ETV Bharat / bharat

अंकिता भंडारी मर्डर केस की होगी CBI जांच, सीएम धामी ने दी मंजूरी

उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच की संस्तुति हो गई है. सीएम धामी ने यह संस्तुति दी है.

ANKITA BHANDARI
दिवंगत अंकिता भंडारी (फाइल फोटो- X@UKGaneshGodiyal)
author img

By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : January 9, 2026 at 5:52 PM IST

|

Updated : January 9, 2026 at 5:59 PM IST

7 Min Read
Choose ETV Bharat

देहरादून: आखिरकार बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में सीएम धामी ने सीबीआई जांच की संस्तुति दे दी है. ऐसे में अब अंकिता प्रकरण की तह तक जांच होने और उसे न्याय मिलने की उम्मीद है. सीएम धामी का कहना है कि अंकिता भंडारी के माता–पिता की अनुरोध व उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए प्रकरण की सीबीआई जांच कराए जाने की संस्तुति प्रदान की गई है.

अंकिता मर्डर केस की होगी सीबीआई जांच: उत्तराखंड में अंकिता भंडारी मामले पर लगातार हो रही सियासत के बीच धामी सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है. सीएम धामी ने शुक्रवार यानी 9 जनवरी को अंकिता भंडारी मामले में सीबीआई यानी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो जांच को मंजूरी दे दी है.

दरअसल, कुछ दिन पहले अंकित भंडारी के माता-पिता ने सीएम धामी से मुलाकात कर सीबीआई (CBI) जांच की मांग की थी. जिस पर सीएम धामी ने कहा था कि जल्द ही उनकी मांगों के अनुरूप राज्य सरकार फैसला लेगी. जिसके तहत अब राज्य सरकार ने सीबीआई जांच कराए जाने पर अपनी सहमति जता दी है.

क्या बोले सीएम धामी? सीएम धामी का कहना है कि सरकार का उद्देश्य शुरू से आखिर तक निष्पक्ष, पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से न्याय सुनिश्चित करना रहा है. अंकिता भंडारी के साथ हुई इस हृदयविदारक घटना की जानकारी मिलते ही राज्य सरकार ने बिना किसी देरी के पूरी संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ कार्रवाई की.

मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया. इस प्रकरण से जुड़े सभी आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया गया. साथ ही राज्य सरकार की ओर से प्रभावी एवं सशक्त पैरवी सुनिश्चित की गई.

ANKITA BHANDARI MURDER CASE
अंकिता भंडारी मर्डर केस डायरी (फोटो- ETV Bharat GFX)

उसका ही नतीजा है कि विवेचना और ट्रायल के दौरान किसी भी आरोपी को जमानत नहीं मिल सकी. एसआईटी की ओर से गहन विवेचना के बाद आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई और निचली अदालत की सुनवाई पूरी होने पर तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई.

किसी भी तथ्य या साक्ष्य की नहीं होगी अनदेखी: सीएम धामी ने कहा कि हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही कुछ ऑडियो क्लिप्स के संबंध में भी अलग–अलग एफआईआर दर्ज की गई है, जिन पर जांच की प्रक्रिया जारी है. उन्होंने ये भी कहा कि सरकार की मंशा पूरी तरह स्पष्ट है कि किसी भी तथ्य या साक्ष्य की अनदेखी नहीं की जाएगी.

ANKITA BHANDARI MURDER CASE
अंकिता भंडारी मर्डर केस डायरी (फोटो- ETV Bharat GFX)

सीएम धामी ने कहा कि हाल ही में उन्होंने खुद अंकिता भंडारी के माता-पिता से मुलाकात की थी. जिसमें बातचीत के दौरान उन्होंने मामले की सीबीआई जांच कराए जाने का अनुरोध किया था. उनके इस अनुरोध और उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए राज्य सरकार ने इस प्रकरण की सीबीआई से जांच कराने का निर्णय लिया है.

उर्मिला सनावर के वीडियो से उछला अंकिता मर्डर केस: दरअसल, बीजेपी से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी का दावा करने वाली अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने तमाम ऑडियो और वीडियो जारी किए थे. जिसमें कथित तौर वीआईपी का भी जिक्र होने की बात कही गई. वीडियो सामने आने के बाद अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले ने एकाएक तूल पकड़ लिया और लोग सड़कों पर उतर आए. जगह-जगह प्रदर्शन हुए और सीएम आवास तक कूच हुआ.

