दिल्ली की सड़कों पर फिर लौटा डबल डेकर बस का रोमांच, सीएम रेखा गुप्ता ने दिखाई हरी झंडी
दिल्ली की सड़कों पर 40 साल बाद डबल डेकर बस वापस लौट आई है. जानें क्या है किराया व अन्य जानकारी..

Published : February 27, 2026 at 8:23 PM IST
नई दिल्ली: दिल्ली की सड़कों पर करीब 40 साल बाद एक बार फिर 'डबल डेकर' बसों का दौर लौट आया है. शुक्रवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विजय चौक से इस अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक डबल डेकर बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. यह पहल न सिर्फ राजधानी के पर्यटन को एक नई ऊंचाई देगी, बल्कि दिल्ली की पुरानी यादों को भी ताजा कर देगी. साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा.
यादों के गलियारे से आधुनिक सफर तक: 80 के दशक तक दिल्ली की सड़कों पर लाल रंग की सुविधा डबल डेकर बसें आम थीं. हालांकि, समय के साथ संकरी गलियों और बढ़ते ट्रैफिक के कारण इन्हें हटा दिया गया था. अब वर्ष 2026 में ये बसें पूरी तरह इलेक्ट्रिक अवतार में वापस आई हैं. ये बसें प्रदूषण मुक्त हैं और इनमें शोर नाममात्र का है. नई बस की लंबाई 9.8 मीटर और ऊंचाई 4.75 मीटर है, जिसमें एक साथ 63 यात्री सफर कर सकते हैं.
खुली छत व हेरिटेज टूर: इस नई बस की सबसे बड़ी खासियत इनका 'ओपन-टॉप' (खुली छत) डिजाइन है. ऊपरी डेक पर बैठकर यात्री बिना किसी बाधा के दिल्ली के ऐतिहासिक स्मारकों का दीदार कर सकते हैं. ये सेवा विशेष रूप से 'हेरिटेज सर्किट' के लिए डिजाइन की गई है. यह सफर प्रधानमंत्री संग्रहालय से शुरू होकर लुटियंस यानी दिल्ली के दिल से गुजरता है. रास्ते में यात्री इन प्रमुख स्थलों को देख सकेंगे. राष्ट्रीय समर स्मारक, भारत मंडपम, नया संसद भवन परिसर, कर्तव्य पथ और इंडिया गेट, दिल्ली हाट तक का इस बस का रूट होगा. पर्यटकों की सुविधा के लिए इन बसों में एक लाइव गाइड भी मौजूद रहेगा, जो सफर के दौरान स्मारकों के इतिहास और उनसे जुड़ी रोचक कहानियां सुनाएगा.
दिल्ली अपनी पुरानी यादों के साथ एक नई शुरुआत कर रही है। करीब 40 साल बाद डबल डेकर बस अब इलेक्ट्रिक अवतार में फिर से सड़कों पर लौट आई है।
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) February 27, 2026
आज “देखो मेरी दिल्ली” डबल डेकर ई-बस को रफी मार्ग से फ्लैग ऑफ किया। यह कदम विरासत और आधुनिकता को साथ लेकर चलने का प्रयास है। यह इको-फ्रेंडली बस… pic.twitter.com/6XcknSzdkN
जानिया कितना होगा किराया: टिकटों की बुकिंग के लिए एक समर्पित ऐप और फिजिकल काउंटर दोनों की सुविधा दी गई है. वयस्क के लिए 500 रुपये और बच्चे (6-12 वर्ष) के लिए 300 रुपये का टिकट निर्धारित किया गया है. शाम के समय (रात 8 बजे के बाद) इन बसों का आकर्षण और बढ़ जाएगा, जब 'लाइट-एंड-साउंड शो' के साथ दिल्ली की रोशनी का नजारा ऊपर से दिखाई देगा.
चुनौतियां व भविष्य की योजना: इन बस का संचालन फिलहाल केवल लुटियंस दिल्ली और चौड़ी सड़कों वाले इलाकों तक सीमित रखा गया है. अधिकारियों के मुताबिक, पेड़ों की टहनियां व लटकते बिजली के तार बड़ी बसों के लिए चुनौती बन सकते हैं, इसलिए रूट का चयन काफी सावधानी से किया गया है. भविष्य में सरकार की योजना 'हॉप-ऑन, हॉप-ऑफ' मॉडल लागू करने की है, जिससे पर्यटक अपनी पसंद के पड़ाव पर उतरकर घूम सकें और फिर अगली बस पकड़ सकें. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उद्घाटन के अवसर पर कहा कि यह सिर्फ एक बस सेवा नहीं, बल्कि दिल्ली की विरासत व आधुनिक तकनीक का मेल है. हम चाहते हैं कि हर पर्यटक दिल्ली को एक नए नजरिए से देखे.
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