देश के 230 विश्वविद्यालयों में एडमिशन लेने के लिए बड़ा मौका; जानिए कैसे करें CUET की तैयारी
CUET एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जिसके जरिए देश की सेंट्रल यूनिवर्सिटी, स्टेट यूनिवर्सिटी, डीम्ड यूनिवर्सिटी और प्राइवेट यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया जा सकता है.

Published : February 26, 2026 at 2:43 PM IST
|Updated : February 27, 2026 at 9:17 AM IST
हैदराबाद: देश के 230 विश्वविद्यालयों में एडमिशन लेने के लिए 12वीं की बोर्ड परीक्षा और स्नातक फाइनल ईयर की परीक्षा दे रहे छात्रों के पास बड़ा मौका है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ओर से कराए जाने वाले कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) के जरिए इन विश्वविद्यालयों में अपने पसंदीदा पाठ्यक्रम में दाखिला लिया जा सकता है. CUET 2026 की तारीख NTA ने 11-13 मई घोषित की है. आईए, करियर, एजुकेशन और स्किल डेवलपमेंट के लिए ETV Bharat के 'करियर कनेक्ट' के जरिए हम आपको बताते हैं कि इसकी तैयारी कैसे की जाए.
CUET टॉप यूनिवर्सिटी में एडमिशन का देता प्लेटफॉर्म: सीयूईटी यानी कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जिसके जरिए देश की 48 सेंट्रल यूनिवर्सिटी, 36 स्टेट यूनिवर्सिटी, 26 डीम्ड यूनिवर्सिटी और 113 प्राइवेट यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया जा सकता है.

इनके अलावा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च, नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी, राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम टेक्नोलॉजी जैसे 7 सरकारी इंस्टीट्यूट में भी CUET के स्कोर के आधार पर अंडरग्रेजुएट (UG) और पोस्टग्रेजुएट (PG) कोर्स में एडमिशन लिया जा सकता है.

कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट का क्या होता है पैटर्न: CUET का पेपर कंप्यूटर आधारित (Computer Based Test, CBT) होता है, जिसमें मल्टीपल च्वाइस सवाल (MCQ) होते हैं. परीक्षा में 3 खंड होते हैं. पहला सेक्शन भाषा का होता है. इसमें 13 अलग-अलग भाषाओं में आपको किसी एक लैंग्वेज को चुनना होता है. दूसरा सेक्शन विशिष्ट विषय (Domain Subject) का होता है. इसमें जो विषय 12वीं में पढ़े हैं उनमें से ले सकते हैं. तीसरा सेक्शन सामान्य परीक्षा (General Test) का होता है. परीक्षा में सभी सवाल 12वीं के NCERT सिलेबस पर आधारित होते हैं.

CUET की तैयारी कैसे करें: सीयूईटी की तैयारी के लिए छात्रों को स्पष्ट और केंद्रित योजना बनानी चाहिए. इसमें त्वरित रिव्यू, रोजाना एक फिक्स समय बांधकर अभ्यास करने के साथ मॉक टेस्ट शामिल होने चाहिए. इस तरह से आप पेपर सॉल्व करने की गति और सटीकता पर नियंत्रण कर सकते हैं.
- एनसीईआरटी सिलेबस ध्यान से पढ़ें.
- सिलेबस की इतनी प्रैक्टिस करें कि कोई संदेह न बचे.
- नियमित रूप से मॉक टेस्ट भी देते रहें.
- पिछले सालों के प्रश्नपत्र को हल करना अपनी नियमित योजना में शामिल करें.
- टाइम मैनेजमेंट को कंट्रोल करें. क्योंकि बोर्ड परीक्षा 3 घंटे की होती है और सीयूईटी एक घंटे की.
सीयूईटी में होती है माइनस मार्किंग: CUET में हर विषय में 50-50 सवाल पूछे जाते हैं. सही जवाब के लिए 5 नंबर मिलते हैं, जबकि गलत के लिए एक नंबर काट लिया जाता है. जो सवाल नहीं आता है उसे छोड़ना बेहतर रहेगा. क्योंकि, सवाल छोड़ने पर अंक नहीं कटेंगे. सीयूईटी में 5 पेपर होते हैं. इस हिसाब से पूरा पेपर 250 मार्क्स का होता है. हर विषय के पेपर को सॉल्व करने के लिए 60 मिनट मिलते हैं.

सीयूईटी की कैसे बनती है रैंकिंग: CUET का रिजल्ट पर्सेंटाइल में आता है. जो एक कम्पेरेटिव स्कोर होता है. उदाहरण के लिए यदि किसी बच्चे के एक सब्जेक्ट में 90 पर्सेंटाइल आते हैं तो उस पेपर को पूरे देश में जितने भी बच्चों ने दिया, उनमें से 90 फीसदी उससे पीछे माने जाते हैं. इसका आशय यह है कि 90 पर्सेंटाइल लाने वाला बच्चा टॉप 10 में शामिल हो जाता है.