ANKITA BHANDARI MURDER CASE
अंकिता भंडारी मर्डर केस डायरी (फोटो- ETV Bharat GFX)

पिछले 15 से 20 दिनों तक प्रदेश भर में चले राजनीतिक घमासान के बाद अब उत्तराखंड सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है. जिसमें मुख्य रूप से विपक्षी दल कांग्रेस के साथ ही तमाम सामाजिक संगठन और खुद अंकिता के माता-पिता सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे, लेकिन प्रदेश भर में लगातार हो रहे राजनीतिक घमासान के बीच धामी सरकार ने आखिरकार सीबीआई जांच को संस्तुति दे दी है.

हालांकि, उत्तराखंड में मचे राजनीतिक घमासान के बीच 6 जनवरी को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रेस वार्ता को संबोधित किया था और उस दौरान सीएम धामी ने इस बात को कहा था कि वो जल्द ही अंकिता भंडारी के माता-पिता से मुलाकात करेंगे और उनकी मंशा को जानेंगे. उसके बाद तमाम कानूनी पहलुओं को देखते हुए सीबीआई जांच की दिशा में सरकार आगे बढ़ेगी.

ANKITA BHANDARI MURDER Accused
अंकिता हत्याकांड के दोषी (फाइल फोटो- Police)

ऐसे में प्रेसवार्ता के अगले दिन ही यानी 7 जनवरी को मुख्यमंत्री धामी ने अंकिता भंडारी के माता-पिता से मुलाकात की थी. उस दौरान अंकिता के माता-पिता ने सीबीआई जांच के साथ ही वीआईपी के नाम के खुलासे की मांग की थी. जिसके क्रम में मुख्यमंत्री धामी ने 9 जनवरी को सीबीआई जांच की मंजूरी दे दी है.

सीबीआई जांच की संस्तुति पर कांग्रेस ने रखी अब ये मांग: अंकिता भंडारी मामले की सीबीआई जांच कराए जाने के निर्णय पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि राज्य सरकार ने सीबीआई जांच की मांग को मानकर यह साबित कर दिया है कि अतीत में सरकार ने गलतियां की हैं. सीबीआई जांच को मंजूरी मिलना, तमाम लोगों के संघर्ष का परिणाम है, जो सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे.

उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच को मंजूरी मिलना अंकिता भंडारी के माता-पिता के सब्र और संघर्ष का परिणाम है. साथ ही कहा अभी ये देखना बाकी है कि सीबीआई जांच, सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के न्यायाधीश की निगरानी में होगी या नहीं? क्योंकि यह देखना काफी महत्वपूर्ण है. जबकि, कांग्रेस की मांग है कि यह सीबीआई जांच सुप्रीम कोर्ट या फिर हाई कोर्ट के न्यायाधीश की निगरानी में होनी चाहिए.

Vanantra Resort
इसी रिजॉर्ट में जॉब करती थी अंकिता भंडारी (फाइल फोटो- ETV Bharat)

अंकिता भंडारी मर्डर केस को जानिए: पौड़ी जिले के श्रीकोट डोभ गांव की रहने 19 साल की अंकिता भंडारी यमकेश्वर ब्लॉक के गंगा भोगपुर स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में बतौर रिसेप्शनिस्ट की नौकरी करती थी. यह उसकी पहली नौकरी थी, लेकिन नौकरी के दौरान 18 सितंबर 2022 को अचानक अंकिता लापता हो गई. वहीं, अंकिता के लापता होने की जानकारी रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य ने उसके परिजनों को दी.

इसके बाद मामला पहले राजस्व पुलिस के पास गया, फिर केस को रेगुलर पुलिस को ट्रांसफर किया गया. वहीं, पुलिस ने मामले में जांच करते हुए वनंत्रा रिसॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य उसके दोस्त अंकित गुप्ता और मैनेजर सौरभ भास्कर पर अंकिता के लापता होने पर शक जताया था. जब पुलिस ने उनसे सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने अंकिता भंडारी की हत्या करने की बात कबूली थी.

Vanantra Resort
वनंत्रा रिजॉर्ट का गेस्ट रूम (फाइल फोटो- ETV Bharat)

आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने 18 सितंबर की रात अंकिता भंडारी को चीला बैराज की नहर में धक्का दे दिया था. जिसका शव 24 सितंबर 2022 को अंकिता का शव नहर से बरामद हुआ था. अंकिता का शव मिलने और हत्या की बात सामने आते ही पूरे प्रदेश में बवाल शुरू हो गया. प्रदेशभर में प्रदर्शन हुए और न्याय की मांग उठाई गई. आखिरकार 30 मई 2025 को तीनों आरोपियों को कोर्ट ने दोषी माना और उम्र कैद की सजा सुनाई.

ये भी पढ़ें-

Last Updated : January 9, 2026 at 5:59 PM IST