मीदवारों को चयन वाली स्क्रीनिंग कमेटी का हेड बनाया था.

कांग्रेस के लिए असम में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाले NDA का मुकाबला करना मुश्किल काम है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, प्रियंका गांधी जहां एक पारदर्शी उम्मीदवार चयन प्रक्रिया सुनिश्चित करेंगी, वहीं बघेल और शिवकुमार प्रशासन और अन्य संसाधनों पर NDA के नियंत्रण का मुकाबला करेंगे. पार्टी ने झारखंड के बंधु तिर्की को भी असम में तैनात किया है.

कांग्रेस 2021 के असम विधानसभा चुनाव में कुल 126 सीटों में से केवल 29 सीटें जीत सकी थी. भाजपा ने 60 सीटें जीती थीं. 2024 के लोकसभा चुनावों में, कांग्रेस राज्य की कुल 14 लोकसभा सीटों में से केवल 3 जीत सकी, जबकि भगवा पार्टी ने 9 सीटें हासिल कीं.

असम कांग्रेस के प्रभारी सचिव मनोज चौहान ने ईटीवी भारत को बताया, "कांग्रेस के तीनों पर्यवेक्षक को चुनाव और सरकारों को संभालने का अनुभव है. उनका मार्गदर्शन और सुझाव एनडीए से लड़ने में काम आएगा, जो आने वाले चुनाव जीतने के लिए हर दांव चलेगा. उनके पास संसाधन हैं और वे सत्ता में हैं. इसलिए हमें उनका मुकाबला करने के लिए बेहतर योजना की जरूरत है."

केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाला UDF 2016 से विपक्ष में है. कांग्रेस पार्टी को उम्मीद है कि वह हाल में स्थानीय स्वशासन चुनावों में अपने अच्छे प्रदर्शन के आधार पर मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की अगुवाई वाले सत्ताधारी LDF को सत्ता से हटा देगी.

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, केरल के वायनाड से लोकसभा सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा जाहिर तौर पर राज्य में आगामी चुनाव को सुपरवाइज करेंगी, लेकिन कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य सचिन पायलट केरल में AICC पर्यवेक्षक के तौर पर उनकी मदद करेंगे. राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी और कन्हैया कुमार जैसे युवा चेहरे, जिन्होंने बिहार चुनाव में बड़े पैमाने पर अभियान किया था, और कर्नाटक के मंत्री और अनुभवी नेता केजे जॉर्ज को भी केरल में पर्यवेक्षक बनाया गया है.

पार्टी सूत्रों के अनुसार, एक आंतरिक सर्वे से पता चला है कि केरल में कुल 140 सीटों में से लगभग 90 सीटों पर UDF को LDF पर बढ़त मिली हुई है, लेकिन चुनाव जीतने के लिए आने वाले दिनों में एकजुट होकर और जोरदार अभियान चलाने की जरूरत है.

केरल कांग्रेस के प्रभारी सचिव पीवी मोहन ने ईटीवी भारत को बताया, "राज्य इकाई एकजुट है, जैसा कि हाल के स्थानीय निकाय चुनावों में दिखा है, लेकिन हमें अभी भी LDF सरकार की नाकामियों को उजागर करने के लिए आक्रामक अभियान की जरूरत है. केंद्रीय पर्यवेक्षक विधानसभा चुनाव में जरूरी ऊर्जा और अनुभव लाने में मदद करेंगे."

तमिलनाडु में कांग्रेस बाहर से सत्तारूढ़ DMK को समर्थन दे रही है. पार्टी को उम्मीद है कि उनका गठबंधन जल्द ही फाइनल हो जाएगा और वह सत्ता में बनी रहेगी. हालांकि, सीट-शेयरिंग फॉर्मूला फाइनल होने में थोड़ी देरी की वजह से हाल ही में राज्य इकाई के कुछ नेताओं ने विवादित बयान दिए हैं, जिससे DMK नाराज है.

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, मुकुल वासनिक और उत्तम कुमार रेड्डी जैसे वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी से कांग्रेस को सहयोगी पार्टी DMK के साथ बेहतर तालमेल बिठाने, मुखर नेताओं को नियंत्रित करने और आगामी चुनावों से पहले NDA का मुकाबला करने के लिए अपने संगठन को मजबूत करने पर फोकस करने में मदद मिलेगी. वासनिक और रेड्डी, काजी मोहम्मद निजामुद्दीन के साथ पड़ोसी पुडुचेरी में भी कांग्रेस पर्यवेक्षक होंगे.

तमिलनाडु और पुडुचेरी के लिए प्रभारी कांग्रेस सचिव सूरज हेगड़े ने ईटीवी भारत को बताया, "राज्य इकाई ने आगामी चुनावों की तैयारी के लिए संगठन को मजबूत करने पर काम शुरू कर दिया है. हमें उम्मीद है कि NDA का मुकाबला करने के लिए सीटों का बंटवारा समय पर फाइनल हो जाएगा. हमने हाल ही में बिहार में हुए चुनाव से सबक लिया है और तमिलनाडु में कमियों को दूर कर रहे हैं. पर्यवेक्षक के तौर पर अनुभवी नेताओं की मौजूदगी निश्चित रूप से देश की सबसे पुरानी पार्टी और गठबंधन दोनों के लिए फायदेमंद होगी."

पश्चिम बंगाल में, मुख्य मुकाबला सत्ताधारी TMC और BJP के बीच है. यहां कांग्रेस ने अनुभवी नेता सुदीप रॉय बर्मन, बिहार में कांग्रेस विधायक दल के पूर्व नेता शकील अहमद खान और प्रकाश जोशी को बंगाल में AICC ऑब्जर्वर के तौर पर तैनात किया है ताकि पार्टी की संभावनाओं को बढ़ाया जा सके.

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