ETV Bharat / bharat

CJP protest 15th day: भूख हड़ताल के सातवें दिन बिगड़ी सोनम वांगचुक की सेहत, 5 किलो से ज्यादा घटा वजन

कॉकरोच जनता पार्टी का धरना शनिवार को 15वें दिन जारी है. वहीं, भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक का वजन पांच किलो घट गया है.

Sonam Wangchuk hunger strike
बिगड़ी सोनम वांगचुक की सेहत, 5 किलो से ज्यादा घटा वजन (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Delhi Team

Published : July 4, 2026 at 10:21 AM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' का धरना शनिवार को 15वें दिन में प्रवेश कर गया है. वहीं, आंदोलन के समर्थन में सात दिन से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक की तबियत बिगड़ गई है.

ताजा स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार, उनका वजन पांच किलोग्राम से अधिक घट चुका है. डॉक्टरों ने बताया कि उनका ब्लड प्रेशर लगातार कम हो रहा है और ब्लड शुगर का स्तर भी गिरा है, जिसके चलते उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. हालांकि मेडिकल टीम नियमित जांच कर रही है और जरूरी स्वास्थ्य परीक्षण किए जा रहे हैं. अभिजीत दीपके ने कहा कि जब तक हमारी मांगों पर सरकार की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनकी भूख हड़ताल जारी रहेगी. इस बीच समर्थक लगातार जंतर-मंतर पहुंचकर आंदोलन के प्रति अपना समर्थन और एकजुटता जता रहे हैं.

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी कर रहे हजारों अभ्यर्थियों की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की पहल अब जंतर-मंतर से तेज होती नजर आ रही है. इस क्रम में आंदोलन के आयोजक शनिवार शाम 7 बजे UPSC अभ्यर्थियों के साथ संवाद करेंगे, जिसमें अभिजीत दीपके खुद छात्रों से मुलाकात करेंगे. आयोजकों का कहना है कि आंदोलन की शुरुआत से ही बड़ी संख्या में UPSC अभ्यर्थी जंतर-मंतर पहुंच रहे हैं. यहां छात्र अपनी तैयारी के दौरान आने वाली चुनौतियों, परीक्षा प्रक्रिया, आर्थिक दबाव, मानसिक तनाव और अन्य समस्याओं को खुलकर साझा कर रहे हैं. इन मुद्दों को केवल व्यक्तिगत परेशानी मानकर नहीं छोड़ा जा सकता, बल्कि इन्हें नीति-निर्माताओं तक पहुंचाने की जरूरत है. इसी उद्देश्य से छात्रों के लिए खुला संवाद किया जाएगा.

शनिवार शाम 7 बजे होगा सीधा संवाद

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि आंदोलन के पहले दिन से UPSC अभ्यर्थी लगातार अपनी समस्याएं साझा कर रहे हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए शनिवार शाम 7 बजे ओल्ड राजेंद्र नगर पहुंचकर छात्रों से सीधे संवाद करूंगा. आयोजकों के अनुसार, इस संवाद में अभ्यर्थी खुलकर अपने सुझाव और अनुभव साझा करेंगे, जिससे उनकी आवाज को व्यापक स्तर पर उठाया जा सके.

युवाओं का बढ़ता समर्थन

जंतर-मंतर पर रोजाना विभिन्न राज्यों से छात्र, युवा और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि पहुंचकर आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह केवल एक संगठन का आंदोलन नहीं, बल्कि युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों छात्रों की चिंताओं को सामने लाने का प्रयास है. सोशल मीडिया पर भी इस संवाद कार्यक्रम को लेकर छात्रों में उत्साह देखा जा रहा है. आयोजकों ने कहा है कि जब तक प्रमुख मांगों पर ठोस पहल नहीं होती, तब तक आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा. आने वाले दिनों में छात्रों, शिक्षाविदों और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों के साथ भी संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.

इसे भी पढ़ें