CJP के संस्थापकों की राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं हैं, वे संत नहीं : सोनम वांगचुक
वांगचुक ने कहा कि उन्होंने सीजेपी संस्थापक सदस्यों से कहा कि भविष्य में राजनीतिक महत्वाकांक्षा के बावजूद छात्र आंदोलन को राजनीतिक एजेंडे से मुक्त रखें.

Published : August 30, 2026 at 6:17 PM IST
हैदराबाद : एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने सीजेपी के संस्थापक सदस्यों के राजनीति में आने पर कहा कि वह कोई संत नहीं है. उन्हें यकीन है कि उनकी कुछ न कुछ राजनीतिक महत्वाकांक्षा है, जो कोई बुरी बात नहीं है. वांगचुक ने उक्त बातें एक पॉडकास्ट में कहीं.
वांगचुक ने कहा, "जहां तक उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं की बात है, मुझे लगता है कि उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं हैं. मैंने उन्हें काफी करीब से देखा है, और मेरा मानना है कि उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं जरूर हैं. और शायद इसमें कुछ गलत भी नहीं है. उन्होंने मुझे नहीं बताया कि उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं हैं. यह मेरा उनके बारे में आकलन है. वे संत नहीं हैं जिन्हें इससे कुछ नहीं चाहिए.मुझे यकीन है कि राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं हैं. इसमें कुछ गलत नहीं है.'
Sonam wangchuk sir described briefly...... pic.twitter.com/C8sKimRjFf
— Cockroaches of India (@CJP_for_India) August 30, 2026
उन्होंने जोर देकर कहा कि राजनीतिक महत्वाकांक्षा रखना गलत नहीं है. वह चाहेंगे कि ज्यादा युवा नेता राजनीतिक पार्टियों से जुड़ें या अपनी खुद की पार्टी बनाएं.
59 साल के इस नेता ने कहा कि जब वह स्टूडेंट मूवमेंट में शामिल हुए, तो कई आलोचकों ने उनसे कहा कि सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दिपके आम आदमी पार्टी से आए हैं, लेकिन इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ा क्योंकि अतीत में किसी राजनीतिक पार्टी के साथ काम करने में कुछ भी गलत नहीं है.
वांगचुक ने कहा कि दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका के साथ मिलकर शिक्षामंत्री के तौर पर धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग को लेकर करीब दो महीने तक चले प्रदर्शन में काम किया था. हालांकि भविष्य में उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं हो सकती हैं. लेकिन अभी उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इस मंच का प्रयोग किसी पार्टी के राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए न किया जाए.
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