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असम चुनाव: सीएम सरमा ने की BJP-AGP गठबंधन की पुष्टि, SR पर विपक्ष को दिया जवाब

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि भाजपा किन सीटों पर चुनाव नहीं लड़ेगी. यह 15 फरवरी तक तय कर लिया जाएगा.

CM Himanta Biswa Sarma Reaffirms BJP-AGP Alliance for upcoming assam assembly election 2026
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (IANS)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : January 8, 2026 at 7:07 PM IST

3 Min Read
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लखीमपुर (असम): मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को आगामी विधानसभा चुनाव में असम गण परिषद (AGP) के साथ BJP की साझेदारी जारी रहने की पुष्टि की. उन्होंने कहा कि इस क्षेत्रीय पार्टी को गठबंधन में पूरा सम्मान मिलता है और सीट-बंटवारे को लेकर उस पर कोई दबाव नहीं है. उन्होंने कहा, "हम AGP का सम्मान करते हैं. उन पर बिल्कुल कोई दबाव नहीं है. वे जहां चाहें वहां से चुनाव लड़ने के लिए आजाद हैं."

उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा 15 फरवरी तक तय कर लेगी कि वह किन सीटों पर चुनाव नहीं लड़ेगी. उन्होंने कहा, "भाजपा किन सीटों पर चुनाव नहीं लड़ेगी, यह 15 फरवरी तक तय कर लिया जाएगा. अगर AGP और सीटों पर उम्मीदवार उतारती है, तो मुकाबला दोस्ताना होगा."

विधानसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट के स्पेशल रिवीजन (SR) पर अपनी बात दोहराते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि यह काम सख्ती से और बिना किसी राजनीतिक दबाव के किया जाएगा.

कांग्रेस और रायजोर दल जैसी विपक्षी पार्टियों ने आरोप लगाया है कि भाजपा उन मतदाताओं के नाम ढूंढकर वोटर लिस्ट से हटाने की योजना बना रही है जो पारंपरिक रूप से भगवा पार्टी को वोट नहीं देते हैं. साथ ही विपक्षी दलों ने सत्तारूढ़ भाजपा पर वोट चोरी का आरोप लगाया है.

लखीमपुर में मीडिया से बात करते हुए सीएम सरमा ने इन आरोपों को "पूरी तरह से निराधार" बताया और कहा कि अखिल गोगोई, जिन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया के खिलाफ गलत काम करने के आरोप लगाए थे, को ऐसे कामों के लिए बेवजह अहमियत नहीं दी जानी चाहिए. सरमा ने कहा, "वोटर लिस्ट में संदिग्ध नाम ढूंढना और आपत्ति उठाना अधिकार के दायरे में आता है."

संदिग्ध वोटर पर आपत्ति दर्ज कराना सभी का अधिकार
सीएम सरमा ने कहा कि उन्होंने बूथ लेवल एजेंट्स (BLAs) को साफ निर्देश दिए हैं कि वे पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान किसी भी संदिग्ध वोटर के खिलाफ आपत्ति उठाएं. उन्होंने कहा, "मैंने खुद यह खुले तौर पर कहा है- जितने हो सकें उतने संदिग्ध लोगों के खिलाफ शिकायत करें."

मुख्यमंत्री सरमा ने जोर देकर कहा कि आपत्ति दर्ज करने का अधिकार किसी एक पार्टी तक सीमित नहीं है और यह सभी राजनीतिक हितधारकों पर एक जैसा लागू होता है. उन्होंने कहा, "मैंने BLAs को निर्देश दिया है कि अगर उन्हें कोई संदिग्ध नाम मिले तो वे शिकायत करें. यह आजादी सिर्फ भाजपा के लिए नहीं है. कांग्रेस और अन्य सभी दलों को भी यही अधिकार है."

शुद्ध वोटर लिस्ट को जरूरी बताते हुए सीएम सरमा ने कहा कि असम में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बचाने के लिए स्पेशल रिवीजन जरूरी है. उन्होंने कहा, "असम के भविष्य के लिए एक सही और असली वोटर लिस्ट सुनिश्चित करना जरूरी है. इस प्रक्रिया में कोई कमी नहीं आएगी."

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