कोल इंडिया चेयरमैन ने केंदुआडीह गैस रिसाव प्रभावित क्षेत्र का किया दौरा, कहा- जान बचाने के लिए अस्थाई शिफ्टिंग जरूरी
केंदुआडीह गैस रिसाव को लेकर कोल इंडिया के चेयरमैन ने प्रभावित इलाके का दौरा किया. उन्होंने अस्थायी विस्थापन की बात कही

Published : December 10, 2025 at 4:29 PM IST
धनबाद: केंदुआडीह क्षेत्र में जहरीली गैस रिसाव की स्थिति को लेकर कोल इंडिया के चेयरमैन सनोज कुमार झा धनबाद के केंदुआडीह पहुंचे. उन्होंने पूरे प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने गैस रिसाव को अत्यंत गंभीर बताया. साथ ही उन्होंने कहा कि जान बचाने के लिए लोगों का अस्थायी तौर पर विस्थापन होना बहुत जरूरी है.
कोल इंडिया के चेयरमैन सनोज कुमार झा ने अधिकारियों को साथ लेकर पूरे प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया. इस दौरान बीसीसीएल की ओर से चलाए जा रहे राहत और बचाव कार्यों के बारे में विस्तृत जानकारी ली. कोल इंडिया के चेयरमैन ने केंदुआडीह क्षेत्र की वर्तमान स्थिति पर अधिकारियों को कई जरूरी दिशा निर्देश दिए हैं.
लोगों का हटना ही एक मात्र उपाय है: कोल इंडिया चेयरमैन
कोल इंडिया चेयरमैन ने कहा कि मौजूदा स्थिति अच्छी नहीं है. गैस का लेवल सामान्य से कहीं अधिक है. कुछ जगहों पर कार्बन मोनोऑक्साइड गैस की मात्रा यानी PPM 2000 तक है. ऐसे में फिलहाल सबसे बड़ा और जरूरी कदम यह है कि प्रभावित क्षेत्र के लोगों को अस्थायी रूप से सुरक्षित स्थान पर जाना चाहिए. जिससे कि उनकी जान बचाई जा सके. चेयरमैन ने कहा कि मौजूदा खतरे को देखते हुए अभी यहां से हटना ही एकमात्र उपाय है.

अस्थायी रूप से विस्थापित होने पर लोगों में बनी सहमति
कोल इंडिया चेयरमैन के दौरे के बाद केंदुआडीह प्रभावित क्षेत्र के लोगों में एक उम्मीद जगी है. स्थानीय पार्षद प्रतिनिधि ने बताया कि चेयरमैन ने आश्वस्त किया है कि गैस रिसाव को बंद किए जाने को लेकर सारे प्रयास हो रहे हैं. उन्होंने विस्थापन जैसी कोई बात नहीं कही है. उन्होंने कहा कि चेयरमैन ने राहत शिविरों में जाने की अपील की है और इसे लेकर स्थानीय लोगों में भी सहमति बनी है.

प्रभावित लोगों को शिविरों में रहने, खाने और इलाज की मिलेगी व्यवस्था
कोल इंडिया चेयरमैन ने यह भरोसा दिलाया है कि प्रभावित क्षेत्र के लोगों के लिए राहत शिविरों में खाने, रहने और चिकित्सा की पूरी व्यवस्था की गई है. राहत केंद्रों में सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. गैस निकासी और तकनीकी समाधान को लेकर प्रयास जारी है. लेकिन इसमें समय लग सकता है. अधिकारी यह भी दावा कर रहे हैं कि पूरे मामले की गहन तकनीकी जांच की जा रही है. इसके साथ ही देश की नामी और विशेषज्ञ एजेंसियां इस कार्य में लगी हुई हैं. अल्पकालीन एवं दीर्घकालीन दोनों स्तरों पर समाधान की योजना तैयार की जा रही है.
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