ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरे होने पर कांग्रेस ने फिर से सरकार पर साधा निशाना, बोली- पाकिस्तान को लगातार मिल रही 'प्रशंसा'
कांग्रेस पार्टी ने मोदी सरकार पर साधा निशाना, बोली- पाकिस्तान अलग-थलग नहीं पड़ा है.

Published : May 7, 2026 at 10:43 AM IST
नई दिल्ली : सरकार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस ने गुरुवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत द्वारा व्यापक राजनयिक प्रयासों के बावजूद, पाकिस्तान 2008 के मुंबई आतंकी हमले के बाद की तरह अलग-थलग नहीं पड़ा, बल्कि उसे अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठान से प्रशंसा मिली है.
ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर विपक्षी दल ने याद दिलाया कि ऑपरेशन को अप्रत्याशित रूप से रोकने वाले युद्धविराम की पहली घोषणा 10 मई, 2025 को भारतीय समयानुसार शाम 5:37 बजे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने की थी.
संचार प्रभारी कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, "ऑपरेशन सिंदूर के शुभारंभ की पहली वर्षगांठ मनाते हुए और हमारी सशस्त्र सेनाओं की उपलब्धियों को सलाम करते हुए, यह याद रखना उपयोगी होगा: ऑपरेशन सिंदूर को अप्रत्याशित रूप से रोकने वाले युद्धविराम की पहली घोषणा 10 मई, 2025 को भारतीय समयानुसार शाम 5:37 बजे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने की थी, जिन्होंने दावा किया था कि यह राष्ट्रपति ट्रंप के हस्तक्षेप के कारण संभव हुआ था."
रमेश ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा, "अमेरिकी राष्ट्रपति ने विभिन्न देशों में सौ से अधिक बार इस दावे को दोहराया है, लेकिन उनके अच्छे मित्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कभी भी इसका खंडन नहीं किया है."
आज हम ऑपरेशन सिंदूर के लॉन्च की पहली वर्षगांठ मना रहे हैं और अपने सशस्त्र बलों की उपलब्धियों को सलाम कर रहे हैं, ऐसे में निम्नलिखित बातों को याद करना जरूरी है:
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) May 7, 2026
1. ऑपरेशन सिंदूर को अप्रत्याशित रूप से रोकने वाले युद्धविराम की पहली घोषणा 10 मई 2025 को शाम 5:37 बजे अमेरिकी विदेश… pic.twitter.com/HJoUA9QvFF
रमेश ने याद दिलाते हुए बताया कि चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने 30 मई, 2025 को सिंगापुर में एक बयान दिया था. इसमें उन्होंने कहा था कि सामरिक त्रुटियों के कारण भारत को शुरुआती नुकसान उठाना पड़ा, लेकिन समीक्षा और सुधार के बाद, भारत सामरिक गलतियों को समझने और पाकिस्तान के भीतर सटीक हमले करने में सक्षम रहा.
उन्होंने आगे कहा कि 10 जून, 2025 को जकार्ता में एक सेमिनार में, इंडोनेशिया स्थित भारतीय दूतावास के रक्षा अधिकारी ने स्वीकार किया कि भारत ने 7 मई, 2025 को अपने राजनीतिक नेतृत्व द्वारा लगाई गई पाबंदियों के कारण विमानों को खो दिया था.
रमेश ने कहा, “सेना के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल राहुल सिंह ने 4 जुलाई 2025 को एक बयान दिया था, जिसमें उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के जवाब में पाकिस्तान की कार्रवाई में चीन की गहरी भूमिका की ओर विशेष ध्यान दिलाया था. चीन ने महत्वपूर्ण उपकरण और गोला-बारूद के अलावा उपग्रह इमेजरी और वास्तविक समय में लक्ष्यीकरण सहायता सहित लाइव इनपुट भी प्रदान किए थे.”
रमेश ने आरोप लगाया कि इन हालात के बावजूद मोदी सरकार का चीन के सामने सुनियोजित आत्मसमर्पण जारी है, जिसमें लद्दाख में पारंपरिक गश्ती अधिकारों का हनन, रिकॉर्ड चीनी आयात, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश नियमों में ढील आदि शामिल हैं.
कांग्रेस नेता ने कहा, “भारत द्वारा व्यापक राजनयिक प्रयासों के बावजूद, पाकिस्तान नवंबर 2008 के मुंबई आतंकी हमले के बाद की तरह अलग-थलग नहीं पड़ा. इसके विपरीत, जून 2025 से राष्ट्रपति ट्रंप ने उसके सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर का असाधारण रूप से गर्मजोशी से स्वागत किया है और सीमा पार आतंकवाद के विश्व के अग्रणी प्रायोजक, यानी पाकिस्तान को अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठान से प्रशंसा मिली है.”
रमेश ने बताया कि यह भी याद रखना जरूरी है कि जुलाई 1999 में कारगिल युद्ध समाप्त होने के कुछ ही दिनों बाद, वाजपेयी सरकार ने देश के रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञ के. सुब्रह्मण्यम (विदेश मंत्री के पिता) की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कारगिल समीक्षा समिति का गठन किया था. इसका उद्देश्य घटनाक्रम की समीक्षा करना और भविष्य के लिए सिफारिशें देना था. इस समिति ने 7 जनवरी 2000 को "आश्चर्य से परिणाम तक" शीर्षक से अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की.
उन्होंने बताया कि यह रिपोर्ट 23 फरवरी 2000 को संसद में पेश की गई थी.22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में, जिसमें ज्यादातर पर्यटक सहित 26 लोग मारे गए थे, भारत ने पिछले साल 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जिसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में स्थित नौ आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए गए.इस कार्रवाई से पाकिस्तान के साथ तनाव तेजी से बढ़ गया और पाकिस्तान ने जवाबी हमले किए, हालांकि इनमें से अधिकांश को भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया.दोनों पक्षों के सेना अधिकारियों के बीच हॉटलाइन पर हुई बातचीत के बाद 10 मई को सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनने के साथ ही शत्रुता समाप्त हो गई.
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