तारातला हादसे के बाद शुभेंदु अधिकारी का बड़ा ऐलान: आपदा प्रबंधन के लिए भर्ती होंगे 200 'अग्निवीर' युवा
तारातला गोदाम हादसे के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अवैध निर्माण और रिश्वतखोरी के खिलाफ जंग छेड़ दी है. जानिए पूरी रिपोर्ट.


Published : June 26, 2026 at 7:16 PM IST
|Updated : June 26, 2026 at 7:23 PM IST
कोलकाताः तारातला में गोदाम ढहने (warehouse collapse) की घटना के बाद, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अवैध निर्माण और बिल्डिंग प्लान पास करने के एवज में रिश्वत मांगने की प्रथा के खिलाफ सख्त चेतावनी जारी की है. उन्होंने कहा कि यदि नगर निकाय क्षेत्रों में बिल्डिंग प्लान की मंजूरी को लेकर कोई भी पैसों की मांग करता है या दबाव डालता है, तो स्थानीय पुलिस स्टेशन जाकर प्राथमिकी दर्ज कराएं.
शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने कोलकाता लोक निर्माण विभाग (PWD) के टेंट में राज्य प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की. नगर विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल इस बैठक में वर्चुअली शामिल हुईं. इसके अलावा अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश पांडे, कोलकाता पुलिस कमिश्नर अजय नंदा, केएमसी (KMC) कमिश्नर स्मिता पांडे और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे.
मुख्यमंत्री ने कहा, "एनडीआरएफ का बचाव अभियान जारी है और अन्य लोग भी उनकी मदद कर रहे हैं. अगर मौसम ठीक रहा, तो आज रात तक बचाव और उससे जुड़े कामों को पूरा कर लिया जाना संभव होना चाहिए."
अवैध निर्माणों का निरीक्षण
मुख्यमंत्री ने शहर भर में बेतरतीब ढंग से खड़े हो रहे अवैध निर्माणों की समस्या से निपटने के लिए 31 जुलाई तक 'विशेष ऑडिट' या निरीक्षण करने का आदेश दिया है. कोलकाता नगर निगम के तहत आने वाले क्षेत्रों के अलावा, बिधाननगर नगर निगम (राजारहाट-न्यू टाउन और एनकेडीए ज़ोन सहित), पुजाली, बारुईपुर, महेशतला और राजपुर-सोनारपुर के साथ-साथ अब इस ऑडिट में दक्षिण दमदम, कमरहाटी और बारानगर को भी शामिल किया जाएगा. आईआईटी खड़गपुर और राइट्स (RITES) जैसे संगठनों को भी इस समिति में शामिल किया गया है.
'हाई-राइज' की परिभाषा और छूट
मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि जी+5 (ग्राउंड प्लस पांच मंजिल) या उससे अधिक ऊंचाई वाले आवासीय भवनों को 'हाई-राइज' (बहुमंजिला इमारत) माना जाएगा. सरकारी योजनाओं, रेलवे, मेट्रो, बंदरगाहों और राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ी निर्माण परियोजनाओं को इस विशेष ऑडिट के दायरे से बाहर रखा गया है. इसके अलावा, सामान्य आवासीय भवनों की मरम्मत या बालकनी और रसोई बनाने जैसे रोजमर्रा के काम इस ऑडिट के तहत नहीं आएंगे.
वर्तमान में निर्माणाधीन हाई-राइज और व्यावसायिक इमारतों के डिजाइन, सॉयल टेस्ट रिपोर्ट और कानूनी वैधता की बारीकी से जांच की जाएगी. इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने बिल्डिंग ऑडिट कमेटी को निर्देश दिया है कि वे अगले 90 दिनों के भीतर हाई-राइज इमारतों में फायर सेफ्टी सिस्टम और तड़ित चालक की कार्यक्षमता की जांच के लिए एक विशेष ऑडिट करें.
तारातला हादसे के बाद डिज़ाइनर ब्लैकलिस्ट
मुख्यमंत्री ने बताया कि घटना में शामिल प्रमोटर और ब्रोकर सहित कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इसके साथ ही, कोलकाता नगर निगम (KMC) इमारत का डिज़ाइन तैयार करने वाले आर्किटेक्ट और प्लानर को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई कर रहा है. यह सख्त कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि साइट पर निर्माण कार्य की निगरानी में पूरी तरह से लापरवाही बरती गई थी. मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया, "इस घटना के पीछे मौजूद हर व्यक्ति के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी."
बनेगा विशेष आपदा प्रबंधन बल
बचाव अभियानों को लेकर राज्य की बुनियादी ढांचे की कमियों पर बात करते हुए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अगले दो महीनों के भीतर नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफेंस) और आपदा प्रबंधन के लिए एक विशेष रैपिड रिस्पांस टीम बनाने की घोषणा की. जिसमें 200 'अग्निवीर' युवाओं को शामिल किया जाएगा. इन कर्मियों में से 100 को कोलकाता में, 50 को सुंदरवन में और बाकी 50 को पहाड़ी क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा.
इस बुनियादी ढांचे के विकास और आधुनिकीकरण के लिए राज्य के बजट में ₹200 करोड़ की राशि आवंटित की गई है, और उन्होंने आगामी दुर्गा पूजा से पहले पूरे सिस्टम को अत्याधुनिक मशीनों से लैस करने का संकल्प लिया है.
बता दें कि पश्चिम कोलकाता के तारातला इलाके में बुधवार दोपहर को एक निर्माणाधीन गोदाम ढह गया. इस हादसे में अब तक 16 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. पुलिस अभी तक मृतकों की पहचान नहीं कर पाई है. बचाव दल को आशंका है कि मलबे के नीचे अभी भी कई और लोग फंसे हो सकते हैं.
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