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नाले में उतरकर उज्ज्वल भविष्य बना रहे पहाड़िया बच्चे, हर दिन मौत से होता है सामना

पाकुड़ के नित्यानंदपुर में पुलिया और रास्ता नहीं होने से बच्चे ओवरफ्लो चेकडैम पार कर स्कूल जाने के लिए विवश हैं.

PAKUR CHEK DAM
ग्राफिक्स इमेज (ईटीवी भारत)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : August 26, 2026 at 9:10 PM IST

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पाकुड़: बच्चे देश के भविष्य हैं, लेकिन देश के इन भविष्यों का बचपन किस कदर परेशान है, झारखंड के पाकुड़ जिले के नित्यानंदपुर गांव में दिखता है. पहाड़िया आदिवासी मासूम बच्चे हर दिन अपनी जान हथेली पर रखकर स्कूल जाते हैं. बरसात में उफनते नाले के चेकडैम पर फिसलन भरे रास्ते से गुजरना उनकी मजबूरी बन चुकी है. यहां न सड़क है और न ही पुलिया.

शासन और प्रशासन की नजर इस इलाके पर कभी नहीं पड़ी. जिस कारण न तो कभी सड़क बन पायी और न ही पुलिया. यह इलाका महेशपुर विधानसभा क्षेत्र में आता है, जिसका प्रतिनिधित्व झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायक प्रो स्टीफन मरांडी करते हैं और इसे झामुमो का गढ़ भी कहा जाता है.

पाकुड़ में बच्चों की मजबूरी (ईटीवी भारत)

प्रतिदिन नाला पार कर स्कूल पहुंचते हैं बच्चे

भारी बारिश के कारण इस नाले में पानी भर गया और अब चैकडेम के उपर से पानी बह रहा है और बच्चे प्रतिदिन इसके उपर से आना जाना कर रहे हैं. इस चैकडेम से सिर्फ बच्चे ही नहीं बल्कि शिक्षक-शिक्षिका भी आना जाना करते हैं. स्कूली बच्चों का कहना है कि उन्हें वर्षा के मौसम में चैकडेम पार करने में काफी डर लगता है. विद्यालय जाकर पढ़ाई भी करना है और दूसरा कोई रास्ता भी नहीं है.

हमेशा चेकडैम पर रखना पड़ता है नजर: शिक्षक

स्कूल के शिक्षक हारून मंडल का कहना है कि नाला काफी गहरा है और वर्षा के मौसम में पानी से भरा रहता है और बच्चों के स्कूल आने और जाने के दौरान हमेशा डर लगा रहता है कि कोई दुर्घटना न घट जाए. शिक्षक ने बताया कि पूर्व में दो बच्चा पानी में गिर गया था और उसे किसी तरह निकाला गया था. शिक्षक ने बताया कि विद्यालय खोलने व बंद करने के पूर्व हमें चैकडेम के निकट रहना पड़ता है, यह देखने के लिए विद्यार्थी सही से डेम पार किेए या नहीं.

PAKUR CHEK DAM
चेकडैम पार करते बच्चे व शिक्षिका (ईटीवी भारत)

शिक्षक ने बताया कि नित्यानंदपुर गांव व विद्यालय तक पहुंचने के लिए सड़क व पुलिया की आवश्यकता है और इसको लेकर वरीय अधिकारियों को पत्राचार किया गया है. उन्होंने बताया कि उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय नित्यानंदपुर में 38 बच्चे नामांकित हैं और प्रतिदिन 30 से 32 बच्चे पढ़ने आते हैं. विद्यालय में पास के ही सोनापुर पहाड़िया टोला, प्रमाणिक टोला, नित्यानंदपुर एवं ठाकुर टोला के बच्चे नामांकित हैं. जिसमें से सोनापुर पहाड़िया टोला, सोनापुर प्रमाणिक टोला के बच्चे चैकडेम पार कर विद्यालय पहुंचते हैं.

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नाला पार कर स्कूल जाते मासूम बच्चे (ईटीवी भारत)

सड़क और पुलिया के लिए डीपीआर भेजा गया है: बीडीओ

इस मामले को लेकर महेशपुर प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ सिद्धार्थ शंकर यादव ने बताया कि नित्यानंदपुर गांव में सड़क एवं पुलिया नहीं रहने के कारण ग्रामीणों सहित स्कूली बच्चों को दिक्कतों का सामना करने का मामला संज्ञान में आते ही सड़क व पुलिया का निर्माण हो इसको लेकर आरसीडी के अभियंता से चर्चा हुई है. साथ ही प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत सड़क और पुलिया निर्माण हो, इसके लिए डीपीआर भेजा गया है. स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा.

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